पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने राज्य के मतदाताओं से खास अपील की है. चुनाव आयोग ने कहा है कि मतदान के दौरान डराने और धमकाने वालों की अब खैर नहीं है. किसी को भी मतदान के दौरान डरने की जरूरत नहीं है. अगर कोई उनको डराने या धमकाने की कोशिश करता है तो उन्हें चुनाव आयोग द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर पर फोन करना होगा. उधर, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि ने मंगलवार को कहा कि राज्य में होने वाले आगामी दो चरणों के विधानसभा चुनाव (23 अप्रैल और 29 अप्रैल) को स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त बनाने के लिए 24x7 नागरिक हेल्पलाइन शुरू की गई है.
आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले राजनीतिक बयानबाजी का दौर भी लगातार जारी है. टीएमसी और बीजेपी एक दूसरे पर लगातार हमले कर रहे हैं. इसी क्रम में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ममता सरकार पर जमकर हमला बोला है. उन्होंने बुधवार को बंगाल के जोरासांको विधानसभा क्षेत्र में एक जनसभा को संबोधित किया.
इस दौरान सीएम योगी ने ममता और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी पर जमकर निशाना साधा. सीएम योगी ने कहा कि टीएमसी के बुआ भतीजे दोनों बंगाल को पूरी तरह यहां के अस्तित्व को समाप्त करना चाहते हैं. कोलकाता का मेयर बोलता है, यहां उर्दू चलेगी. हम आज कहने के लिए आए हैं कि बंगाली अस्मिता के साथ कोई माई का लाल खिलवाड़ नहीं कर सकता.
बंगाली अस्मिता से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
सीएम योगी ने कहा कि टीएमसी के जो लोग बंगाली अस्मिता के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, उन्हें बताने की जरूरत है कि बंगाल की पहचान, काबा से नही है, बंगाल की पहचान मां कालीबाड़ी से है. उन्होंने कहा कि हमें बंगाल की अस्मिता को बचाना है. बंगाल के अंदर वर्तमान में कठमुल्लापन को बढ़ावा देने का कार्य हो रहा है, इसको हर हाल में रोकना होगा. लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इसको रोकने के लिए आपको भारत के लोकतंत्र ने जो ताकत दी है, इस ताकत का सही इस्तेमाल करिए.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव‑2026 में आपराधिक पृष्ठभूमि और महिलाओं की कम भागीदारी को लेकर एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और वेस्ट बंगाल इलेक्शन वॉच की ताजा रिपोर्ट ने गंभीर तस्वीर पेश की है. दोनों चरणों में चुनावी मैदान में उतरे 2926 में से 2920 उम्मीदवारों के स्वयं‑घोषित आपराधिक मामलों और निजी संपत्ति के विश्लेषण के आधार पर रिपोर्ट जारी की गई है.
44% सीटें ‘रेड अलर्ट'
रिपोर्ट के अनुसार, इस बार राज्य की 294 विधानसभा सीटों में से 129 सीटें (44%) ‘रेड अलर्ट' घोषित की गई हैं. ‘रेड अलर्ट' वे निर्वाचन क्षेत्र होते हैं जहां तीन या उससे अधिक उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं. तुलनात्मक रूप से, 2021 के विधानसभा चुनाव में ऐसी सीटों की संख्या 78 (27%) थी. यानी पांच साल में लगभग 17 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
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