- तीन चरणों की फुल प्रूफ प्लानिंग के तहत सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से उठाकर सफरदरजंग हॉस्पिटल पहुंचाया गया.
- अभी सोनम वांगचुक सफदरजंग हॉस्पिटल में भर्ती है. हेल्थ बुलेटिन में उनकी हालत स्थिर बताई गई है.
- सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हॉस्पिटल ले जाने की पूरी कार्रवाई तस्वीरों से समझिए.
Sonam Wangchuk Hunger Strike: शनिवार सुबह करीब 7 बजे, दिल्ली के जंतर-मंतर पर अचानक हलचल बढ़ी. यहां सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और कई छात्र बीते कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे थे. अचानक जंतर-मंतर पर पुलिस की भीड़ बढ़ी. वहां मौजूद प्रदर्शनकारी कुछ समझ पाते उससे पहले ही पुलिस के कई जवान, जिसमें कुछ सिविल ड्रेस में भी थे, मंच की ओर बढ़े. फिर सफेद चादर से मंच को कवर किया गया, कुछ ही देर बाद पुलिस के जवान सोनम वांगचुक को लेकर मंच से नीचे उतरे. इस दौरान सोनम वांगचुक हाथ उठाकर अपने होने का महसूस करा रहे थे. कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति हुई. लेकिन वहां जितने प्रदर्शनकारी मौजूद थे, लगभग उतने ही या उससे अधिक पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स के जवान भी तैनात थे.
अभी सफदरजंग हॉस्पिटल में सोनम वांगचुक
तीन चरणों की फुल प्रूफ प्लानिंग के तहत सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से उठाकर सफरदरजंग हॉस्पिटल पहुंचाया गया. अभी सोनम वांगचुक सफदरजंग हॉस्पिटल में भर्ती है. जहां शुरुआती जांच के बाद सामने आई हेल्थ बुलेटिन उनकी हालत स्थिर बताई गई है. हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि वांगचुक की लगातार निगरानी जरूरी है.

सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से उठाए जाने के दौरान सफेद चादर से मंच को इस तरह कवर किया गया था.
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नए पुलिस कमिश्नर की मीटिंग में बनी थी वांगचुक हटाने की रणनीति
जंतर-मंतर पर 20 दिनों से अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को हाईकोर्ट के आदेश के बाद शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस ने एक सुनियोजित ऑपरेशन के तहत वहां से हटा दिया. पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, इस पूरी कार्रवाई की रणनीति नए पुलिस आयुक्त के कार्यभार संभालने के बाद एक उच्चस्तरीय बैठक में तैयार की गई थी. ऑपरेशन को इस तरह प्लान किया गया कि किसी तरह का हंगामा या टकराव न हो और पूरी कार्रवाई शांतिपूर्वक पूरी हो जाए.

जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के अनशन के मंच के सामने तैनात RAF के जवान.
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प्रदर्शनकारी कम से कम हो, इसलिए चुना गया सुबह-सुबह का समय
सूत्रों के मुताबिक, सीनियर अधिकारियों ने तय किया था कि कार्रवाई सुबह-सुबह की जाएगी, क्योंकि उस समय प्रदर्शनकारियों की संख्या सबसे कम रहती है. पुलिस ने उस समय का भी इंतजार किया, जब सोनम वांगचुक के करीबी सहयोगी अभिजीत दीपके कुछ देर के लिए प्रदर्शन स्थल से बाहर गए हुए थे. इसी दौरान ऑपरेशन शुरू किया गया.
पुलिस के कई जवान सिविल ड्रेस में मंच तक पहुंचे
करीब 30 से 35 पुलिसकर्मी, जिनमें नई दिल्ली जिले की स्पेशल स्टाफ और स्थानीय पुलिस के जवान शामिल थे, सादे कपड़ों में बैरिकेडिंग के भीतर पहुंचे. किसी को शक न हो, इसलिए पूरी टीम बिना वर्दी के अंदर गई.

जब पुलिस के जवान सोनम वांगचुक को लेकर मंच से नीचे उतर रहे थे, तब वांगचुक ने हाथ उठाकर कुछ इशारा किया.
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सफेद चादर से मंच को किया कवर
वहां पहुंचने के बाद पुलिसकर्मियों ने सबसे पहले सोनम वांगचुक के बिस्तर को चारों तरफ से बड़ी सफेद चादरों से ढक दिया, ताकि कार्रवाई के दौरान अनावश्यक भीड़ या अफरा-तफरी न हो और कैमरे पर कोई तस्वीरें कैद न हों, इसके बाद उन्हें मंच से उठाकर बाहर लाया गया
वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाने का ऑपरेशन तीन चरणों में हुआ पूरा
- पहला चरणः सादे कपड़ों में मौजूद पुलिसकर्मियों ने मंच और आसपास के हिस्से को अपने नियंत्रण में लिया और सोनम वांगचुक को वहां से हटाया.
- दूसरा चरणः सीआरपीएफ और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवान बैरिकेडिंग के बाहर तैनात रहे. उनकी जिम्मेदारी थी कि प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित रखा जाए और किसी तरह का टकराव या हंगामा न होने दिया जाए.
- तीसरा चरणः दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी एंबुलेंस और पुलिस वाहनों के पास बनाए गए कंट्रोल प्वाइंट से पूरे ऑपरेशन की लगातार निगरानी करते रहे.
एंबुलेंस के लिए रास्ता खाली करवाया गया था
जैसे ही सोनम वांगचुक को एंबुलेंस में बैठाया गया, ट्रैफिक पुलिस पहले से तैयार थी. एंबुलेंस के लिए पूरा रास्ता खाली कराया गया, ताकि बिना किसी रुकावट के उन्हें सीधे सफदरजंग अस्पताल ले जाया जा सके,उधर दक्षिणी पश्चिमी जिले की पुलिस को पहले ही सफदरजंग अस्पताल के बाहर और अंदर तैनात कर दिया गया था और डॉक्टरों की टीम को अलर्ट रहने के लिए कहा गया था.

जब पुलिस सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटा रही थी, इस दौरान कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति भी मची.
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चुनिंदा अधिकारियों तक ही थी पूरे ऑपरेशन की जानकारी
दिल्ली पुलिस सूत्रों का कहना है कि पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से और अधिकतम संयम बरतते हुए की गई. इस पूरे ऑपरेशन की जानकारी केवल दिल्ली पुलिस के चुनिंदा सीनियर अधिकारियों तक ही सीमित रखी गई थी. इंस्पेक्टर स्तर तक के अधिकारियों को भी पहले से पूरी योजना नहीं बताई गई थी. उन्हें सिर्फ तय समय पर मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए गए थे. इससे ऑपरेशन की गोपनीयता बनी रही और कार्रवाई बिना किसी बड़े विरोध या व्यवधान के पूरी कर ली गई.

सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाए जाने के बाद अब अभिजीत दीपके ने भूख हड़ताल की घोषणा की है.
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अनशन के 21वें दिन जंतर-मंतर से हटाए गए वांगचुक
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से अपील भी की है कि वे शांतिपूर्वक जंतर-मंतर का प्रदर्शन स्थल खाली कर दें. मालूम हो कि NEET पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में धांधली के आरोप में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक 20 दिनों से अनशन कर रहे थे. शनिवार को उनके अनशन के 21वें दिन की सुबह-सुबह यह पूरी कार्रवाई हुई.
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