- पीएम मोदी ने महिला आरक्षण बिल के विरोध पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके और तृणमूल पर कड़ी आलोचना की
- उन्होंने कहा कि परिवारवादी पार्टियां महिलाओं के राजनीतिक अधिकार छीनकर उनके स्वाभिमान पर चोट पहुँचा रही हैं
- मोदी ने कहा कि यह संशोधन बिल 2029 से महिला आरक्षण का अधिकार सुनिश्चित करने के लिए था, जो 40 वर्षों से लंबित था
लोकसभा में महिला आरक्षण बिल से जुड़ा संशोधन विधेयक गिरने के बाद शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने बिल का विरोध करने के लिए कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके और तृणमूल समेत विपक्षी पार्टियों पर हमला बोला. पीएम ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने अपनी संकीर्ण और स्वार्थ की राजनीति के चलते देश की आधी आबादी का हक छीन लिया. ये परिवारवादी पार्टियां खुशी से तालियां बजा रही थी. महिलाओं से उनके अधिकार छीनकर ये लोग मेजें थपथपा रहे थे. उन्होंने जो किया, वो केवल टेबल पर थाप नहीं थी, वो नारी के स्वाभिमान पर, उसके आत्मसम्मान पर चोट थी.
मोदी ने कहा कि ये परिवारवादी पार्टियां नहीं चाहतीं कि उनके परिवार से बाहर की कोई महिला राजनीति में आगे बढ़े. उन्होंने कहा कि नारी सब भूल जाती है, लेकिन अपना अपमान कभी नहीं भूलती. इसलिए संसद में कांग्रेस और उसके सहयोगियों के व्यवहार की कसक हर नारी के मन में हमेशा रहेगी. संसद में नारीशक्ति वंदन संशोधन का जिन भी दलों ने विरोध किया है, वे लोग नारी शक्ति को फॉर ग्रांटेड ले रहे हैं.

उन्होंने कहा कि वो ये भूल रहे हैं कि 21वीं सदी की नारी देश की हर घटना पर नजर रख रही है. वो उनकी मंशा भाप रही हैं और सच्चाई भी भलीभांति जान चुकी है. इसलिए महिला आरक्षण का विरोध करके जो पाप विपक्ष ने किया है, इसकी उन्हें सजा जरूर मिलेगी. इन दलों ने संविधान निर्माताओं की भावनाओं का भी अपमान किया है.
#WATCH प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा, "कांग्रेस और उसके सहयोगी दल परिसीमन पर लगातार झूठ बोल रहे हैं। ये लोग विभाजन की आग को सुलगाना चाहते हैं क्योंकि बांटो और राज करो ये राजनीति कांग्रेस अंग्रेजों से विरासत में सीखकर आई है और कांग्रेस आज भी उसी… pic.twitter.com/aBav4A6zdm
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 18, 2026
पीएम ने कहा कि ये 40 साल से लटके हुए नारी के हक को, 2029 से अगले लोकसभा चुनाव से उसका हक देने का संशोधन था. नारी शक्ति वंदन संशोधन 21वीं सदी के भारत की नारी को नए अवसर देने, नई उड़ान देने और उसके सामने से बाधाएं हटाने का महायज्ञ था. देश की 50 प्रतिशत यानी, आधी आबादी को उसका अधिकार देने का साफ नीयत के साथ, ईमानदारी के साथ किया गया एक पवित्र पर्व था.
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मोदी ने कहा कि महिलाओं के आरक्षण का विरोध करके कांग्रेस ने फिर एक बात सिद्ध कर दी है कि कांग्रेस, एक एंटी रिफॉर्म पार्टी है. कांग्रेस के एंटी रिफॉर्म रवैये ने हमेशा देश का बहुत बड़ा नुकसान किया है. कांग्रेस के हर विरोध, हर अनिर्णय, हर छल-प्रपंच का खामियाजा देश ने भुगता है, देश की पीढ़ियों ने भुगता है. कांग्रेस ये पॉलिटिक्स अंग्रेजों से विरासत में सीख कर आई है और कांग्रेस आज भी उसी के सहारे चल रही है. कांग्रेस ने हमेशा देश में दरार पैदा करने वाली भावनाओं को हवा दी है. इसलिए ये झूठ फैलाया गया कि डी-लिमिटेशन या परिसीमन से कुछ राज्यों को नुकसान होगा. जबकि सरकार ने पहले दिन से स्पष्ट किया है कि न किसी राज्य की भागीदारी का अनुपात बदलेगा, न किसी का री-प्रेजेंटेशन कम होगा, बल्कि सभी राज्यों की सीटें समान अनुपात में बढ़ेंगी.
#WATCH प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा, "नारी शक्ति वंदन संशोधन समय की मांग है। नारी शक्ति वंदन संशोधन सभी राज्यों की शक्ति में समान वृद्धि का प्रयास था। ये संसद में सभी राज्यों की आवाज को अधिक शक्ति देने का प्रयास था। सब राज्यों की समान अनुपात में… pic.twitter.com/jJuc0vbdBC
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 18, 2026
उन्होंने कहा कि बिल पास कराने के लिए जरूरी 66 परसेंट वोट हमें नहीं मिला हो, लेकिन मैं जानता हूं, देश की 100 परसेंट नारीशक्ति का आशीर्वाद हमारे साथ है. मैं देश की हर नारी को विश्वास दिलाता हूं, हम महिला आरक्षण के रास्ते में आने वाले हर रुकावट को खत्म करेंगे. महिला आरक्षण का विरोध करने वाली पार्टियां, ये देश की नारी शक्ति को संसद और विधानसभाओं में उनकी भागीदारी बढ़ाने से रोक नहीं पाएंगी.
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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से हर रिफॉर्म को रोककर बैठी रही. लटकाना, भटकाना, अटकाना... यही कांग्रेस का सिद्धांत रहा है, वर्क कल्चर रहा है. मैंने संसद में भी कहा था कि आधी आबादी को उनका हक मिल जाने दीजिए, मैं इसका क्रेडिट विज्ञापन छपवाकर विपक्ष के सभी लोगों को दे दूंगा. लेकिन महिलाओं को दकियानूसी सोच से देखने वाले फिर भी अपने झूठ पर अड़े रहे.
उन्होंने कहा कि मैं जानता हूं कि आज मेरे देश की माताएं, बहनें, बेटियां... आप सभी दुखी हैं. मैं भी आपके इस दुख में दुखी हूं. लेकिन हमारा प्रयास रुकेगा नहीं, हमारा प्रयास थमेगा नहीं, हमारा आत्मबल अजेय है. हमारे पास आगे भी और मौके आएंगे. हमें आधी आबादी के सपनों के लिए, देश के भविष्य के लिए इस संकल्प को पूरा करना ही है.
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