- भारतीय सेना ने पिनाका रॉकेट सिस्टम को आधुनिक बनाने के लिए एलएंडटी और टाटा को बड़ा ऑर्डर दिया है
- एलएंडटी पिनाका के पुराने इलेक्ट्रॉनिक और मैकेनिकल सिस्टम को बदलकर तकनीकी अपग्रेड करेगी और रखरखाव करेगी
- पिनाका सिस्टम के ओवरहॉल और अपग्रेड के लिए पहली बार इन-सर्विस आर्टिलरी सिस्टम में पीपीपी मॉडल अपनाया गया है
टाटा और एलएंडटी अब पिनाका रॉकेट लॉन्चर को अपग्रेड करेंगी. भारतीय सेना ने इसके लिए बड़ा ऑर्डर दिया है. अब भारतीय सेना पिनाका रॉकेट सिस्टम को आधुनिक बना रही है, इसके लिए सेना ने निजी कंपनियों को जिम्मेदारी दी है. अब वह अपनी तोपखाना को बेहतर और आधुनिक बनाने में जोर शोर से जुट गई हैं. एलएंडटी और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स को अहम ऑर्डर मिले हैं.
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स्वदेशी हथियारों की उम्र बढ़ेगी, ऑपरेशनल क्षमता भी मजबूत होगी
सेना की कॉर्प्स ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियर्स ने एलएंडटी को ऑर्डर दिया है. इस ऑर्डर में पिनाका सिस्टम का ओवरहॉल और अपग्रेड शामिल है. पुराने पार्ट्स को बदला जाएगा और नई तकनीक जोड़ी जाएगी. यह साझेदारी इसलिए खास है क्योंकि यह बड़े स्तर पर की गई है. पहली बार इन-सर्विस आर्टिलरी सिस्टम के पूरे लाइफ साइकिल सपोर्ट के लिए पीपीपी मॉडल अपनाया गया है. इससे रखरखाव और अपग्रेड दोनों बेहतर होंगे. सेना के अधिकारियों का कहना है कि इससे स्वदेशी हथियारों की उम्र बढ़ेगी और ऑपरेशनल क्षमता भी मजबूत होगी. यह ‘मेक इन इंडिया' को बढ़ावा देगा.
पुराने इलेक्ट्रॉनिक और मैकेनिकल सिस्टम बदलेगी
एलएंडटी के मुताबिक कि वह केवल मरम्मत नहीं करेगी. कंपनी पुराने इलेक्ट्रॉनिक और मैकेनिकल सिस्टम बदलेगी. जरूरी सब-सिस्टम्स को अपग्रेड किया जाएगा. लंबे समय तक तकनीकी सहायता भी दी जाएगी. पिनाका सिस्टम का काम 510 आर्मी बेस वर्कशॉप करेगी. यह वर्कशॉप आर्टिलरी सिस्टम के रखरखाव में माहिर है. एलएंडटी जरूरी स्पेयर पार्ट्स और तकनीकी मदद देगी.
शुरुआत में एक पायलट प्रोजेक्ट किया जाएगा, इसमें पिनाका लॉन्चर और बैटरी कमांड पोस्ट शामिल होंगे. पायलट सफल होने पर बाकी सिस्टम्स का काम शुरू होगा. वही टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स को भी दो दिन पहले बड़ा ऑर्डर मिला है. कंपनी 510 एडवांस बेस वर्कशाप के साथ मिलकर काम करेगी. टाटा इसे ऐतिहासिक पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मानती है.
पिनाका सिस्टम में करीब 80 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री है
टाटा पहले से पिनाका के डिजाइन और विकास से जुड़ी है. कंपनी सर्टिफाइड स्पेयर्स और तकनीकी विशेषज्ञता देगी.आपको बता दे कि पिनाका एक ऑल-वेदर हथियार प्रणाली है. यह दुश्मन इलाके में भारी फायरपावर से भयंकर तबाही मचा सकता है. पिनाका सिस्टम में करीब 80 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री है.
हाल ही में डीआरडीओ ने पिनाका के नए रॉकेट का परीक्षण किया है. इस रॉकेट की रेंज 120 किलोमीटर तक है. रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे सिस्टम का समय पर अपग्रेड जरूरी है, इसके लिये सेना हर हालात के लिए तैयार रहती है. निजी कंपनियों की भागीदारी से सपोर्ट मजबूत होगा. एलएंडटी और टाटा को मिले ये ऑर्डर अहम माने जा रहे हैं. इससे सेना की आर्टिलरी ताकत बनी रहेगी. पिनाका जैसे स्वदेशी हथियार ऑपेरशन के लिये हमेशा तैयार रहेंगे. देश में ही मजबूत रक्षा इकोसिस्टम तैयार होगा.
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