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खुद को बताता था PM मोदी का करीबी, 1.10 करोड़ की ठगी के आरोपी मोहम्मद कासिफ को SC से राहत

सुप्रीम कोर्ट ने 1.10 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बंद आरोपी मोहम्मद कासिफ की जमानत मंजूर कर ली है.आरोपी खुद को PM मोदी और मंत्रियों का करीबी बताकर ठगी करता था.

खुद को बताता था PM मोदी का करीबी, 1.10 करोड़ की ठगी के आरोपी मोहम्मद कासिफ को SC से राहत
  • PM मोदी और केंद्रीय मंत्रियों का करीबी बताकर लोगों से पैसे वसूलने वाले आरोपी को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दी
  • वो मनी लॉन्ड्रिंग मामले में तीन साल से जेल में बंद था और उस पर लगभग 1.10 करोड़ रुपये के अपराधी धन का आरोप था
  • सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के कासिफ की जमानत याचिका खारिज करने के आदेश को रद्द कर दिया है

खुद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य केंद्रीय मंत्रियों का करीबी बताकर लोगों से पैसे वसूलने वाले आरोपी को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी है. आरोपी मोहम्मद कासिफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में तीन साल से जेल में बंद था. यह फैसला जस्टिस एम एम सुंदरेश और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की बेंच ने सुनाया. सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें कासिफ की जमानत याचिका खारिज की गई थी.

तीन साल से जेल में बंद है कासिफ

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कासिफ लगभग तीन साल से जेल में है. मामले में कथित 'प्रोसीड्स ऑफ क्राइम' करीब 1.10 करोड़ रुपये बताए गए हैं. इन परिस्थितियों को देखते हुए उसे जमानत दी जा सकती है. कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर आरोपी जमानत की शर्तों का उल्लंघन करता है या जांच/ट्रायल में सहयोग नहीं करता, तो ED  ट्रायल कोर्ट में जमानत रद्द कराने की अर्जी दे सकती है.

ईडी ने किया था गिरफ्तार

ईडी के मुताबिक कासिफ ने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री मोदी और अन्य केंद्रीय मंत्रियों के साथ अपनी मॉर्फ्ड और एडिटेड तस्वीरें पोस्ट की थीं. इससे वह खुद को बड़े नेताओं और सरकारी अधिकारियों का करीबी दिखाना चाहता था. इसी प्रभाव का इस्तेमाल कर वह लोगों से सरकारी नौकरी, सरकारी ठेका और विभागों में काम करवाने के नाम पर पैसे लेता था.

ED ने यह भी दावा किया कि कासिफ से जुड़े ठिकानों से 1.10 करोड़ रुपये से अधिक की रकम बरामद हुई, जो अपराध से अर्जित धन हो सकती है. ईडी ने अप्रैल 2023 में ECIR दर्ज की थी.

यह मामला गौतम बुद्ध नगर के सूरजपुर थाने में दर्ज FIR पर आधारित था. FIR में धोखाधड़ी, जालसाजी और आईटी एक्ट से जुड़े आरोप लगाए गए थे. कासिफ 25 मई 2023 से हिरासत में था. हाईकोर्ट ने कहा था कि ट्रायल लगातार आगे बढ़ रहा है, अभियोजन पक्ष की ओर से कोई अनावश्यक देरी नहीं हुई. कुछ देरी खुद आरोपी की ओर से दाखिल अर्जियों की वजह से हुई.

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