सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को निर्देश दिया कि सीजेआई के समक्ष नए मामलों के उल्लेख के दौरान लाइव वीडियो फीड की ऑडियो को म्यूट कर दिया जाए. इस समय कार्यवाही के दौरान वकील भारत के मुख्य न्यायाधीश से संबंधित मामलों की तत्काल सुनवाई का अनुरोध करते हैं. इसी समय लाइव वीडियो फीड की आवाज बंद की गई ताकि जनता और मीडिया वकीलों की तत्काल सुनवाई के अनुरोध और अदालत के मौखिक जवाबों को नहीं सुन पाएं. बता दें कि ये फैसला भारत के मुख्य न्यायाधीश के उस बयान के कुछ दिनों बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा कि अर्जेंट मामलों को सुनवाई के लिए मेंशन करना एक प्रशासनिक प्रक्रिया है न कि न्यायिक कार्यवाही इसलिए इसकी रिपोर्टिंग नहीं की जानी चाहिए.
हाल ही में मुख्य न्यायाधीश ने वकील नरेंद्र मिश्रा की दिल्ली पुलिस के खिलाफ स्वत: संज्ञान लेने की याचिका पर तत्काल सुनवाई से इंकार कर दिया था. मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की टिप्पणी कि 'हमारा और समय बर्बाद न करें' और 'हम कोई वीडियो नहीं देखना चाहते' ने एक विवाद को जन्म दिया था. इसके बाद कोर्ट ने इंस्टाग्राम पर कोर्ट की कार्यवाही के वीडियो रिकॉर्ड करने और प्रसारित करने पर भी प्रतिबंध लगा दिया था.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं