भारत में लाखों सरकारी और प्राइवेट स्कूल चलते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यहां एक ऐसा स्कूल भी चल रहा था, जिसे पाकिस्तान सरकार चलाती थी? ये स्कूल कहीं और नहीं, बल्कि दिल्ली में स्थित पाकिस्तान हाई कमीशन में चलाया जा रहा था. छात्रों और स्टाफ की कमी के चलते इसे कुछ साल पहले बंद कर दिया गया. ऐसे में आज हम आपको इस स्कूल के बारे में बताएंगे कि कैसे इसे भारत में खोला गया और यहां किस चीज की पढ़ाई होती थी. साथ ही ये भी जानेंगे कि स्कूल बंद होने में सबसे बड़ा रोल किस चीज का रहा.
भारत में क्यों बनाया गया पाकिस्तान का स्कूल?
पाकिस्तान उच्चायोग में ये पाकिस्तानी फंडेड स्कूल वहां काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के बच्चों के लिए बनाया गया था. हाई कमीशन में काम करने वाले लोग अपने बच्चों को इस स्कूल में भेजते थे, लेकिन भारत और पाकिस्तान के रिश्ते खराब होने के साथ ही कर्मचारियों की संख्या भी कम होती गई और स्कूल में बच्चों का एडमिशन भी घट गया.
स्कूल में क्या पढ़ाया जाता था?
भारत में मौजूद इस स्कूल में पढ़ाई पाकिस्तानी सिलेबस के हिसाब से ही होती थी. इसमें पढ़ने वाले छात्रों को वो तमाम सब्जेक्ट्स पढ़ाए जाते थे, जो पाकिस्तानी स्कूलों में पढ़ाए जाते हैं. क्योंकि स्कूल पाकिस्तानी अधिकारियों और कर्मचारियों के बच्चों के लिए शुरू हुआ था, ऐसे में भारतीय स्कूलों का करिकुलम इस पर लागू नहीं होता था. फिलहाल राजनयिकों और उच्चायोग में बचे हुए कर्मचारियों के बच्चे या तो पाकिस्तान लौट चुके हैं, या फिर उन्हें दूसरी वैकल्पिक व्यवस्था दी गई है.
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