पश्चिम एशिया के संकट के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर अब उत्तर प्रदेश में हफ्ते में दो दिन घर से ही काम होगा. रविवार को श्रम विभाग की बैठक में यह फैसला लिया गया है. इस बैठक में उत्तर प्रदेश में हफ्ते में दो दिन वर्क फ्रॉम होम करने का फैसला हुआ है. इसके साथ ही अलग-अलग शिफ्ट में दफ्तर खोलने का फैसला भी लिया गया है.
उत्तर प्रदेश के श्रम विभाग की यह बैठक ऐसे समय हुई है, जब पश्चिम एशिया के संकट के कारण पेट्रोल-डीजल का संकट भी बढ़ने लगा है. इस बैठक में हफ्ते में दो दिन वर्क फ्रॉम होम का फैसला प्रदेश के बड़े संस्थानों में लागू होगा. यह फैसला औद्योगिक इकाइयों में भी लागू होगा.
श्रम विभाग की इस बैठक में गाइडलाइन जारी की गई है. इसके तहत, अलग-अलग शिफ्ट में ऑफिस खोलने पर जोर दिया गया है. साथ ही पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है.
सीएम योगी भी कर चुके हैं बैठक
10 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अपील की थी. इसमें उन्होंने पेट्रोल-डीजल बचाने, सोना न खरीदने और वर्क फ्रॉम होम करने की अपील की थी. इसके बाद 13 मई को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अधिकारियों के साथ एक बैठक की थी.
इस बैठक में 50 से ज्यादा कर्मचारियों वाली कंपनियों में हफ्ते में कम से कम दो दिन वर्क फ्रॉम होम लागू करने पर जोर दिया गया था. ऐसा इसलिए किया गया था, ताकि सड़कों पर वाहनों की संख्या कम हो, ट्रैफिक जाम घटे और पेट्रोल-डीजल की भी बचत हो.
यह भी पढ़ेंः पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम ने बिगाड़ा लोगों का बजट, अब ऑफिस जाने के लिए अपना रहे ये सस्ते और आसान तरीके
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं