पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद बीजेपी की नई सरकार बनी है. वहीं यहां पुलिस की कार्रवाई भी तेज हो गई है. पुलिस ने अब नौकरी दलाने के नाम पर धोखाधड़ी करने के मामले में टीएमसी नेता को गिरफ्तार किया है. नौकरी दिलाने का वादा करके लोगों से पैसे वसूलने के आरोप में पुलिस ने तृणमूल लेबर यूनियन के नेता मिठू शेख को गिरफ़्तार किया है. आरोपी लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस की लेबर विंग से जुड़ा हुआ था.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, नादिया के एक युवक की लिखित शिकायत के बाद सोमवार रात यह गिरफ़्तारी की गई. शिकायतकर्ता का आरोप है कि मिठू शेख ने नौकरी दिलाने का वादा करके लगभग 50 लोगों से पैसे लिए थे.
शिकायत मिलने के बाद मिठू शेख की गिरफ्तारी हुई है. वहीं मंगलवार (9 जून) की दोपहर को पुलिस ने गिरफ़्तार तृणमूल लेबर यूनियन नेता को कृष्णानगर स्थित नादिया ज़िला और सत्र न्यायालय में पेश किया.
बीजेपी ने कहा सख्ती से लागू होगा कानून
राज्य में हाल ही में सरकार बदलने और अब बीजेपी के सत्ता में आने के बाद, पुलिस ने भ्रष्टाचार के विभिन्न मामलों में शामिल लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई तेज़ कर दी है. बीजेपी नेताओं का दावा है कि कानून का शासन सख्ती से लागू किया जा रहा है और राजनीतिक जुड़ाव की परवाह किए बिना किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने कहा है कि पार्टी निष्ठा की परवाह किए बिना भ्रष्टाचार में शामिल पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी.
पहले भी कई नेता हुए गिरफ्तार
हाल के हफ़्तों में, कई प्रमुख तृणमूल नेता पुलिस की जांच के दायरे में आए हैं, जिससे कोलकाता और नादिया सहित आस-पास के ज़िलों में राजनीतिक हलचल मची हुई है. कुछ दिन पहले, राहत सामग्री में कथित घोटाले के सिलसिले में नबाद्वीप नगरपालिका के चेयरमैन बिमान कृष्ण साहा को गिरफ़्तार किया गया था.
अब कृष्णानगर में पुलिस ने कार्रवाई की है. जहां नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी के आरोप में तृणमूल लेबर यूनियन नेता मिठू शेख को गिरफ़्तार किया गया है. यह राज्य में चल रहे भ्रष्टाचार-विरोधी अभियान का एक और अध्याय है.
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