तमिलनाडु के कोयंबटूर में इंजीनियरिंग छात्र के. अमुथन की हत्या का मामला अब कानून-व्यवस्था से आगे बढ़कर राजनीतिक मुद्दा बन गया है. 19 वर्षीय अमुथन हिंदुस्तान कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में मेकाट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग के तीसरे वर्ष के छात्र थे. उनकी हत्या के बाद परिवार ने गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे पूरे राज्य में बहस तेज हो गई है.
हत्या के आरोप में कई छात्र गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में मदुरै के रहने वाले के. श्रीराम, हरीश पांडियन और ललित आदित्य समेत कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया है. वहीं 11 अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है. जांच एजेंसियां घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं.
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पुलिस के अनुसार सिंगनल्लूर ईएसआई अस्पताल में हुए पोस्टमार्टम की शुरुआती रिपोर्ट से पता चला है कि अमुथन पर लोहे की रॉड और डंडों से हमला किया गया था. गंभीर अंदरूनी चोटों, अत्यधिक रक्तस्राव और सांस लेने में परेशानी के कारण उनकी मौत हुई.
परिवार ने लगाए ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े आरोप
मृतक के पिता केनेडी का आरोप है कि उनके बेटे ने कॉलेज परिसर में मादक पदार्थों के इस्तेमाल और गांजा तस्करी की जानकारी संबंधित लोगों तक पहुंचाई थी. परिवार का कहना है कि इसी वजह से अमुथन को निशाना बनाया गया.
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि कॉलेज प्रशासन और स्थानीय पुलिस ने छात्र से नशे के कारोबार में शामिल लोगों के नाम पूछे थे और बाद में उसकी पहचान आरोपियों तक पहुंच गई. इसी कारण उसकी जान चली गई.
पुलिस और कॉलेज प्रबंधन ने किया इनकार
हालांकि पुलिस और कॉलेज प्रबंधन ने इन आरोपों को खारिज किया है. पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में मामला वरिष्ठ और कनिष्ठ छात्रों के बीच पुराने विवाद और झड़प से जुड़ा दिखाई दे रहा है. अधिकारियों के मुताबिक अब तक ड्रग्स एंगल की पुष्टि नहीं हुई है.
विधानसभा तक पहुंचा मामला
घटना का मुद्दा तमिलनाडु विधानसभा में भी गूंजा. विपक्ष ने सरकार से जवाब मांगा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की. सदन में छात्र के परिवार के आरोपों का उल्लेख करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई.
वहीं सरकार की ओर से मंत्री ए. राजमोहन ने कहा कि मौजूदा जांच छात्र समूहों के बीच संघर्ष की ओर इशारा कर रही है. विधानसभा अध्यक्ष ने सरकार से मामले की विस्तृत रिपोर्ट पेश करने को कहा है. विपक्षी दल लगातार स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं.
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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं