पीसी रद्द किए जाने से विवेक अग्निहोत्री नाराज, कहा- FCC-PCI ने ‘अलोकतांत्रिक तरीके’ से किया बैन

अग्निहोत्री ने मंगलवार को एक वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया था कि ‘‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रखवाली करने वालों’’ ने उनकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर रोक लगा दी.

पीसी रद्द किए जाने से विवेक अग्निहोत्री नाराज, कहा- FCC-PCI ने ‘अलोकतांत्रिक तरीके’ से किया बैन

द कश्मीर फाइल्स के निर्देशक विवेक अग्निहोत्री (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

‘द कश्मीर फाइल्स' (The Kashmir Files) के निर्देशक विवेक अग्निहोत्री (Vivek Agnihotri) ने ‘फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब' (एफसीसी) और ‘प्रेस क्लब ऑफ इंडिया' (पीसीआई) की ओर से संवाददाता सम्मेलन की अनुमति न दिए जाने पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि उन्हें ‘‘अलोकतांत्रिक'' तरीके से प्रतिबंधित कर दिया गया है, लेकिन वे हार नहीं मानेंगे और गुरुवार को किसी पांच सितारा होटल में संवाददाता सम्मेलन करेंगे. अग्निहोत्री ने मंगलवार को एक वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया था कि ‘‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रखवाली करने वालों'' ने उनकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर रोक लगा दी.

उन्होंने कहा कि एफसीसी ने उनका कार्यक्रम रद्द कर दिया. ऐसे में अब वे प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में मीडिया से बात करेंगे. हालांकि, जब पीसीआई ने भी अपने हाथ पीछे खींच लिए तो निर्देशक ने बुधवार को ट्वीट के जरिए उस पर निशाना साधा. अग्निहोत्री ने ट्वीट किया, ‘‘कमाल है. प्रेस क्लब ऑफ इंडिया' ने भी मेरा कार्यक्रम रद्द कर दिया.लोकतंत्र के पहरेदार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मसीहा ने न केवल मुझ पर अलोकतांत्रिक रूप से प्रतिबंध लगा दिया, बल्कि झूठ भी बोल रहे हैं.'

निर्देशक ने अपनी ट्वीट्स में कार्यक्रम के खातिर पीसीआई को बुक करने के लिए एक एजेंसी के संदेशों के स्क्रीनशॉट भी साझा किए. निर्देशक ने कहा कि वह एक ‘‘ओपन हाउस प्रेस कॉन्फ्रेंस'' करेंगे और ‘‘सबसे मुश्किल सवालों'' के जवाब देंगे. 

अग्निहोत्री ने ‘पीटीआई-भाषा' को भेजे एक व्हाट्सऐप संदेश में कहा, ‘‘सभी लोकतांत्रिक और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के समर्थकों, मीडिया के लोगों, संवाददाताओं, पत्रकारों, मीडिया कार्यकर्ताओं और कश्मीर नरसंहार पीड़ितों के प्रति सहानुभूति रखने वालों को कल दोपहर साढ़े तीन बजे दिल्ली के ली मेरिडियन होटल में आमंत्रित करता हूं.''

बता दें कि यह पूरा विवाद मंगलवार को अग्निहोत्री के एक वीडियो साझा करने के बाद शुरू हुआ था, जिसमें उन्होंने एफसीसी पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया था कि वे ‘‘नफरत फैलाने वाले अभियान का शिकार'' हुए हैं. उन्होंने कहा था कि वह उसी दिन एक वैकल्पिक स्थल पीसीआई में ‘‘ओपन हाउस प्रेस कॉन्फ्रेंस'' करेंगे.

हालांकि पीसीआई के ट्विटर अकाउंट पर जानकारी दी गई थी कि वह ‘‘पांच मई को किसी भी व्यक्ति या संगठन के लिए किसी कार्यक्रम का आयोजन नहीं कर रहा है. क्लब, केवल अग्रिम बुकिंग कराने पर ही संवाददाता सम्मेलन की अनुमति देता है. इसकी एक तय प्रक्रिया है और यह बुकिंग, क्लब के किसी सदस्य के माध्यम से ही कराई जा सकती है.''

बाद में पीसीआई ने भी स्क्रीनशॉट साझा करते हुए एक और ट्वीट किया और कहा, ‘‘विवेक अग्निहोत्री की टिप्पणियां भ्रामक हैं. हो सकता है कि कथित एजेंसी ने हमारे कार्यालय के सचिव से बुकिंग के लिए बात की हो लेकिन प्रेस क्लब ऑफ इंडिया को पांच मई को कोई कार्यक्रम आयोजित करने, संवाददाता सम्मेलन की खातिर बुकिंग के लिए उनकी ओर से कोई आवेदन नहीं मिला.''

गौरतलब है कि मंगलवार को अग्निहोत्री ने वीडियो में यह भी कहा था ‘ग्लोबल कश्मीरी पंडित डायसपोरा' ने उन्हें कहा था कि एफसीसी उनके लिए संवाददाता सम्मेलन का आयोजन करने को उत्सुक है क्योंकि कई विदेशी मीडिया संस्थान उनसे ‘द कश्मीर फाइल्स' के बारे में बात करना चाहते हैं और कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार की सचाई जानना चाहते हैं.

उन्होंने कहा कि यह संवाददाता सम्मेलन पांच मई को शाम सात बजे एफसीसी में होने वाला था और इसके लिए ज़ी स्टूडियोज के एक अधिकारी ने दिल्ली जाकर इसके लिए पूरा बंदोबस्त भी किया.

निर्देशक ने कहा, ‘‘लेकिन कल मैं तब हैरान रह गया जब मुझे उनके अध्यक्ष का फोन आया जिसमें उन्होंने कहा कि कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया है क्योंकि कुछ ताकतवर मीडिया ने इस संवाददाता सम्मेलन पर कड़ी आपत्ति जताई है और इसकी इजाजत देने की स्थिति में सामूहिक इस्तीफे की धमकी दी है.''

अग्निहोत्री ने मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी को ‘टैग' करते हुए एक अन्य ट्वीट में उनसे मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया था.

निर्देशक ने ट्वीट किया था, ‘‘अमित शाह जी और हरदीप सिंह पुरी जी, मैं जानना चाहता हूं कि इस तरह के भारत-विरोधी, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता विरोधी ‘फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब' को ऐसी संपत्ति देने का क्या उद्देश्य है. मैं आपसे एक नागरिक के रूप में उनकी गतिविधियों, उद्देश्य और एजेंडा की समीक्षा करने का अनुरोध करता हूं.''

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