विज्ञापन

थार, फॉर्च्यूनर जैसी गाड़ियों पर बनते रील और रोज होते हादसों में क्या कनेक्शन?

जयपुर में 4 दिन के भीतर ब्लैक थार से जुड़ी तीन बड़ी वारदातें, गुरुग्राम में बाइक सवारों को घसीटने का मामला और सांचौर में स्कॉर्पियो की टक्कर से मासूम की मौत. क्या सोशल मीडिया का रील्स कल्चर, स्टेटस सिंबल और रसूख का अहंकार कुछ SUV गाड़ियों को सड़क पर खतरा बना रहा है?

थार, फॉर्च्यूनर जैसी गाड़ियों पर बनते रील और रोज होते हादसों में क्या कनेक्शन?
  • जयपुर में चार दिनों में ब्लैक थार ने तीन गंभीर सड़क हादसों को अंजाम दिया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हुई।
  • द्वारका एक्सप्रेसवे पर ब्लैक थार ने बाइक सवार युवकों को घसीटते हुए गंभीर चोटें पहुंचाईं और फरार हो गया।
  • राजस्थान के सांचौर में तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने तीन साल के मासूम बच्चे को घसीटकर मार दिया, मां चीखती रही।

काले शीशे, कान फाड़ता हॉर्न, बेकाबू रफ्तार और सड़क पर चलते आम लोगों को कुछ न समझने की घटिया मानसिकता! देश की सड़कों पर इन दिनों ब्लैक थार (Black Thar) और फॉर्च्यूनर जैसी भारी-भरकम गाड़ियों का एक प्रकार से'गुंडा राज' चल रहा है. अकेले जयपुर में बीते 4 दिन में ब्लैक थार का ट्रिपल अटैक सामने आया है...जिसमें एक शख्स की तो मौत भी हो गई. इससे पहले राजस्थान के ही सांचौर में स्कॉर्पियो ने एक मां के सामने ही उसके 3 साल के मासूम को कुचल दिया. शनिवार को गुरुग्राम में भी थार रॉक्स ने बाइक सवार युवकों को कई मीटर तक घसीटा और फिर फरार हो गए. जाहिर है जयपुर से लेकर गुरुग्राम तक, पिछले कुछ ही दिनों में इन गाड़ियों से जो तांडव मचाया गया है, उसने देश को झकझोर कर रख दिया है. ताजा घटनाओं के बारे में हम आगे बात करेंगे लेकिन पहले हाल की घटनाओं पर निगाह डाल लेते हैं जिससे की मामले की गंभीरता का आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है....

Latest and Breaking News on NDTV

जयपुर में महज 4 दिन में ब्लैक थार का ट्रिपल अटैक!

गुंडागर्दी और बेखौफ ड्राइविंग का ताजा केंद्र बना है राजस्थान का जयपुर, जहां महज चार दिन के भीतर एक ही ब्लैक थार ने तीन बड़ी वारदातों को अंजाम देकर पुलिस को खुली चुनौती दे डाली:

पहला शिकार: एक बेकाबू ब्लैक थार ने स्कूटी सवार 57 वर्षीय नवल शर्मा को इतनी बेरहमी से टक्कर मारी कि मौके पर ही उनकी मौत हो गई.

दूसरा शिकार: राजा पार्क इलाके में इसी तेज रफ्तार ब्लैक थार ने एक और स्कूटी सवार युवक को टक्कर मारकर लहूलुहान कर दिया.

सड़क पर सरेआम गुंडागर्दी: हद तो तब हो गई जब ओवरटेकिंग के मामूली विवाद में इन्हीं थार सवार रईसजादों ने बीच सड़क पर एक स्विफ्ट डिजायर कार को जबरन रुकवाया. आरोपियों ने कार चालक के सिर पर पिस्टल तान दी, उसे बेरहमी से पीटा और कार में जमकर तोड़फोड़ की.तीनों ही वारदातों को अंजाम देकर ब्लैक थार और उसके रईसजादे गुंडे बड़ी आसानी से फरार हो गए, जिनकी तलाश में पुलिस अब भी सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है.

