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कांग्रेस में विलय का मन बना रहे ममता और पवार? पटोले, राउत के बाद गहलोत भी बोले, सुप्रिया का भी सिग्नल

बंगाल में मिली हार के बाद TMC में मची भगदड़ के बीच विपक्षी क्षेत्रीय दलों के कांग्रेस में विलय की चर्चा शुरू हो गई है. TMC और NCP को लेकर अभी चर्चाएं चल रही है. कांग्रेस, शिवसेना, एनसीपी नेताओं के बयान से इस चर्चा को और बल मिला है.

कांग्रेस में विलय का मन बना रहे ममता और पवार? पटोले, राउत के बाद गहलोत भी बोले, सुप्रिया का भी सिग्नल
TMC में मची भगदड़ के बाद कांग्रेस से टूट कर बनी पार्टियों के विलय की चर्चा तेज हो गई है.
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Congress TMC NCP Merger: बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) बड़ी टूट की कगार पर है. पार्टी के दो तिहाई विधायक और सांसद अलग गुट बनाने की कोशिश में जुटे हैं. टीएमसी में मची इस भगदड़ के बीच ममता बनर्जी के सामने पार्टी को बचाए रखने की चुनौती है. इस बीच दिल्ली में हुई विपक्षी दलों के इंडिया ब्लॉक की बैठक के बाद TMC के कांग्रेस में विलय की चर्चा शुरू हो गई है. टीएमसी-कांग्रेस विलय की चर्चा को तब बल मिला जब इंडिया ब्लॉक की बैठक के बाद भी अभिषेक बनर्जी दिल्ली में बने रहे. अब महाराष्ट्र से भी कांग्रेस में क्षेत्रीय विपक्षी दलों के विलय की चर्चाएं तेज हो गई है. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी यह कहा कि कांग्रेस से अलग हुए सभी दलों को एक साथ हो जाना चाहिए.

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कांग्रेस से अलग होकर क्षेत्रीय दल बनने वाली सभी पार्टियों को पुनः कांग्रेस में शामिल हो जाना चाहिए और पूरे दिल से राहुल गांधी को अपना नेता स्वीकार करना चाहिए. 

नाना पटोले, संजय राउत के बयान से गरमाई राजनीति

महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता नाना पटोले ने कहा, 'शरद पवार और ममता बनर्जी कांग्रेस के साथ आने की मानसिकता बना रहे हैं'. उन्होंने कहा कि देश बचाने के लिए समविचारी दलों का एकजुट होना जरूरी है. नाना पटोले के अलावा शिवसेना सांसद संजय राउत का बयान भी सामने आया. संजय राउत ने कहा शरद पवार विपक्षी दलों के कांग्रेस में विलय की कमान संभाले.

नाना पटोले और संजय राउत के बयान पर सुप्रिया सुले का बयान भी सामने आया. हालांकि सुप्रिया के बयान से भी चीजें स्पष्ट नहीं हुई. सुप्रिया सुले ने कहा, "पहले बारिश तो होने दो, फिर देखेंगे छतरी लेनी है या रेनकोट. 

TMC और NCP (SP) का कांग्रेस में होगा विलय? नेताओं की बयानबाजी ने दिए बड़े संकेत

भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजय रथ को रोकने के लिए इंडिया गठबंधन के भीतर अब एक बड़े 'महाविलय' की सुगबुगाहट तेज हो गई है. कांग्रेस से अलग होकर प्रादेशिक स्तर पर अपनी राजनीतिक जमीन तैयार करने वाले दलों को एक बार फिर कांग्रेस के छतरी के नीचे लाने की कवायद शुरू हो चुकी है. 

इस संभावित विलय को लेकर कांग्रेस, शिवसेना (UBT) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के शीर्ष नेताओं की बयानबाजी ने यह साफ कर दिया है कि पर्दे के पीछे एक बड़ी राजनीतिक पटकथा लिखी जा रही है.

'देश बेचा जा रहा है, इसलिए समविचारी दलों का एकजुट होना जरूरी' - नाना पटोले

इस पूरे सियासी घटनाक्रम पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नाना पटोले ने बेहद आक्रामक और स्पष्ट रुख अपनाया है. देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए नाना पटोले ने कहा, "राष्ट्रवादी का, पवार साहब का प्रस्ताव, ऑलरेडी उन्होंने पहले ही दिया हुआ था और कुछ कारणों से उसमें देरी हुई थी. लेकिन, मुझे ऐसा लगता है कि अभी जो कुछ भी देश की राजनीति में चल रहा है... देश बेचा जा रहा है, देश की संवैधानिक व्यवस्था खत्म होती जा रही है... 

नाना पटोले ने आगे कहा कि ऐसे समय में वोटों का विभाजन जो बड़े पैमाने पर होता है, उसे रोकने के लिए, देश बचाने के लिए और देश का संविधान बचाने के लिए... जो कोई भी सेक्युलर धर्मनिरपेक्ष विचारों के दल हैं, उन सभी को एकजुट होना चाहिए. इस तरह की एक प्रक्रिया अब देश स्तर पर शुरू हुई है और उसी प्रक्रिया का हिस्सा है कि तृणमूल कांग्रेस हो या पवार साहब हों... ये सभी लोग अब कांग्रेस के ही साथ आने और विलय करने की मानसिकता और उस तरह का भाव अब हमें देखने को मिल रहा है."

