- बीजेपी नेता स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता कमजोर करने का आरोप लगाया
- कांग्रेस पर मतदाता सूची में गलत और मृत मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया का विरोध करने का भी आरोप लगाया गया
- स्मृति ईरानी ने कहा कि कांग्रेस जनता का भरोसा खो चुकी है इसलिए चुनाव आयोग पर हमला कर रही है
चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच बयानबाजी तेज हो गई है. बीजेपी नेता स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पार्टी लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को कमजोर करने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता का भरोसा खो चुकी है, इसलिए वह चुनाव आयोग को निशाना बना रही है. ईरानी ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा और पूछा कि पार्टी गलत या मृत मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया का विरोध क्यों कर रही है.
स्मृति ईरानी ने कहा " साल 2019 में वर्तमान कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा था कि वह नरेंद्र मोदी की छवि खराब करेंगे. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि उन पर हमला कीजिए, उनकी आलोचना कीजिए, लेकिन यह हमला भारत के संविधान पर नहीं होना चाहिए. मगर कांग्रेस संविधान को तार-तार करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है. आज कांग्रेस पार्टी ने कहा है कि चुनाव आयोग को सवालों के दायरे में लाया जाए. उनके पार्टी के महिला मंडल ने भी चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं. एक नागरिक होने के नाते मैं कहना चाहती हूं कि भारत का चुनाव आयोग लोकतंत्र का मान है, जिसे दुनिया के कई देशों ने सराहा है और सम्मान दिया है."
LIVE: Media Briefing by BJP National General Secretary Smt. @smritiirani at BJP headquarters, New Delhi. https://t.co/Do7q7cOY6T
— BJP (@BJP4India) September 29, 2026
'कांग्रेस क्यों चाहती है मृत व्यक्तियों के नाम भी बने रहें"
"उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी को इस बात का दुख है कि आज लोकतंत्र में भारत की जनता उन पर भरोसा नहीं कर रही है, इसलिए वह चुनाव आयोग पर हमला कर रही है. प्रश्न यह उठता है कि पंजाब, हिमाचल प्रदेश और केरल, जहां भारतीय जनता पार्टी की सरकार नहीं है, क्या वहां चुनाव आयोग की गतिविधियों पर कांग्रेस सवाल खड़ा करती है? "कांग्रेस ने आज उन 13 करोड़ 30 लाख नामों का मुद्दा उठाया है, जिनके संबंध में 26 तारीख को चुनाव आयोग अपना जवाब दे चुका है. यदि इलेक्टोरल रोल में किसी का नाम गलत है, तो कांग्रेस क्यों चाहती है कि ऐसे नाम बने रहें? कांग्रेस क्यों चाहती है कि मृत व्यक्तियों के नाम भी मतदाता सूची में चलते रहें?"
कांग्रेस के इतिहास पर बोला हमला
उन्होंने आगे कहा कि चुनाव आयोग ने कहा है कि बीएलओ घर-घर जाकर दस्तावेजों की जांच करेंगे और संबंधित जानकारी की पुष्टि करेंगे. इसका जवाब चुनाव आयोग पहले ही दे चुका है. आज मैं चकित हूं कि कांग्रेस पार्टी लाहौर कांग्रेस अधिवेशन का वह पन्ना भी पलटना चाहती है, तो उसे वह पन्ना भी जनता के सामने रखना चाहिए, जिसमें ए.ओ. ह्यूम, जो ब्रिटिश शासन में सचिव (कृषि) थे, उन्होंने तत्कालीन वायसराय के साथ मिलकर यह सुझाव दिया था कि यदि ब्रिटिश साम्राज्य का संरक्षण करना है तो कांग्रेस जैसी पार्टी की आवश्यकता होगी. ब्रिटिश साम्राज्य के संरक्षण के लिए जिस कांग्रेस की स्थापना हुई थी, आज वही भारत के चुनाव आयोग पर सवाल उठा रही है. इससे अधिक शर्म की बात और कुछ नहीं हो सकती."
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