गुरुग्राम के द्वारका एक्सप्रेसवे पर बाइक सवारों को घसीटा

जयपुर की इस गुंडागर्दी की स्याही अभी सूखी भी नहीं थी कि गुरुग्राम के द्वारका एक्सप्रेसवे से रूह कंपा देने वाला एक और वीडियो सामने आ गया. यहां बेकाबू रफ्तार से दौड़ रही काले रंग की 'थार रॉक्स' ने आगे चल रही एक बाइक को खतरनाक तरीके से जिग-जैग करते हुए कट मारा. टक्कर इतनी भयावह थी कि बाइक सवार दोनों युवक कई मीटर तक हाईवे पर घिसटते चले गए.

इंसानियत को शर्मसार करने वाली बात यह रही कि टक्कर मारने के बाद भी थार के ड्राइवर ने गाड़ी नहीं रोकी और दोनों को तड़पता छोड़कर भाग निकला. हेलमेट पहने होने की वजह से दोनों युवकों की जान बच गई, लेकिन इस थार का पुराना रिकॉर्ड देखा गया तो पता चला कि इस पर पहले से ही खतरनाक ड्राइविंग का 5,000 रुपये का चालान पेंडिंग था.

सांचौर में मां की आंखों के सामने मासूम को 10 फीट तक घसीटा

इसी तरह का एक और दिल दहला देने वाला हादसा राजस्थान के सांचौर में हुआ, जहां दुकान से अचानक सड़क पर आए 3 साल के मासूम बच्चे को तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने अपनी चपेट में ले लिया. कार बच्चे को करीब 10 फीट तक घसीटती चली गई. मां चीखती-चिल्लाती रही, लेकिन उसके शोर के बीच ही मासूम ने दम तोड़ दिया.

रील्स का नशा, गानों का क्रेज और 'स्टेटस सिंबल'  

आखिर क्यों इन गाड़ियों के आते ही सड़कों पर खौफ छा जाता है? राजस्थान विश्वविद्यालय के प्रोफेसर विशाल विक्रम कहते है कि इसके पीछे सोशल मीडिया का रील्स कल्चर और गानों का क्रेज सबसे बड़ा विलेन है. इंटरनेट पर 'थार', 'फॉर्च्यूनर' और 'स्कॉर्पियो' जैसे की-वर्ड्स पर लाखों रील्स मौजूद हैं. पिछले कुछ सालों में इन गाड़ियों के नाम पर दर्जनों गाने बने हैं जिन पर करोड़ों व्यूज हैं. इन गानों में इन गाड़ियों को 'दबंगई', 'गुंडागर्दी' और 'रौब' के प्रतीक के रूप में पेश किया जाता है. इसी 'फेक स्टेटस' को हासिल करने के लिए रईसजादे सड़कों पर खतरनाक स्टंट करते हैं. 

प्रोफेसर विशाल विक्रम इस पागलपन के सामाजिक-आर्थिक पहलू को उजागर करते हुए कहते हैं कि ये महंगी गाड़ियां एक खास संपन्न तबके के लिए दूसरों पर धौंस जमाने का जरिया बन चुकी हैं. वे कहते हैं-"अक्सर रसूखदार परिवारों से आने वाले गाड़ी के मालिक बेखौफ होकर गाड़ियां दौड़ाते हैं क्योंकि उन्हें पता होता है कि हादसे के बाद भी उनका पैसा और राजनीतिक रसूख उन्हें बचा लेगा. पुलिस और कानून अक्सर इनके रसूख के सामने लाचार नजर आते हैं." सड़कों पर आम लोगों को कुछ न समझने वाले इन थार और फॉर्च्यूनर सवार रईसजादों पर जब तक पुलिस 'ऑन द स्पॉट' सख्त एक्शन नहीं लेगी, तब तक बेकसूर लोग इसी तरह से शिकार होते रहेंगे. 
ये भी पढ़ें: थार के आगे बेबस ‘थानेदार' ? सांचौर से मुंबई तक पब्लिक क्यों लाचार

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Rajasthan News, Gurugram News, Black Thar SUV Case Jaipur, Road Rage Case
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com