विज्ञापन

भारत में पड़ रही गर्मी पर UN के विशेषज्ञ क्यों अभी से जता रहे हैं चिंता?

UN ने भारत में बढ़ती गर्मी पर चिंता जताई है. जलवायु परिवर्तन को वजह बताते हुए कहा कि हीटवेव से जीवन और अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है. भविष्य में हालात और बिगड़ सकते हैं, इसलिए स्वच्छ ऊर्जा और कूलिंग उपाय जरूरी हैं.

भारत में पड़ रही गर्मी पर UN के विशेषज्ञ क्यों अभी से जता रहे हैं चिंता?
नई दिल्ली:

भारत में पड़ रही भीषण गर्मी को लेकर संयुक्त राष्ट्र (UN) के जलवायु विशेषज्ञों ने अभी से गंभीर चिंता जताई है. UN क्लाइमेट चेंज के एग्जीक्यूटिव सेक्रेटरी साइमन स्टील के मुताबिक, इस साल देश के बड़े हिस्से में पड़ रही प्रचंड गर्मी का सीधा असर लोगों के जीवन और अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है.

क्यों बढ़ रही है चिंता?

UN के अनुसार, मौजूदा हालात के पीछे सबसे बड़ा कारण जलवायु परिवर्तन (Climate Change) है, जो लगातार बढ़ रहा है. कोयला, तेल और गैस जैसे जीवाश्म ईंधनों के बड़े स्तर पर इस्तेमाल से ग्लोबल वॉर्मिंग तेज हो रही है, जिससे हीटवेव और ज्यादा खतरनाक होती जा रही है.

किसे है सबसे ज्यादा खतरा?

विशेषज्ञों ने साफ कहा कि जिन लोगों के पास कूलिंग (AC, कूलर) की सुविधा नहीं है. जो लोग खुले में काम करते हैं (मजदूर, डिलीवरी वर्कर्स, किसान) उनके लिए यह गर्मी जिंदगी और रोज़गार दोनों पर दोहरी मार बन गई है.

यह भी पढ़ें- यूपी-दिल्ली से राजस्थान तक धधक रहे शहर, श्रीगंगानगर में पारा 48 डिग्री पार, देश के 10 सबसे गर्म शहरों का हाल

बिजली पर बढ़ा दबाव

भीषण गर्मी के चलते देश में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच चुकी है. हालांकि, सौर ऊर्जा और अन्य रिन्यूएबल एनर्जी स्रोतों ने दिन के समय इस बढ़ती मांग को संभालने में अहम भूमिका निभाई है.

आने वाले समय में और बढ़ेगी गर्मी

UN ने चेतावनी दी है कि भविष्य में भारत ही नहीं, दुनिया के कई हिस्सों में ऐसी चरम गर्मी की घटनाएं और बढ़ सकती हैं. क्योंकि जलवायु संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है.

क्या है समाधान?

रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि स्वच्छ ऊर्जा (solar, renewable) को तेजी से बढ़ाना होगा. ऊर्जा दक्षता (energy efficiency) सुधारनी होगी. गरीब और कमजोर तबकों तक कूलिंग सुविधाएं पहुंचानी होंगी. ताकि लोगों को सस्ती और सुरक्षित बिजली मिल सके.

दोहरी मार: गर्मी + महंगा ईंधन

UN ने यह भी कहा कि मौजूदा समय में यह गर्मी डबल संकट बन गई है. एक तरफ भीषण तापमान और दूसरी तरफ मध्य‑पूर्व तनाव के कारण बढ़ती ईंधन कीमतें लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही हैं. UN का साफ संदेश है कि अगर अभी ठोस कदम नहीं उठाए गए तो गर्मी भविष्य में और ज्यादा खतरनाक रूप ले सकती है, और इससे निपटने के लिए दुनिया को तेजी से ग्रीन एनर्जी और क्लाइमेट एक्शन की तरफ बढ़ना होगा.

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com