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गांव के लड़के ने 4 बार क्रैक की UPSC, कौन हैं सुनील कुमार? IPS से IAS बनकर IFS संग की शादी

राजस्थान के गांव से निकलकर हिंदी माध्यम में लगातार चार बार यूपीएससी पास करने वाले आईएएस सुनील कुमार धनवंता इन दिनों चर्चा में हैं. पहले IRAS और IPS बने, फिर AIR 22 के साथ यूपी कैडर में IAS अधिकारी बने. उनकी पत्नी निशा धवल भारतीय विदेश सेवा की अधिकारी हैं. जान‍िए इनकी सक्‍सेस स्‍टोरी. 

गांव के लड़के ने 4 बार क्रैक की UPSC, कौन हैं सुनील कुमार? IPS से IAS बनकर IFS संग की शादी
IAS सुनील कुमार धनवंता राजस्‍थान में जयपुर ज‍िले के गांव जयस‍िंहपुरा के रहने वाले हैं.
  • सुनील कुमार धनवंता ने लगातार चार बार यूपीएससी परीक्षा पास कर हिंदी माध्यम से सफलता हासिल की है
  • वे वर्तमान में उत्तर प्रदेश में 2022 बैच के आईएएस अधिकारी और बहराइच के मुख्य विकास अधिकारी हैं
  • सुनील कुमार ने आईआईटी दिल्ली से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक और जेएनयू से भूगोल में मास्टर डिग्री प्राप्त की है

सुनील कुमार धनवंता. गांव का वह लड़का, जिसके लिए संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा पास करना मानो बाएं हाथ का खेल रहा. इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सुनील कुमार धनवंता लगातार चार बार यूपीएससी क्रैक कर चुके हैं, वह भी हिंदी माध्यम से. उत्तर प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी सुनील धनवंता इन दिनों कोर्ट की अवमानना के एक मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा तलब किए जाने के कारण चर्चा में हैं.

IAS सुनील कुमार धनवंता की सक्‍सेस स्‍टोरी उन युवाओं के लिए प्रेरणादायक है, जिन्हें लगता है कि ग्रामीण पृष्ठभूमि और हिंदी माध्यम से यूपीएससी क्रैक करना लगभग नामुमकिन है. राजस्थान की राजधानी जयपुर से करीब 80 किलोमीटर दूर स्थित जयसिंहपुरा गांव में पले-बढ़े सुनील वर्तमान में उत्तर प्रदेश में 2022 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और बहराइच में मुख्य विकास अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं.

यूपीएससी में सुनील कुमार के चार प्रयास

सुनील कुमार धनवंता ने वर्ष 2018 में पहली बार यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास की और भारतीय रेलवे अकाउंट्स सर्विस में अधिकारी बने. इसके बाद वर्ष 2019 में उनका चयन मणिपुर कैडर के आईपीएस अधिकारी के रूप में हुआ. तीसरे प्रयास में भी सुनील कुमार का चयन आईपीएस सेवा के लिए हुआ. वहीं, यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2021 में उन्होंने ऑल इंडिया 22वीं रैंक हासिल की और उत्तर प्रदेश कैडर में आईएएस अधिकारी बने.

IAS सुनील कुमार की पत्नी निशा धवल हैं IFS अधिकारी

फरवरी 2022 में सुनील कुमार ने भारतीय विदेश सेवा की अधिकारी निशा धवल से विवाह किया. निशा धवल हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ की रहने वाली हैं. उन्होंने अपने तीसरे प्रयास में यूपीएससी परीक्षा पास की थी. सुनील कुमार का जन्म 31 जुलाई 1996 को जयपुर जिले के जयसिंहपुरा गांव में हुआ था. उनके पिता जगदीश प्रसाद और माता संजय देवी हैं. परिवार में बड़ी बहन कमलेश कुमार तथा भाई लकी और पंकज हैं.

IIT दिल्ली से बीटेक, JNU से मास्टर डिग्री

सुनील कुमार की प्रारंभिक शिक्षा जयसिंहपुरा के शिव निकेतन स्कूल से हुई. इसके बाद उन्होंने 11वीं और 12वीं की पढ़ाई कोटपूतली से पूरी की. सुनील ने आईआईटी दिल्ली से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री प्राप्त की. इसके बाद जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से भूगोल विषय में मास्टर डिग्री हासिल की. उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की और लगातार सफलता हासिल की. 

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 IAS  सुनील कुमार धनवंता बहराइच में मुख्‍य व‍िकास अध‍िकारी हैं. कोर्ट की अवमानना पर नोट‍िस म‍िला.

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने बहराइच में आंगनवाड़ी कार्यकत्री चयन प्रक्रिया से जुड़े हाईकोर्ट के आदेश का पालन न होने के मामले में मुख्य विकास अधिकारी एवं आईएएस अधिकारी सुनील कुमार धनवंता को अवमानना नोटिस जारी किया है. अदालत ने उन्हें 29 अक्टूबर 2026 को तलब किया है. न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया की एकल पीठ ने अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान यह आदेश पारित किया. याची की ओर से अधिवक्ता शशांक श्रीवास्तव और विजयेंद्र प्रकाश त्रिपाठी ने पक्ष रखा.

मामला विकासखंड चित्तौरा के ग्राम सिंगहा (मोलवी पुरवा) निवासी जैसमीन पत्नी मोहम्मद रईस अंसारी से जुड़ा है. जैसमीन ने आंगनवाड़ी कार्यकत्री पद के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था. आवेदन के दौरान लिपिकीय त्रुटि के कारण आय प्रमाण पत्र की संख्या में एक अंक गलत दर्ज हो गया था. इसी आधार पर उनकी अभ्यर्थिता निरस्त कर दी गई थी.

इसके खिलाफ जैसमीन ने हाईकोर्ट की शरण ली. अदालत ने 11 और 20 मई 2026 को आदेश जारी कर आय प्रमाण पत्र का भौतिक सत्यापन कराने तथा त्रुटि सुधार के बाद नियमानुसार चयन प्रक्रिया पर विचार करने के निर्देश दिए थे. याची के प्रत्यावेदनों पर सीडीओ ने 11 अगस्त को जिला कार्यक्रम अधिकारी को सात दिनों के भीतर पत्रावली प्रस्तुत कर नियुक्ति पत्र जारी करने के निर्देश दिए थे. इसके बावजूद निर्धारित अवधि में नियुक्ति पत्र जारी नहीं हुआ और न ही उन्हें कार्यभार ग्रहण कराया गया.

इसके बाद याची ने अवमानना याचिका दाखिल की. हाईकोर्ट ने सीडीओ को 29 अक्टूबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है. हालांकि, इससे पहले यदि आदेश का पूर्ण अनुपालन कर दिया जाता है, याची को मानसिक प्रताड़ना के एवज में 5,000 रुपये का हर्जाना भुगतान कर दिया जाता है और अनुपालन हलफनामा दाखिल कर दिया जाता है, तो व्यक्तिगत पेशी से छूट मिल सकती है. बताया जाता है कि इस मामले में मुख्य विकास अधिकारी द्वारा आदेश पहले ही जारी किया जा चुका है. 

-बहराइच से मोहम्मद सलीम सिद्दीकी का इनपुट के साथ   

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