
आशीष नेहरा आईपीएल में 100 विकेट लेने वाले सबसे अधिक उम्र के गेंदबाज हैं (फाइल फोटो)
मुंबई:
टीम इंडिया के अनुभवी तेज गेंदबाज आशीष नेहरा 36 वर्ष की 37 वर्ष की उम्र में भी आईपीएल-10 में अपनी टीम सनराइजर्स हैदराबाद के प्रमुख गेंदबाज हैं. उनका मानना है कि डेथ ओवरों में गेंदबाजी के लिये गेंदबाज को मानसिक रूप से मजबूत होना बेहद जरूरी है. आशीष नेहरा के अनुसार, डेथ ओवर्स में कई बार प्रारंभिक दो गेंदों पर ही आपको दो छक्के पड़ जाते हैं, लेकिन इसके बाद भी अगर आप मानसिक रूप से दृढ़ हैं तो वापसी कर सकते हैं.
सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेलने वाले नेहरा ने कहा ,‘डेथ ओवरों को लेकर मेरी सीधी सोच है. सबसे पहले तो आपको मानसिक रूप से काफी दृढ़ होना होगा. कई बार मैंने देखा कि पहली गेंद पर छक्का पड़ जाता है और दूसरी पर भी. इस स्थिति में आपके एक ओवर में 25-26 रन भी पड़ सकते हैं.’ उन्होंने कहा,‘यदि आप मानसिक रूप से मजबूत हैं तो पहली दो गेंद पर छक्के झेलने के बाद भी वापसी कर सकते हैं. इस स्थिति में भी आप विकेट ले सकते हैं या फिर 15 रन का ओवर फेंक सकते हैं. नेहरा के अनुसार, ये 5-10 रन कई बार बड़ा फर्क पैदा कर देते हैं.’ वैसे, आशीष ने माना कि यॉर्कर फेंकना आसान नहीं है. उन्होंने कहा,‘हर किसी की मानसिकता अलग होती है. यॉर्कर शब्द मैंने टी20 क्रिकेट में सुना. हर कोई कहता है कि यॉर्कर फेंको. जिसने कभी गेंदबाजी नहीं की हो, उसे पता नहीं होता कि यॉर्कर फेंकने में क्या लगता है.’
गौरतलब है कि सनराइजर्स हैदराबाद के गेंदबाज नेहरा ने आईपीएल-10 में इस टूर्नामेंट के 100 विकेट पूरे किए हैं. उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू के खिलाफ टूर्नामेंट के पहले मैच् में यह उपलब्धि हासिल की.. नेहरा आईपीएल इतिहास में 100 विकेट लेने वाले बाएं हाथ के इकलौते गेंदबाज हैं. इसके अलावा वह इस टी-20 लीग में 100 विकेट लेने वाले दूसरे भारतीय तेज गेंदबाज भी हैं. अब तक कुल आठ गेंदबाजों ने विकेटों का सैकड़ा पार किया है, इनमें भारत की ओर से नेहरा के अलावा अमित मिश्रा, पीयूष चावला, हरभजन सिंह, आर. अश्विन और विनय कुमार शामिल हैं.
सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेलने वाले नेहरा ने कहा ,‘डेथ ओवरों को लेकर मेरी सीधी सोच है. सबसे पहले तो आपको मानसिक रूप से काफी दृढ़ होना होगा. कई बार मैंने देखा कि पहली गेंद पर छक्का पड़ जाता है और दूसरी पर भी. इस स्थिति में आपके एक ओवर में 25-26 रन भी पड़ सकते हैं.’ उन्होंने कहा,‘यदि आप मानसिक रूप से मजबूत हैं तो पहली दो गेंद पर छक्के झेलने के बाद भी वापसी कर सकते हैं. इस स्थिति में भी आप विकेट ले सकते हैं या फिर 15 रन का ओवर फेंक सकते हैं. नेहरा के अनुसार, ये 5-10 रन कई बार बड़ा फर्क पैदा कर देते हैं.’ वैसे, आशीष ने माना कि यॉर्कर फेंकना आसान नहीं है. उन्होंने कहा,‘हर किसी की मानसिकता अलग होती है. यॉर्कर शब्द मैंने टी20 क्रिकेट में सुना. हर कोई कहता है कि यॉर्कर फेंको. जिसने कभी गेंदबाजी नहीं की हो, उसे पता नहीं होता कि यॉर्कर फेंकने में क्या लगता है.’
गौरतलब है कि सनराइजर्स हैदराबाद के गेंदबाज नेहरा ने आईपीएल-10 में इस टूर्नामेंट के 100 विकेट पूरे किए हैं. उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू के खिलाफ टूर्नामेंट के पहले मैच् में यह उपलब्धि हासिल की.. नेहरा आईपीएल इतिहास में 100 विकेट लेने वाले बाएं हाथ के इकलौते गेंदबाज हैं. इसके अलावा वह इस टी-20 लीग में 100 विकेट लेने वाले दूसरे भारतीय तेज गेंदबाज भी हैं. अब तक कुल आठ गेंदबाजों ने विकेटों का सैकड़ा पार किया है, इनमें भारत की ओर से नेहरा के अलावा अमित मिश्रा, पीयूष चावला, हरभजन सिंह, आर. अश्विन और विनय कुमार शामिल हैं.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं