- सचिन अहिर ने कहा कि एकनाथ शिंदे का ऑपरेशन टाइगर जारी है और उद्धव ठाकरे के गुट में टूट की संभावना है
- उन्होंने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं का राजनीतिक भविष्य खतरे में नजर आने का आरोप लगाया है
- सचिन अहिर ने बताया कि शरद पवार के एनसीपी खेमे में भी नाराजगी है और वे शिंदे गुट में शामिल हो सकते हैं
क्या महाराष्ट्र में किसी भी दिन बड़ा राजनीतिक खेला हो सकता है? एकनाथ शिंदे की शिवसेना के नेता सचिन अहिर के बयान से तो ऐसे ही अनुमान लगाए जा सकते हैं. उनका कहना है कि एकनाथ शिंदे का ऑपरेशन टाइगर जारी है और उद्धव गुट में टूट हो सकती है. यही नहीं उन्होंने यह भी संकेत दिया कि शरद पवार के खेमे में भी सेंध लग सकती है. एनडीटीवी से बातचीत में सचिन अहिर ने कहा कि शिव सेना यूबीटी में बगावत के पीछे उद्धव ठाकरे का बर्ताव जिम्मेदार है. लोगों को उनके नेतृत्व में अपना और अपने समर्थकों का राजनीतिक भविष्य खतरे में नजर आ रहे था.
सचिन अहिर ने कहा कि ना तो उद्धव का बालासाहब की तरह कार्यकर्ताओं से जुड़ाव है और न ही वह जमीन पर काम करते हैं। अपने चुनिंदा सलाहकारों के हिसाब से ही वे चलते हैं। इसके विपरीत एकनाथ शिंदे का जमीनी जुड़ाव मजबूत है। सचिन अहिर को आदित्य ठाकरे के करीबी लोगों में गिना जाता था. फिर भी बीते सप्ताह ही उन्होने शिंदे सेना से विधान परिषद के उपसभापति का पर्चा भर सबको चौंका दिया और निर्विरोध चुने गए. उनसे पूछा गया कि क्या ऑपरेशन टाईगर जारी है? इस पर सचिन अहिर ने कहा कि ठाकरे के विधायक भी नाराज हैं. इसके अलावा शरद पवार की एनसीपी के विधायक भी नाराज हैं.
अहिर ने संकेत दिया कि आनेवाले वक्त में ये सभी भी शिंदे सेना में शामिल हो सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि एकनाथ शिंदे सेना की ताकत बढ़ी है तो उसका फायदा पार्टी को केंद्र सरकार में भी मिलेगा. उन्होंने कहा कि मोदी कैबिनेट में जल्द होने जा रहे विस्तार में शिवसेना को ज्यादा सीटें मिलेंगी क्योंकि शिव सेना का लोकसभा में संख्याबल बढ़ गया है. उन्होने संकेत दिया कि श्रीकांत शिंदे केंद्रीय मंत्री बन सकते हैं. शिंदे गुट में आए नेता ने कहा कि चंदा चोरी के मुद्दे पर राम रक्षा आंदोलन करके उद्धव ठाकरे फिर गलती कर रहे हैं. उन्हें राष्ट्रीय मुद्दे उठाने के बजाय राज्य के मुद्दे उठाने चाहिए.
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