- भारतीय जहाज नंदा देवी 46,000 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर गुजरात के जामनगर के पास वादीनार बंदरगाह पहुंच चुका है
- होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते दो दिन में दो भारतीय जहाज लगभग 92,700 मीट्रिक टन एलपीजी भारत लाए हैं
- शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के स्वामित्व वाले शिवालिक और नंदा देवी जहाजों का सुरक्षित पहुंचना राहत भरी खबर है
कतर से एलपीजी लेकर होर्मुज के रास्ते रवाना हुआ भारतीय जहाज नंदा देवी मंगलवार को गुजरात के जामनगर के पास वादीनार बंदरगाह के पास पहुंच चुका है. यह जहाज 46,000 मीट्रिक टन एलपीजी गैस लेकर भारत पहुंचा है. दो दिनों में एलपीजी गैस लेकर दो जहाज होर्मुज के रास्ते भारत पहुंचे हैं. एक दिन पहले 'शिवालिक' जहाज लगभग 45-46 हजार टन एलपीजी लेकर मुंद्रा बंदरगाह पहुंचा था.

जहाज के सुरक्षित पहुंचने से संवेदनशील समुद्री मार्ग से ईंधन की ढुलाई को लेकर बनी चिंताओं के बीच राहत मिलने की उम्मीद है. इससे पहले, बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग के दौरान बताया था कि होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने के बाद टैंकर सफलतापूर्वक खुले समुद्र में प्रवेश कर गया है.

उन्होंने बताया था कि दो भारतीय एलपीजी जहाज, शिवालिक और नंदा देवी, लगभग 92,700 मीट्रिक टन एलपीजी भारत ला रहे हैं. ये दोनों जहाज सरकारी स्वामित्व वाली शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के हैं. सिन्हा ने यह भी कहा था कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में कार्यरत सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और उनसे जुड़ी किसी भी अप्रिय घटना की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है.
वैश्विक तेल की कीमतों में 40 से 50 प्रतिशत की वृद्धि
बता दें कि होर्मुज जलडमरूमध्य एक अहम समुद्री मार्ग है, जिसे पिछले महीने शुरू हुए अमेरिका-इजरायल युद्ध के बीच ईरान ने बंद कर दिया है. ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर जवाबी हमले और खाड़ी में मिसाइल और ड्रोन हमलों की वजह से वैश्विक तेल की कीमतों में 40 से 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.
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