- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज अपना नौंवा बजट लोकसभा में पेश किया
- इस बार के बजट में मिशन 2047 का कई बार किया गया है जिक्र
- रेयर अर्थ कॉरिडोर से लेकर सेमीकंडक्टर के लिए सरकार ने खास ध्यान दिया है
'मिशन 2047'के सरकार ने एक और गियर बदल दिया है. 'रिफॉर्म एक्सप्रेस'धुरंधर रफ्तार देने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नौवें बजट में इसकी झलक है. इंफ्रा से लेकर फ्यूचर के 'ग्रोथ इंजन' वाले सेक्टर्स में तेल डाला गया. अगले 5 साल देश को बायोफार्मा का हब बनाने की बात है. इसके लिए 10 हजार करोड़ का इंतजाम किया गया है. इससे देश के दवा उद्योग को बड़ा पुश मिलने की उम्मीद है. फ्यूचर का गोल्ड बताए जा रहे सेमीकंडक्टर मिशन और रेयर अर्थ पर विशेष नजर है. जरा बजट के संदेश समझिए
आर्थिक सेहत पर भी नजर
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि सरकार को उम्मीद है कि 2026-27 में राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 4.3 प्रतिशत रहेगा, जो चालू वित्त वर्ष के लिए अनुमानित 4.4 प्रतिशत से कम है. मिशन 2047 के लिए भारत को ग्रोथ को जो रफ्तार चाहिए उसके लिए तीन से चार प्रतिशत का राजकोषीय घाटा एक अनुकूल और जरूरी टारगेट माना जाता है. इसका मकसद आर्थिक विस्तार तथा वित्तीय स्थिरता के बीच संतुलन बनाए रखना है.
पढ़ें, लोकल से ग्लोबल वाली धुरंधर रफ्तार... PM मोदी ने समझाया बजट 2026 का पूरा सार

सेवा क्षेत्र पर खास ध्यान
निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि 2047 तक भारत सेवा क्षेत्र में वैश्विक लीडर बने और दुनिया के कुल सेवा कारोबार में भारत की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत तक पहुंचे. इसके लिए शिक्षा, स्किल और तकनीक को एक साथ आगे बढ़ाया जाएगा. यह हाई-पावर कमेटी सेवा क्षेत्र में विकास, रोजगार और निर्यात की सबसे ज्यादा संभावनाओं वाले क्षेत्रों की पहचान करेगी. कमेटी बताएगी कि किन सेक्टर्स में ज्यादा नौकरियां बन सकती हैं और उन्हें कैसे बढ़ाया जाए. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और दूसरी नई तकनीकों का नौकरियों पर क्या असर पड़ेगा, इसका आकलन करेगी. भविष्य की जरूरतों को देखते हुए शिक्षा और स्किल ट्रेनिंग में जरूरी बदलावों का सुझाव देगी. उन्होंने कहा कि इस कमेटी की सिफारिशों से युवाओं को समय के मुताबिक स्किल्स मिलेंगी और उन्हें देश-विदेश में रोजगार के बेहतर मौके मिल सकेंगे। यानी इससे युवाओं और अर्थव्यवस्था को फायदा मिलेगा.

रेयर अर्थ कॉरिडोर
वित्त मंत्री ने बजट में खनिज से संपन्न राज्यों के लिए 'रेयर अर्थ कॉरिडोर' बनाने का ऐलान किया है. ये कॉरिडोर ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे राज्यों में बनेगा. दरअसल, हाल के सालों में रेयर अर्थ मेटल को लेकर चीन की दबंगई के बाद भारत ने इस दिशा में बड़े निवेश करने का फैसला कर लिया है. वित्त मंत्री ने कहा कि रेयर कॉरिडोर के जरिए खनन, प्रोसेसिंग, रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा. पिछले साल नवंबर में पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में 'सिंटर्ड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट' परियोजना को मंजूरी दी गई थी. इस परियोजना के लिए 7,280 करोड़ रुपये आवंटित करने का प्रस्ताव किया गया है. ये भारत में रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट (REPM) बनाने के लिए अपनी तरह की पहल थी. इसको लागू करने का कारण रेयर अर्थ के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना था. भारत ऐसे उपायों से वैश्विक बाजार में रेयर अर्थ का बड़ा खिलाड़ी साबित हो सकता है.
यह भी पढ़िए, टैक्सपेयर्स को बजट का तोहफा: Income Tax से लेकर TCS तक, वित्त मंत्री ने क्या-क्या ऐलान किए, जानें सब कुछ
इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन
बजट में वित्त मंत्री निर्मला ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 का ऐलान किया है. इसके जरिए सरकार की कोशिश सेमीकंडक्टर क्षेत्र में उभरते अवसरों का फायदा उठाना है. इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर उत्पादन बढ़ाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम का खर्च बढ़ाकर 40 हजार करोड़ रुपए कर दिया है. इसके जरिए कोशिश इंडस्ट्री के नेतृत्व में सेमीकंडक्टर क्षेत्र में रिसर्च और ट्रेनिंग सेक्टर को आने बढ़ाना है. उन्होंने कहा कि सरकार इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ISM) 2.0 की शुरुआत करेगी. भारत के सेमीकंडक्टर विकास की गति का लाभ उठाने के लिए ISM पर व्यय को बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपए किया है. वित्त मंत्री ने कहा कि हम प्रौद्योगिकी और कुशल लोगों के विकास के लिए उद्योग-नेतृत्व वाले अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्रों पर भी ध्यान केंद्रित करेंगे. अप्रैल 2025 में 22,999 करोड़ रुपए के व्यय के साथ शुरू की गई ISM को पहले ही लक्ष्य से दोगुने निवेश का भरोसा मिल चुका है. इसके अलावा, केंद्रीय बजट 2026-27 में लघु एवं मध्यम उद्यम (SME) विकास के लिए 10,000 करोड़ रुपए के एक समर्पित कोष की शुरुआत का भी प्रस्ताव रखा गया है, जिसका उद्देश्य भविष्य में रोजगार सृजित करना और चुनिंदा मानदंडों के आधार पर उद्यमों को प्रोत्साहन देना है.

