
प्रतीकात्मक तस्वीर...
नई दिल्ली:
बहुत कम बार आपने ऐसा देखा होगा कि जीत के बाद जब कप्तान ने पिच की तारीफ की हो, लेकिन कल एक नहीं बल्कि एक कप्तान और एक पूर्व कप्तान ने पुणे की पिच की काफी तारीफ करते हुए क्यूरेटर को ऐसी पिच बनाने के लिए धन्यवाद दिया। आप तो समझ गए होंगे कि इस पिच की तारीफ महेंद्र सिंह धोनी नहीं बल्कि सुरेश रैना ने की। इस शानदार पिच की वजह से सुरेश रैना की टीम गुजरात लॉयन्स ने 196 के विशाल स्कोर का पीछा करते हुए राइजिंग पुणे सुपरजाइंट्स को तीन विकेट से हरा दिया। सिर्फ रैना ही नहीं बल्कि भारत के पूर्व कप्तान और कमेंटेटर सुनील गावस्कर ने भी इस पिच की काफी तारीफ की और शानदार पिच बनाने के लिए क्यूरेटर को पूरा श्रेय दिया।
सलामी बल्लेबाज़ों ने धोनी से छीन लिया मैच
यह पहली बार नहीं था जब आईपीएल में धोनी और रैना एक दूसरे के खिलाफ खेल रहे थे। इससे पहले भी दोनों टीम 14 अप्रैल को एक दूसरे से भिड़ चुकी हैं और पहले मैच में भी धोनी की राइजिंग पुणे सुपरजाइंट्स, रैना की टीम गुजरात लॉयन्स से सात विकेट से हार चुकी है। पहले के मैच की तरह ही आज के मैच में गुजरात लॉयन्स के सलामी बल्लेबाज़ धोनी की टीम के ऊपर भारी पड़े। पहले मैच में सलामी बल्लेबाज आरोन फिंच और ब्रैंडन मैक्कुलम के बीच 85 रन की साझेदारी हुई थी और आज के मैच में भी ड्वेन स्मिथ और ब्रैंडन मैक्कुलम के बीच 93 रन की साझेदारी हुई। दोनों ही बार सलामी बल्लेबाज़ों से धोनी से मैच छीन लिया।
एक स्मिथ दूसरे स्मिथ पर पड़ा भारी
टॉस जीतने के बाद गुजरात लॉयन्स के कप्तान सुरेश रैना ने पहले गेंदबाज़ी करने की निर्णय लिया और रैना को यह निर्णय उस वक़्त गलत लग रहा था जब राइजिंग पुणे सुपरजाइंट्स ने स्टीवन स्मिथ के शानदार 101 रनों की बदौलत गुजरात लॉयन्स के सामने 196 रन का लक्ष्य रखा था, लेकिन आज के मैच में एक स्मिथ दूसरे स्मिथ पर भारी पड़ा यानि स्टीवन स्मिथ के ऊपर ड्वेन स्मिथ भारी पड़े। ड्वेन स्मिथ ने तेज खेलते हुए 37 गेंदों पर 63 रन बनाए और ब्रेंडन मॅक्कुलम के साथ मिलकर पावर प्ले यानि पहले छह ओवर में 72 रन ठोक दिए।
धोनी ने किस पर उतार अपना गुस्सा
हार के बाद महेंद्र सिंह धोनी ने अपना गुस्सा गेंदबाज़ों पर उतारा। धोनी अपने बल्लेबाज़ों की तारीफ करते हुए बोले कि 195 एक अच्छा स्कोर था और उनकी टीम इसे डिफेंड करते हुए जीत सकती थी, लेकिन ख़राब गेंदबाज़ी की वजह से उनकी टीम यह मैच हार गई। धोनी का कहना था कि पहले छह ओवर पुणे के लिए घातक साबित हुए। अगर इन छह ओवरों में अच्छे गेंदबाज़ी होती, तो हो सकता था कि कि नतीजा कुछ और होता। धोनी का कहना था कि जीत या हार कुछ बॉलों में तय होती हैं। धोनी का कहना था कि अगर उनकी टीम ने पांच या छह बॉल और अच्छी गेंदबाज़ी कर ली होती तो जीत उनकी होती। धोनी का यह भी कहना था कि गेंदबाज़ों को लेकर उनके पास कोई ज्यादा विकल्प नहीं है। रविचंद्रन अश्विन का फॉर्म में न होना धोनी के लिए चिंता की बात है।
जब रैना ने की धोनी की तारीफ
जीत के बाद सुरेश रैना ने अपने सलामी बल्लेबाज़ों की तारीफ करने के साथ-साथ महेंद्र सिंह धोनी की भी तारीफ की। रैना का कहना था कि यह उनका सौभाग्य है कि वह टीम इंडिया में धोनी के साथ खेल रहे हैं। रैना का यह भी कहना था कि धोनी से उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला है। अगर आज वह अच्छी कप्तानी कर रहे हैं तो यह धोनी के साथ का असर है। रैना ने धोनी की तारीफ करते हुए यह भी कहा कि हो सकता है कि धोनी मैच नहीं जीत पाए हों, लेकिन उन्होंने अच्छा क्रिकेट खेला। जब पूर्व क्रिकेटर साइमन डूल ने पूछा कि क्या वह धोनी से मिलने जाएंगे, तो रैना ने जवाब दिया कि धोनी अभी बहुत परेशान हैं और वह उनसे बाद में मिल लेंगे।
