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छात्र आंदोलन से बीजेपी ने सीखा सबक, Gen Z से करेगी संवाद, नए प्लान पर चल रहा है काम

जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के बाद बीजेपी अब उनसे संवाद करने के तरीकों पर काम कर रही है. पार्टी सूत्रों ने बताया कि इसके लिए बीजेपी कई योजनाओं पर काम कर रही है.

छात्र आंदोलन से बीजेपी ने सीखा सबक, Gen Z से करेगी संवाद, नए प्लान पर चल रहा है काम
Gen Z से जुड़ने के लिए बीजेपी का बड़ा प्लान
  • बीजेपी Gen Z से जुड़ने के लिए बड़े प्लान पर काम कर रही है
  • पीएम नरेंद्र मोदी ने जंतर-मंतर आंदोलन के बाद इसकी पहल शुरू भी कर दी है
  • बीजेपी के सूत्रों ने बताया कि पार्टी इंस्टाग्राम और स्नैपचैट पर मौजदूगी बढ़ा सकती है
नई दिल्ली:

नीट पेपर लीक के खिलाफ देश भर में छात्रों के प्रदर्शन के बाद बीजेपी ने नई पीढ़ी से संवाद के नए तरीकों पर काम करना शुरू कर दिया है. सूत्रों के मुताबिक बीजेपी अब सोशल मीडिया के नए प्लेटफॉर्म्स के जरिए जेनज़ी से संवाद स्थापित करेगी. पार्टी ने युवा पीढ़ी से इंटरएक्टिव संवाद करने का फैसला किया है जिसमें एक तरफा के बजाए दोतरफा बात होगी. 

नई पीढ़ी जवाबदेही चाहती है

एक बीजेपी नेता के अनुसार पिछले एक महीने के घटनाक्रम ने यह स्थापित कर दिया है कि संवादहीनता नहीं होनी चाहिए. नई पीढ़ी जवाबदेही चाहती है, वे भी यह मानते हैं कि केवल शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से व्यवस्था नहीं सुधरेगी. इसमें आमूलचूल परिवर्तन होना जरूरी है. इसी तरह संवाद के सोशल मीडिया के वर्तमान साधन जेनज़ी से बातचीत में अप्रासंगिक साबित हो रहे हैं. एक्स और फेसबुक के माध्यम से युवाओं तक बात नहीं पहुंच पा रही है. विपक्षी दलों ने भी प्रभावी ढंग से इन प्लेटफॉर्म का प्रयोग करना शुरू कर दिया है. ऐसे में नए सिरे से रणनीति पर विचार करने की आवश्यकता है.

2014 के चुनाव में सोशल मीडिया पर बीजेपी का था राज 

उनका कहना है कि 2014 के लोक सभा चुनाव में बीजेपी का सोशल मीडिया पर एकछत्र राज्य था. पार्टी की प्रचंड जीत में सोशल मीडिया पर उसकी सक्रियता भी एक बड़ा कारण था. 2019 में भी बीजेपी विरोधियों की तुलना में आगे रही. लेकिन 2024 में विपक्षी दलों ने भी अपनी सशक्त मौजूदगी सोशल मीडिया प्लेटफ़ार्म पर दर्ज कराई है जहां बीजेपी को कड़ी टक्कर मिल रही है. रही-सही कसर छात्र आंदोलन ने पूरी कर दी जिससे संवाद में पारंपरिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म नाकाफी साबित हुए.

इंस्टा और स्नैपचैट पर बढ़ेगी सक्रियता

बीजेपी अब गंभीरता से सोशल मीडिया के दूसरे प्लेटफॉर्म जैसे इंस्टाग्राम, स्नैपचैट और रेडिट आदि पर सक्रियता बढ़ाने पर विचार कर रही है. इसके लिए युवाओं की टीम का गठन भी किया जा सकता है. एक बीजेपी नेता के अनुसार पूरे देश में हर जिले में बड़े पैमाने पर इस तरह की टीम बनाने की जरूरत है ताकि सरकार और पार्टी की बात प्रभावी ढंग से युवा पीढ़ी तक पहुंचाई जा सके. उनके अनुसार युवाओं से उनके अंदाज में संवाद युवा ही कर सकते हैं. बल्कि उम्र में बड़े लोग भी अगर युवाओं से संवाद करना चाहते हैं तो उन्हें उन्हीं के तरीके इस्तेमाल करने होंगे.

पीएम मोदी ने कर दी है शुरुआत 

वे इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण देते हैं जिन्होंने छात्र आंदोलन के दौरान सेल्फी मोड पर तीन वीडियो संदेश बनाए और उन्हें इंस्टाग्राम पर आधी रात को डाला. यह युवाओं की स्टाइल के अनुरूप था. वह माध्यम भी उनका था और समय भी उन्हीं के हिसाब से चुना गया. इसी दौरान पीएम ने कैबिनेट की बैठक में भी मंत्रियों से इंस्टाग्राम पर अपनी पहुंच बढ़ाने को कहा. उन्होंने कहा कि मंत्रियों को इंटरएक्टिव होना पड़ेगा. बीजेपी नेता के अनुसार वर्तमान पार्टी की वर्तमान सोशल मीडिया टीम में इसके अनुसार सुधार करने होंगे. युवाओं की भर्ती पर भी पार्टी विचार कर सकती है. इसके अलावा पार्टी को संवाद की शैली भी बदलनी होगी.

मंत्री एनडीए दलों को दे रहे हैं जानकारी 

इसका एक उदाहरण इस मंगलवार को एनडीए सांसदों का मंगल मिलन है. इस बैठक में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने विभिन्न देशों के साथ भारत के मुक्त व्यापार समझौतों पर एक विस्तृत प्रजेंटेशन दिया. इसमें उन्होंने बताया कि मोदी सरकार के एफटीए किस तरह यूपीए सरकार के एफटीए से भिन्न और अधिक प्रभावी हैं. इसमें चीन से भी तुलना की गई और विभिन्न राज्यों को कैसे एफटीए से फायदा होगा, यह भी बताया गया. इसके बारे में युवाओं को किस तरह इंस्टाग्राम पर रील्स और प्लेकार्ड के जरिए बताया जा सकता है, इस पर काम हो सकता है. इसके लिए जरूरी नहीं है कि आंकड़ों और जटिल तथ्यों के जरिए ही बात रखी जाए बल्कि रोचक अंदाज में भी युवाओं तक सरकार की इस उपलब्धि को पहुंचाया जा सकता है.

बीजेपी का है बड़ा प्लान 

बीजेपी जल्दी ही इस दिशा में काम करने वाली है. पार्टी संवाद में सक्रियता लाना चाहती है ताकि फिर से ऐसी नौबत नहीं आए. एक बीजेपी नेता के अनुसार नीट पेपर लीक के बाद जब सफलतापूर्वक दोबारा परीक्षा हो गई, तब यह मामला समाप्त हो जाना चाहिए था. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इसके पीछे यह भी एक कारण था कि सरकार छात्रों को इस बारे में ठीक से बता नहीं सकी. अब आगे ऐसा न हो, इसके लिए जेनज़ी से संवाद का फूलप्रूफ और लीकप्रूफ सिस्टम बनाने पर विचार किया जा रहा है.

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