बायोफार्मा शक्ति स्कीम
निर्मला ने 'बायोफार्मा शक्ति' स्कीम का ऐलान किया है. इसके अंतर्गत केंद्र सरकार की ओर से अगले पांच वर्षों के लिए 10,000 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं. वित्त मंत्री बजट भाषण में बताया कि इस स्कीम के तहत देश में बायो-फार्मा को बढ़ावा देने को लिए 1,000 मान्यता प्राप्त परीक्षण स्थलों का नेटवर्क तैयार किया जाएगा. इस स्कीम के जरिए सरकार की कोशिश देश में तेजी से फार्मा सेक्टर को बढ़ावा देना है.
यह भी पढ़ें, बीड़ी, जूते, बैटरी सस्ती...जानिए बजट 2026 में क्या हुआ महंगा क्या हुआ सस्ता
किसानों के लिए कई ऐलान
आम बजट में किसानों की आय बढ़ाने के बड़े उद्देश्य से 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों का विकास करने का ऐलान किया गया है. तटीय क्षेत्रों में मत्स्य मूल्य श्रृंखला को मजबूती प्रदान करने तथा स्टार्टअप एवं महिलाओं की अगुवाई वाले समूह को मत्स्य कृषक उत्पादक संगठनों के साथ शामिल करते हुए बाजार से जोड़ने का प्रस्ताव किया गया है. वित्त मंत्री ने तटीय क्षेत्रों में नारियल, चंदन, कोको और काजू जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों में सहायता प्रदान कर उच्च मूल्य वाली खेतीबाड़ी पर जोर दिया. दरअसल, ये सभी कृषि उत्पाद कमर्शियल उत्पाद माने जाते हैं. सरकार ने ऐसे किसानों के लिए ऐलान करके एक बड़े लक्ष्य को साधने की कोशिश की है.

पीएम मोदी ने बजट को भविष्य वाला बताया
20 नए वाटरवेज बनाने का ऐलान
वित्त मंत्री निर्मला ने अगले 5 साल में 20 नए वाटरवेज बनाने का ऐलान किया है. ओडिशा के तेलचर और अंगूल के खनिज संपन्न इलाके को वाटरवेज से जोड़ने का फैसला किया गया है. पारादीप और धामरा पोर्ट से औद्योगिक क्षेत्र कलिंग नगर को जोड़ने के लिए वाटरवेज का ऐलान किया गया है. इसके अलावा वाटरवेज मिशन को बढ़ावा देने के लिए रीजनल सेंटर ऑफ एक्सिलेंस फॉर डिवेलपमेंट बनाने का ऐलान किया गया है. सरकार के इस फैसले से औद्योगिक सामान की सप्लाई सस्ता और सुलभ हो पाएगा. इन वाटरवेज से पूर्वी और दक्षिण भारत जुड़ जाएगा.

कैसी होगी रफ्तार, 3 कर्तव्य में बजट का सार
2026 के बजट में सरकार के विजन का पता उसके पहले हिस्से से चलता है, जिसमें 3 कर्तव्यों का जिक्र है. इन कर्तव्यों के शब्दों पर बारीक नजर डालने पर 2047 के भारत के लिए मजबूत बुनियाद की तैयारी दिखती है. जरा इन कर्तव्यों को समझिए.

- हमारा पहला कर्तव्य उत्पादकता और प्रतिस्पर्धा को बढ़ाते हुए आर्थिक विकास को तेज और सतत बनाए रखना तथा विश्व में बदल रही परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता को विकसित करना है.
- हमारा दूसरा कर्तव्य हमारे लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमताओं का निर्माण करना है ताकि वे भारत की समृद्धि के मार्ग में मजबूत सहयोगी बन सके.
- हमारा तीसरा कर्तव्य, जो सबका साथ, सबका विकास के हमारे दृष्टिकोण के अनुरूप है, यह सुनिश्चित करना है कि अर्थपूर्ण भागीदारी के लिए प्रत्येक परिवार, समुदाय, प्रदेश और क्षेत्र की पहुंच संसाधनों, सुविधाओं और अवसरों तक हो.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं