विज्ञापन

5 क‍िलोमीटर पैदल चलकर स्‍कूल जाने को मजबूर हैं यमुनानगर के 150 से ज्‍यादा बच्‍चे, ह‍िमाचल जाते हैं पढ़ने

अभिभावकों का आरोप है कि स्कूलों की इमारतें तो बना दी गईं, लेकिन पर्याप्त शिक्षक नहीं भेजे गए.शिक्षा अधिकारी ट्रांसफर पॉलिसी को वजह बता रहे हैं. 

5 क‍िलोमीटर पैदल चलकर स्‍कूल जाने को मजबूर हैं यमुनानगर के 150 से ज्‍यादा बच्‍चे, ह‍िमाचल जाते हैं पढ़ने

यमुनानगर से शिक्षा व्यवस्था की ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो कई सवाल खड़े कर रही है. यहां 5 से 6 गांवों के 150 से ज्यादा बच्चे रोजाना करीब 5 किलोमीटर पैदल चलकर हिमाचल प्रदेश के पलोहड़ी स्थित सरकारी स्कूल में पढ़ने पहुंच रहे हैं. वजह है हरियाणा के आसपास के स्कूलों में अध्यापकों की कमी और दूसरी तरफ बरसाती नदी पर पुल का न होना. बारिश के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ते ही बच्चों की पढ़ाई रुक जाती है. और जो बच्चे नदी क्रॉस कर पढ़ने जाते हैं वह भी अपनी जान को जो कि मैं डालकर कभी ट्रैक्टर ट्राली का सहारा लेते हैं तो कभी किसी और का. अभिभावकों का आरोप है कि स्कूलों की इमारतें तो बना दी गईं, लेकिन पर्याप्त शिक्षक नहीं भेजे गए. शिक्षा अधिकारी ट्रांसफर पॉलिसी को वजह बता रहे हैं. 

यमुनानगर के ये बच्चे अपने ही राज्य में स्कूल होने के बावजूद हिमाचल प्रदेश जाने को मजबूर हैं. 5 से 6 गांवों के करीब 150 से ज्यादा बच्चे रोजाना लगभग 5 किलोमीटर पैदल चलकर हिमाचल के पलोहड़ी स्थित सरकारी स्कूल पहुंचते हैं. सुबह घर से निकलते हैं रास्ता तय करते हैं और तब जाकर पढ़ाई शुरू होती है. लेकिन असली परेशानी बारिश में सामने आती है. नदी का पानी बढ़ा तो रास्ता बंद और रास्ता बंद हुआ तो बच्चों की पढ़ाई पर भी ब्रेक लग जाता है. यानी मौसम बदला तो शिक्षा का रास्ता भी रुक गया. 

स्‍कलों में शि‍क्षकों की कमी का दावा

अभिभावक इशरान खान का आरोप है कि सरकार ने स्कूलों की इमारतें तो बना दीं, लेकिन उनमें पर्याप्त शिक्षक नहीं भेजे. आसपास के तीन स्कूलों में भी शिक्षकों की कमी का दावा किया जा रहा है.

पानी बढ़ता है तो होती है समस्‍या

जब नदी का पानी ज्यादा बढ़ता है तो हरियाणा के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को ट्रैक्टर-ट्रॉली के सहारे स्कूल पहुंचाने की मजबूरी तक सामने आती है. शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार का कहना है कि ट्रांसफर पॉलिसी के चलते शिक्षकों की तैनाती में दिक्कत आ रही है. लेकिन सवाल बड़ा है जब अपने राज्य में स्कूल मौजूद हैं, तो बच्चे दूसरे राज्य में पढ़ने क्यों जा रहे हैं?


यह भी पढ़ें- हिमाचल सरकार का बड़ा फैसला, स्कूलों के एडमिशन फॉर्म से हटेगा जाति का कॉलम

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Yamunanagar News, Himachal Pradesh News, Yamuna Nagar News In Hindi, Himachal School, School In India
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com