नाना पटोले से जब यह पूछा गया कि क्या कांग्रेस ने खुद इन प्रादेशिक दलों को विलय का कोई आधिकारिक प्रस्ताव दिया है, और क्या ये प्रस्ताव उद्धव गुट को भी दिया गया है? 

तो उन्होंने स्पष्ट किया, "नहीं, नहीं... यह ऑफर हमने किसी को नहीं दिया है, यह आपका गलत अंदाजा है. यह जो कुछ भी परिस्थिति है, उसका पवार साहब ने भी और सुप्रिया ताई ने भी उस पर उल्लेख किया है. तो यह प्रक्रिया शुरू है और सबको लगता है कि अब एकजुट होना चाहिए, वोटों का विभाजन रोकना चाहिए और देशहित के लिए व देश के संविधान के लिए कांग्रेस के साथ रहना चाहिए, इस तरह की कई राज्य स्तर के दलों में यह भूमिका शुरू हुई है."

“शरद पवार को निभानी चाहिए विलय की अग्रणी भूमिका” - संजय राउत

दूसरी तरफ, शिवसेना (यूबीटी) के फायरब्रांड नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने इस महाविलय को अमलीजामा पहनाने के लिए NCP (एसपी) के अध्यक्ष शरद पवार के नाम का आगे किया है. संजय राउत का मानना है कि शरद पवार को छोटी पार्टियों का कांग्रेस में विलय कराने में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए. गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि एनसीपी (एसपी) अध्यक्ष शरद पवार को कांग्रेस से अलग होकर अस्तित्व में आई छोटी पार्टियों को वापस कांग्रेस में विलय करने में नेतृत्व करना चाहिए.

संजय राउत ने इस बात पर जोर दिया कि “ऐसे नेता हैं जो कांग्रेस और कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकारों का हिस्सा रहे हैं, और वे आज भी उसी विचारधारा का समर्थन करते हैं. अगर यह कांग्रेस की विचारधारा एकजुट हो जाती है, तो यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए एक बड़ी चुनौती खड़ी कर देगी.”

उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि “शरद पवार को इस संबंध में पहल करनी चाहिए. राउत ने यह भी साफ किया कि देश में भाजपा के खिलाफ एक मजबूत विकल्प खड़ा करने के लिए कांग्रेस को और मजबूत होना होगा, और इससे निकली छोटी पार्टियों के नेताओं को समय की नजाकत को समझना होगा.”

हालांकि संजय राउत के इस बयान पर शिवसेना शिंदे गुट के मंत्री संजय शिरसाट ने कहा, 'संजय राउत यह तय करने वाले कोई नहीं होते कि कांग्रेस छोड़ने वालों को पार्टी में वापस आना चाहिए या नहीं, वह अपनी पार्टी पर ध्यान दें.

'पहले बारिश तो होने दो, फिर देखेंगे छतरी लेनी है या रेनकोट' - सुप्रिया सुले

कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के संभावित विलय की चर्चाओं के बीच, शरद पवार की बेटी और लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है. सोनिया गांधी और ममता बनर्जी की कथित मुलाकात और विलय के ऑफर पर बात करते हुए सुप्रिया सुले ने कहा कि वह उस बैठक में मौजूद नहीं थीं और न ही कांग्रेस या टीएमसी ने उनसे कुछ साझा किया है. 

8 जून को दिल्ली में हुई इंडिया ब्लॉक की बैठक में मौजूद कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों के नेता.

हालांकि, संजय राउत के सुझावों का स्वागत करते हुए सुले ने कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को अपने मन की बात कहने का अधिकार है. संजय राउत उनके भाई हैं और उनके सुझावों का सम्मान किया जाना चाहिए.

ममता बनर्जी के प्रति एकजुटता दिखाते हुए सुप्रिया सुले ने कहा कि उनकी पार्टी टीएमसी के साथ पूरी ताकत से खड़ी है और अब मामला अदालत में जाएगा, क्योंकि सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं. उन्होंने दृढ़ता से कहा कि राजनीति में कोई कभी खत्म नहीं होता और ममता बनर्जी की विचारधारा को कोई समाप्त नहीं कर सकता.

जब सुप्रिया सुले से सीधे शब्दों में पूछा गया कि यदि भविष्य में कांग्रेस की ओर से उनकी पार्टी को विलय का प्रस्ताव मिलता है तो उनका क्या स्टैंड होगा? इस पर उन्होंने अपने चिरपरिचित हल्के-फुल्के अंदाज में जवाब देते हुए कहा, "अभी बारिश हुई तो छतरी लूंगी या रेनकोट, पहले बारिश तो होने दो, उसके बाद देखते हैं."

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