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यूपी कैबिनेट की बैठक में सरकारी वकीलों के मानदेय और मासिक भत्ते में बढ़ोतरी को मिली मंजूरी

यूपी में योगी कैबिनेट ने सरकारी वकीलों के मानदेय और भत्तों में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है. नए फैसले के तहत जिला से लेकर महाधिवक्ता स्तर तक सभी विधि अधिकारियों की रिटेनर फीस और बहस शुल्क में संशोधन किया गया है, जिससे उन्हें पहले से अधिक मासिक भुगतान और प्रति दिन की फीस मिलेगी.

यूपी कैबिनेट की बैठक में सरकारी वकीलों के मानदेय और मासिक भत्ते में बढ़ोतरी को मिली मंजूरी
यूपी के CM योगी आदित्यनाथ
  • योगी कैबिनेट की बैठक में सरकारी वकीलों के मानदेय और मासिक भत्तों में वृद्धि को मंजूरी दी है.
  • जिला शासकीय अधिवक्ता को मासिक 14 हजार रुपये रिटेनर फीस और 2500 रुपये प्रतिदिन बहस फीस मिलेगी.
  • महाधिवक्ता को 1.25 लाख रुपये मासिक रिटेनर और 60 हजार रुपये प्रतिदिन बहस शुल्क निर्धारित किया गया है.

उत्तर प्रदेश में योगी कैबिनेट की बैठक में बड़ा निर्णय लिया गया है. वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि राज्य के विधि अधिकारियों यानी सरकारी वकीलों के मानदेय और मासिक भत्तों में वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है. इसके तहत जिला शासकीय अधिवक्ता, अपर जिला शासकीय अधिवक्ता, सहायक और उप शासकीय अधिवक्ता सहित नामित वकील, विशेष अधिवक्ता और दीवानी-फौजदारी मामलों के लिए फीस दरों में संशोधन किया गया है.

नए प्रावधान के अनुसार, जिला शासकीय अधिवक्ता को 14 हजार रुपये मासिक रिटेनर फीस और 2500 रुपये प्रतिदिन बहस फीस मिलेगी, जबकि अपर जिला शासकीय अधिवक्ता को 11 हजार रुपये मासिक और 2300 रुपये प्रतिदिन बहस शुल्क दिया जाएगा. सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता को 10 हजार रुपये मासिक और 2300 रुपये प्रतिदिन, वहीं उप जिला शासकीय अधिवक्ता को 9000 रुपये मासिक और 2000 रुपये प्रतिदिन बहस शुल्क मिलेगा.

इसके अलावा नामित वकील, विशेष अधिवक्ता और न्यायिक दीवानी-फौजदारी मामलों के लिए 2300 रुपये प्रति कार्यदिवस की बहस फीस तय की गई है. महाधिवक्ता को 1.25 लाख रुपये मासिक रिटेनर और 60 हजार रुपये प्रति दिन बहस शुल्क मिलेगा. अपर महाधिवक्ता को 50 हजार रुपये मासिक और 40 हजार रुपये प्रतिदिन, जबकि सुप्रीम कोर्ट में अपर महाधिवक्ता को 50 हजार रुपये मासिक और 50 हजार रुपये प्रतिदिन बहस शुल्क दिया जाएगा.

मुख्य स्थायी अधिवक्ता को 35 हजार रुपये मासिक और 12 हजार रुपये प्रतिदिन बहस फीस मिलेगी. वहीं, अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता, अपर शासकीय अधिवक्ता और अपर लोक अभियोजक को 20 हजार रुपये मासिक और 8000 रुपये प्रतिदिन बहस शुल्क निर्धारित किया गया है.

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