- तेलंगाना के खम्मम में रील्स बनाने वाली एक सरकारी महिला टीचर को इस्तीफा देना पड़ा
- टीचर पर उसकी रील्स के जरिए प्राइवेट स्कूल को प्रमोट करने का आरोप लगा था
- टीचर का आरोप है कि उनको बहुत ज्यादा आलोचना, अपमान और दबाव झेलना पड़ रहा था
तेलंगाना के खम्मम में रील्स बनाने वाली एक महिला टीचर को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा है. भुक्या गौतमी नाम की महिला टीचर को नौकरी से इस्तीफा देना पड़ा. अब आप सोच रहे होंगे कि ऐसा क्या हुआ जो टीचर की नौकरी पर बन आई. क्या उसे रील बनाने का खामयाजा भुगतना पड़ा? तो बता दें कि भुक्या गौतमी पर आरोप लगा था कि खुद एक सरकारी टीचर होकर भी वह अपनी इंस्टाग्राम रील्स के जरिए प्राइवेट स्कूल को प्रमोट कर रही थीं.
रील्स के बाद आलोचना, अपमान और दबाव
इन्हीं आरोपों की वजह से इस साल की शुरुआत में महिला टीचर को सस्पेंड कर दिया गया था. यह विवाद इतना ज्यादा बढ़ गया कि भुक्या गौतमी इसे सह नहीं पा रही थीं. उन्होंने कहा कि उनको बहुत ज्यादा आलोचना, अपमान और दबाव झेलना पड़ रहा था, जिस वह अब और सहन नहीं कर पा रही थीं. उनके पास इस्तीफा देने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचा.
बता दें कि भुक्या गौतमी ममिललागुडेम हाई स्कूल में इंग्लिश असिस्टेंट टीचर के तौर पर बच्चों को पढ़ाती थीं. उन्होंने अपने इस्तीफे का ऐलान अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक भावुक वीडियो पोस्ट के जरिए किया. वीडियो में उनका आरोप है कि सस्पेंशन के बाद दोबारा पोस्टिंग मिलने पर भी उन्हें जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) से बहुत ज्यादा अपमान और उत्पीड़न झेलना पड़ा.

बच्चों को 12 सालों तक हमेशा लगन से पढ़ाया
गौतमी ने बताया कि उनकी जिस रील पर इतना विवाद हो रहा है, उसे उन्होंने स्कूल के समय में नहीं बल्कि अपने घर पर रिकॉर्ड किया था. रील्स के चलते उन्होंने बच्चों को पढ़ाने की अपनी जिम्मेदारी में कभी कोई लापरवाही नहीं की. उन्होंने करीब 12 सालों तक पूरी लगन से अपना काम किया है.
गौतमी ने अपने हालिया वीडियो में बताया कि वह आर्थिक रूप से कमज़ोर आदिवासी परिवार से ताल्लकु रखती हैं. उनके टीचिंग बनने के पीछे उनके माता-पिता की कड़ी मेहनत थी. उन्होंने कहा कि उनका मकसद हमेशा से जरूरतमंद बच्चों को पढ़ाना रहा है. वह रुटीन क्लास के अलावा अपने स्टूडेंट्स के लिए खास इंग्लिश क्लास भी ऑर्गनाइज करती थीं.

DEO के बुरे बर्ताव, सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग से दुखी
गैतमी ने आरोप लगाया कि DEO ने उनको घंटों इंतजार कराया, मिलने का समय नहीं दिया और बाद में जब उन्होंने दोबारा नौकरी पर रखने की गुजारिश की, तो उन्हें डांटा-फटकारा. इस बुरे बर्ताव, काम की जगह पर दबाव और सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग से उनको बहुत ही दुख पहुंचा है.
गौतमी ने सिस्टम के प्रति निराशा जाहिर करते हुए कहा कि उनके जैसे मेहनती और ईमानदार टीचरों के लिए उन्हें कोई जगह नहीं दिखाई देती. इसलिए उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला किया है.

प्राइवेट स्कूल का प्रमोशन करने का आरोप
बता दें कि इंस्टाग्राम पर गौतमी के करीब 328K फॉलोअर्स हैं. उन्होंने करीब 9900 पोस्ट किए हैं. बता दें कि यह विवाद जनवरी में शुरू हुआ, जब शिक्षा अधिकारियों ने गौतमी को सोशल मीडिया के जरिए एक प्राइवेट स्कूल में एडमिशन को बढ़ावा देने और सरकारी स्कूल में अपनी ड्यूटी ठीक से न निभाने के आरोप में सस्पेंड कर दिया.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं