विज्ञापन

कमजोर मॉनसून का दिखने लगा असर, देश के 166 बड़े जलाशयों में 38% कम हो गया है पानी

पूर्वी भारत के 27 बड़े जलाशयों में पानी का लाइव स्टोरेज पिछले साल के मुकाबले 18.01% कम रिकॉर्ड किया गया है, जबकि पश्चिमी भारत के 53 बड़े जलाशयों में भी पानी के लाइव स्टोरेज में कमी 15.57% रही है.

कमजोर मॉनसून का दिखने लगा असर, देश के 166 बड़े जलाशयों में 38% कम हो गया है पानी
  • इस साल देश के अधिकांश राज्यों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून कमजोर रहा और औसत से कम बारिश हुई है
  • 2 जुलाई तक देश के 166 बड़े जलाशयों में पानी का लाइव स्टोरेज पिछले साल की तुलना में लगभग 39 प्रतिशत कम है
  • भारत मौसम विभाग के अनुसार 1 जून से 4 जुलाई के बीच देश में औसत से 27 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है
नई दिल्ली:

इस साल दक्षिण-पश्चिम मॉनसून कमजोर रहा है, और अब तक देश के अधिकतर राज्यों में मॉनसून सीजन के दौरान औसत से कम बारिश रिकॉर्ड की गई है. इसकी वजह से देश के बड़े जलाशयों में पिछले साल के मुकाबले इस साल 2 जुलाई तक पानी का स्टोरेज लेवल काफी घट गया है. 

सेंट्रल वाटर कमीशन की 2 जुलाई को जारी ताज़ा जलाशय भंडारण बुलेटिन के मुताबिक, "2 जुलाई, 2026 को देश के 166 बड़े जलाशयों में उपलब्ध लाइव स्टोरेज 47.725 BCM (बिलियन क्यूबिक मीटर) था. जबकि पिछले साल 2 जुलाई तक इन बड़े जलाशयों में उपलब्ध पानी का लाइव स्टोरेज 78.077 BCM रहा था. यानि, 166 जलाशयों में उपलब्ध लाइव स्टोरेज पिछले साल की इसी अवधि के लाइव स्टोरेज का सिर्फ 61.13% था, यानि पिछले साल के मुकाबले इन बड़े जलाशयों में 2 जुलाई तक पानी का लाइव स्टोरेज 38.87% कम रिकॉर्ड किया गया है."

Latest and Breaking News on NDTV

दरअसल, इस साल मॉनसून सीजन के दौरान अब तक देश में औसत से काफी कम बारिश रिकॉर्ड की गयी है. भारत मौसम विभाग की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल 1 जून से 4 जुलाई के बीच देश में बारिश औसत से 27% कम रिकॉर्ड की गयी है. आमतौर पर 1 जून से 4 जुलाई, 2026 के बीच देश में औसतन 196.9 मिलीमीटर बारिश होती है, लेकिन इस साल 1 जून से  4 जुलाई के बीच सिर्फ 144.2  मिलीमीटर बारिश हुई है.

सबसे ज़्यादा बारिश की कमी पूर्वी और उत्तरपूर्वी भारत में देखी गयी जहां इन 34 दिनों के दौरान औसत से 41% कम बारिश हुई है. दूसरी ज़्यादा बारिश की कमी सेंट्रल इंडिया क्षेत्र में दर्ज़ की गयी है जहां 1 जून से 4 जुलाई के बीच औसत से 23% कम बारिश दर्ज़ की गयी है. इस दौरान उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश औसत से 20% कम रिकॉर्ड की गयी है, जबकि दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में भी बारिश की कमी 15% है.

भारत मौसम विभाग की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, 1 जून से 3 जुलाई के बीच दिल्ली में औसत से 49% कम बारिश रिकॉर्ड की गयी है. सरकारी आकड़ों के मुताबिक, 1 जून से 3 जुलाई के बीच दिल्ली में औसतन 75.1 mm बारिश रिकॉर्ड की जाती है, लेकिन इस साल इन 33 दिनों के दौरान दिल्ली में सिर्फ 38.2 mm बारिश रिकॉर्ड की गयी है.

Latest and Breaking News on NDTV

बारिश की इस कमी का असर देश के चार अहम क्षेत्रों में साफ़ तौर पर दिख रहा है. सबसे ज़्यादा कमी दक्षिण भारत में तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, केरल और तेलंगाना जैसे राज्यों में रिकॉर्ड की गयी है. सेंट्रल वॉटर कमीशन की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, इस राज्यों में स्थित 47 बड़े जलाशयों में पिछले साल के मुकाबले 2 जुलाई तक पानी का लाइव स्टोरेज 33.60% तक घट गया है.

इस दौरान पूर्वी भारत के 27 बड़े जलाशयों में पानी का लाइव स्टोरेज पिछले साल के मुकाबले 18.01% कम रिकॉर्ड किया गया है, जबकि पश्चिमी भारत के 53 बड़े जलाशयों में भी पानी के लाइव स्टोरेज में कमी 15.57% रही है.

उत्तर भारत में पंजाब, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में 11 बड़े जलाशय हैं, जिनकी मॉनिटरिंग सेंट्रल वाटर कमीशन करती है. इन 11 बड़े जलाशयों में 2 जुलाई तक पानी का लाइव स्टोरेज पिछले साल के मुकाबले 8.87% कम रिकॉर्ड किया गया है. 
Latest and Breaking News on NDTV

भारत मौसम विभाग ने रविवार को पूर्वानुमान जारी करते हुए कहा, "उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तथा उत्तर ओडिशा और पश्चिम बंगाल तट से सटे क्षेत्रों के ऊपर स्थित एक निम्न दबाव का क्षेत्र (Well Marked Low Pressure Area) सघन होकर अवदाब (Depression) में परिवर्तित हो गया है. यह बालासोर (ओडिशा) से लगभग 50 किमी दक्षिण-दक्षिणपूर्व, चांदबली (ओडिशा) से लगभग 60 किमी उत्तर-पूर्व तथा दीघा (पश्चिम बंगाल) से लगभग 60 किमी दक्षिण-दक्षिणपश्चिम में स्थित ​है. इसके अगले 24 घंटों के दौरान बालासोर के निकट चांदबली और दीघा के बीच उत्तर ओडिशा तट को पार करने की अत्यधिक संभावना है. इसके बाद इसके अगले 24 घंटों के दौरान उत्तर ओडिशा एवं उत्तर छत्तीसगढ़ से होकर पश्चिम-उत्तरपश्चिम दिशा में आगे बढ़ते रहने की भी अत्यधिक संभावना है."

ज़ाहिर है, अगर इस निम्न दबाव (Depression) की वजह से पूर्वी और केंद्रीय भारत में मॉनसून की अच्छी बारिश हुई, तो अगले 24 घंटों के दौरान पानी के स्टोरेज लेवल में हुई गिरावट में कुछ मामूली सुधर हो सकेगा.

इसे भी पढ़ें: केवल 45 दिन के लिए पानी मौजूद, BMC ने सप्लाई में की कटौती- क्या मुंबई जल संकट की ओर बढ़ रही है?

इसे भी पढ़ें: लद्दाख का ‘हिम सरोवर' प्लान: पिघलती बर्फ को सहेजकर जल संकट से निपटने की कोशिश

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Weak Monsoon India, Weak Monsoon Forecast, Reservoirs In India, Reservoirs Water Level, Weather Update
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com