विज्ञापन

गुरुग्राम ध्वस्तीकरण पर सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप से इनकार, हाईकोर्ट जाने को कहा

गुरुग्राम ध्वस्तीकरण केस में सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को सीधे दिल्ली हाईकोर्ट जाने को कहा और उन्हें तुरंत वहां सुनवाई की मांग करने की अनुमति दी.

गुरुग्राम ध्वस्तीकरण पर सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप से इनकार, हाईकोर्ट जाने को कहा

गुरुग्राम में अवैध निर्माणों को लेकर चल रही तोड़फोड़ कार्रवाई के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की मांग की गई. इस दौरान सीनियर वकील गोपाल शंकरनारायणन ने अदालत को बताया कि गुरुग्राम में 'स्टिल्ट प्लस 4' इमारतों को गिराने की कार्रवाई शुरू होने वाली है, जबकि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहले ही निर्देश दे चुका है कि कार्रवाई पुरानी नीति के अनुसार ही की जाए. इसके बावजूद प्रशासन बिना किसी स्पष्ट आदेश के हर गली में जाकर तोड़फोड़ कर रहा है. वकील ने कहा कि पेड़ काटे जा रहे हैं, दीवारें गिराई जा रही हैं और लोगों को पहले से कोई नोटिस भी नहीं दिया गया है. उन्होंने यह भी बताया कि कई परिवारों के बच्चे घरों के बाहर खड़े हैं, जबकि अंदर तोड़फोड़ जारी है.

इस पर भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने टिप्पणी की कि अगर निर्माण अवैध हैं, तो इस पूरे मामले की जांच करने का अधिकार हाईकोर्ट को है. सीनियर वकील ने सुप्रीम कोर्ट से तीन दिन के लिए यथास्थिति बनाए रखने की मांग की, ताकि इस दौरान वे हाईकोर्ट का रुख कर सकें. 

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को सीधे हाईकोर्ट जाने को कहा और उन्हें तुरंत वहां सुनवाई की मांग करने की अनुमति दी. साथ ही हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से आग्रह किया गया कि इस मामले की सुनवाई आज ही दोपहर एक बजे या लंच के बाद कर ली जाए.

पीठ ने उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से अनुरोध किया कि व‍ह दोपहर एक बजे या फिर दोपहर भोज के तुरंत बाद 1:45 बजे याचिका के आपात उल्लेख की अनुमति दें. याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल संकरनारायणन ने पीठ के समक्ष दलील दी कि स्थानीय प्रशासन उच्च न्यायालय के अंतरिम आदेश की गलत व्याख्या करते हुए बिना कारण बताओ नोटिस जारी किए ध्वस्तीकरण अभियान चला रहा है.

ये भी पढ़ें :  आप 80 साल की हैं केस लंबा चलेगा, आपस में सुलझा लीजिए; बहू के खिलाफ कोर्ट पहुंचीं संजय कपूर की मां को 'सुप्रीम' सलाह

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com