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कौन हैं सलीम डोला? गुटखा बेचते-बेचते बन गया सिंथेटिक ड्रग सप्लायर, दाऊद से ऐसे जुड़ा कनेक्शन

साल 2012 में सलीम डोला को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने उसे 80 किलो गांजा के साथ गिरफ्तार किया था. करीब 5 साल जेल में रहने के बाद कोर्ट से उसे बरी कर दिया गया था. लेकिन असली मोड़ तब आया, जब जेल से बाहर आने के बाद उसकी मुलाकात फरार ड्रग सप्लायर कैलाश राजपूत से हुई.

कौन हैं सलीम डोला? गुटखा बेचते-बेचते बन गया सिंथेटिक ड्रग सप्लायर, दाऊद से ऐसे जुड़ा कनेक्शन
  • तुर्की की सुरक्षा एजेंसियों ने इस्तांबुल में सलीम डोला को भारतीय इनपुट पर गिरफ्तार किया था
  • सलीम डोला ने गुटखा सप्लाई से शुरुआत कर मारिजुआना और सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी की
  • जेल से बाहर आने के बाद उसने फरार ड्रग सप्लायर कैलाश राजपूत की मदद से सिंथेटिक ड्रग्स का कारोबार शुरू किया
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नई दिल्‍ली:

Salim Dola: ड्रग माफिया सलीम डोला को तुर्की से भारत ले आया गया है. तुर्की की सुरक्षा एजेंसियों ने भारतीय सुरक्षा एजेसिंयों के इनपुट पर इस्तांबुल में बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया था. सलीम डोला लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी के बड़े नेटवर्क का हिस्सा था और कई देशों में फैले सिंडिकेट को ऑपरेट कर रहा था. सलीम डोला ने मुंबई के डोंगरी से दुबई तक का सफर बेहद कम समय में तय किया और कई देशों में नशे का कारोबार फैलाया. लेकिन अब, सलीम डोला को भारत ले आया गया है, जहां उसे अपने हर जुर्म की सजा मिलेगी.  

गुटखा सप्‍लाई करते-करते तस्‍करी करने लगा गांजा

सलीम डोला का जन्म 1966 में मुंबई के भायखला इलाके के घोड़ापदेव में एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था. कम उम्र में ही वह अंडरवर्ल्ड की दुनिया में पहुंच गया और उसकी दोस्ती छोटा शकील से हुई, जो उस समय दाऊद इब्राहिम के गैंग का हिस्सा था. शुरुआत में सलीम डोला मुंबई और दिल्ली में गुटखा सप्लाई करता था. इसके बाद उसने धीरे-धीरे ड्रग्स के धंधे में कदम रखा और मारिजुआना (गांजा) की तस्करी करने लगा.

ऐसे रखा सिंथेटिक ड्रग्स की दुनिया में कदम

साल 2012 में सलीम डोला को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने उसे 80 किलो गांजा के साथ गिरफ्तार किया था. करीब 5 साल जेल में रहने के बाद कोर्ट से उसे बरी कर दिया गया था. लेकिन असली मोड़ तब आया, जब जेल से बाहर आने के बाद उसकी मुलाकात फरार ड्रग सप्लायर कैलाश राजपूत से हुई. यहीं से सलीम डोला ने सिंथेटिक ड्रग्स की दुनिया में कदम रखा. कैलाश राजपूत की मदद से सलीम डोला ने बटन नाम की सिंथेटिक ड्रग का निर्माण शुरू किया. यह ड्रग फेंटानिल जैसे खतरनाक ओपिओइड से तैयार की जाती है और टैबलेट या पिल्स के रूप में बेची जाती है. 

UAE में खड़ा किया रियल स्‍टेट का कारोबार

2018 में मुंबई पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स सेल ने सांताक्रूज से उसे 100 किलो फेंटानिल के साथ गिरफ्तार किया था. हालांकि, फॉरेंसिक रिपोर्ट में सैंपल नेगेटिव आने के कारण उसे महज 4 महीने में जमानत मिल गई. जमानत पर बाहर आने के बाद सलीम डोला भारत से फरार हो गया और संयुक्त अरब अमीरात पहुंच गया. वहां उसने अपने बेटे ताहिर के नाम पर रियल एस्टेट का कारोबार खड़ा किया, जिसमें ड्रग्स के पैसे लगाए गए.

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डी-कंपनी से भी कनेक्‍शन

सलीम डोला का नाम ग्लोबल सिंथेटिक ड्रग नेटवर्क से जुड़ा हुआ है. उसका नेटवर्क भारत, दुबई और अन्य देशों तक फैला हुआ बताया जाता है. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे रैकेट के तार भारत के मोस्ट वांटेड अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम की डी-कंपनी से भी जुड़े हैं. बताया जाता है कि सलीम डोला पहले मुंबई के डोंगरी इलाके में सक्रिय था और बाद में दुबई शिफ्ट हो गया. वहीं, से उसने अपने ड्रग्स नेटवर्क को ऑपरेट करना शुरू किया. सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, वह दुबई से बैठकर भारत में ड्रग्स की सप्लाई का बड़ा चैनल संभाल रहा था. उसके पास कथित तौर पर सऊदी अरब का पासपोर्ट भी बताया जा रहा है, जिससे वह अलग-अलग देशों में आसानी से मूव करता था.

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