सलामी बल्लेबाज़ों ने धोनी से छीन लिया मैच
यह पहली बार नहीं था जब आईपीएल में धोनी और रैना एक दूसरे के खिलाफ खेल रहे थे। इससे पहले भी दोनों टीम 14 अप्रैल को एक दूसरे से भिड़ चुकी हैं और पहले मैच में भी धोनी की राइजिंग पुणे सुपरजाइंट्स, रैना की टीम गुजरात लॉयन्स से सात विकेट से हार चुकी है। पहले के मैच की तरह ही आज के मैच में गुजरात लॉयन्स के सलामी बल्लेबाज़ धोनी की टीम के ऊपर भारी पड़े। पहले मैच में सलामी बल्लेबाज आरोन फिंच और ब्रैंडन मैक्कुलम के बीच 85 रन की साझेदारी हुई थी और आज के मैच में भी ड्वेन स्मिथ और ब्रैंडन मैक्कुलम के बीच 93 रन की साझेदारी हुई। दोनों ही बार सलामी बल्लेबाज़ों से धोनी से मैच छीन लिया।
एक स्मिथ दूसरे स्मिथ पर पड़ा भारी
टॉस जीतने के बाद गुजरात लॉयन्स के कप्तान सुरेश रैना ने पहले गेंदबाज़ी करने की निर्णय लिया और रैना को यह निर्णय उस वक़्त गलत लग रहा था जब राइजिंग पुणे सुपरजाइंट्स ने स्टीवन स्मिथ के शानदार 101 रनों की बदौलत गुजरात लॉयन्स के सामने 196 रन का लक्ष्य रखा था, लेकिन आज के मैच में एक स्मिथ दूसरे स्मिथ पर भारी पड़ा यानि स्टीवन स्मिथ के ऊपर ड्वेन स्मिथ भारी पड़े। ड्वेन स्मिथ ने तेज खेलते हुए 37 गेंदों पर 63 रन बनाए और ब्रेंडन मॅक्कुलम के साथ मिलकर पावर प्ले यानि पहले छह ओवर में 72 रन ठोक दिए।
धोनी ने किस पर उतार अपना गुस्सा
हार के बाद महेंद्र सिंह धोनी ने अपना गुस्सा गेंदबाज़ों पर उतारा। धोनी अपने बल्लेबाज़ों की तारीफ करते हुए बोले कि 195 एक अच्छा स्कोर था और उनकी टीम इसे डिफेंड करते हुए जीत सकती थी, लेकिन ख़राब गेंदबाज़ी की वजह से उनकी टीम यह मैच हार गई। धोनी का कहना था कि पहले छह ओवर पुणे के लिए घातक साबित हुए। अगर इन छह ओवरों में अच्छे गेंदबाज़ी होती, तो हो सकता था कि कि नतीजा कुछ और होता। धोनी का कहना था कि जीत या हार कुछ बॉलों में तय होती हैं। धोनी का कहना था कि अगर उनकी टीम ने पांच या छह बॉल और अच्छी गेंदबाज़ी कर ली होती तो जीत उनकी होती। धोनी का यह भी कहना था कि गेंदबाज़ों को लेकर उनके पास कोई ज्यादा विकल्प नहीं है। रविचंद्रन अश्विन का फॉर्म में न होना धोनी के लिए चिंता की बात है।
जब रैना ने की धोनी की तारीफ
जीत के बाद सुरेश रैना ने अपने सलामी बल्लेबाज़ों की तारीफ करने के साथ-साथ महेंद्र सिंह धोनी की भी तारीफ की। रैना का कहना था कि यह उनका सौभाग्य है कि वह टीम इंडिया में धोनी के साथ खेल रहे हैं। रैना का यह भी कहना था कि धोनी से उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला है। अगर आज वह अच्छी कप्तानी कर रहे हैं तो यह धोनी के साथ का असर है। रैना ने धोनी की तारीफ करते हुए यह भी कहा कि हो सकता है कि धोनी मैच नहीं जीत पाए हों, लेकिन उन्होंने अच्छा क्रिकेट खेला। जब पूर्व क्रिकेटर साइमन डूल ने पूछा कि क्या वह धोनी से मिलने जाएंगे, तो रैना ने जवाब दिया कि धोनी अभी बहुत परेशान हैं और वह उनसे बाद में मिल लेंगे।
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