- राहुल गांधी ने पार्टी नेताओं को SIR और चुनाव आयोग के खिलाफ आत्मविश्वास से मुद्दा उठाने का निर्देश दिया
- राहुल गांधी ने कहा कि वो पिछले 2 साल से वोट चोरी की बात कर रहे हैं, लेकिन पार्टी के कई नेता ही सहमत नहीं थे
- राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पार्टी को ही बीजेपी को हराने वाला विकल्प बताया था
सीईसी ज्ञानेश कुमार और SIR प्रक्रिया पर पार्टी के आगामी कार्यक्रम और रणनीति को लेकर दिल्ली में आज कांग्रेस सीडब्लूसी की बैठक हुई. इसमें सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस के तमाम वरिष्ठ नेता और सीएम शामिल हुए. कांग्रेस सूत्रों के अनुसार खरगे के भाषण के बाद राहुल गांधी ने SIR और चुनाव आयोग के ख़िलाफ अपनी बात को रखा. सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी ने अपनी पार्टी के नेताओं से कहा कि मैं पिछले दो साल से वोट चोरी की बात कर रहा हूं, लेकिन पहले हमारे लोग ही सहमत नहीं दिखे, लेकिन आज दो साल बाद अधिकतर लोग सहमत हैं.
राहुल गांधी ने बैठक में यह भी कहा कि आप लोग मुझ पर भरोसा नहीं करते, लेकिन पुरानी मुलाक़ात में प्रधानमंत्री ने मुझसे कहा था कि हमें आप ही हरा सकते हैं. दरअसल सीईसी ज्ञानेश कुमार के चयन को लेकर जब बैठक हुई थी, उस बैठक का हवाला देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने उन्हें ऐसा कहा था. सूत्रों के मुताबिक आज की बैठक में राहुल गांधी ने ये भी कहा कि पार्टी में कई नेता केवल विश्लेषण में लगे रहते हैं. SIR के मुद्दे को पुरजोर तरीके से नहीं उठा रहे हैं. उन्होंने बैठक में नेताओं को आत्मविश्वास के साथ इस मुद्दे को उठाने का निर्देश दिया.

कांग्रेस उच्च सूत्रों के मुताबिक CWC की बैठक में राहुल गांधी ने अपनी पार्टी के सीनियर नेताओं के सामने ये बात कही कि आप मुझ पर यकीन नहीं करते, जबकि प्रधानमत्री ख़ुद मुझे यह बोल चुके हैं कि बीजेपी का विकल्प कांग्रेस ही है. बैठक में राहुल गांधी ने अपनी और प्रधानमंत्री की एक मुलाक़ात का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने मुझे कहा, "आप ही हरा सकते हैं."
राहुल ने क्यों अपनी पार्टी नेताओं को साथ नहीं देने की बात कही?
दरअसल पिछले 2 साल से राहुल गांधी वोट चोरी और SIR का मुद्दा उठा रहे हैं. हरियाणा चुनाव नतीजों के बाद से राहुल गांधी ने कई सारी प्रेस कॉन्फ़्रेंस करके वोट चोरी को जोरशोर से उठाया. हरियाणा, कर्नाटक और महाराष्ट्र समेत कई चुनावी नतीजों को राहुल गांधी ने कटघरे में रखकर ECI को घेरा था और ख़ास तौर पर नक़ली वोट शामिल करने से लेकर वोट करने तक के आरोप बीजेपी और चुनाव आयोग पर लगाए थे.
सूत्रों के मुताबिक जब राहुल गांधी वोट चोरी का मुद्दा उठा रहे थे तो कांग्रेस के भीतर इस मुद्दे पर दो अलग-अलग राय थी. कई नेता राहुल गांधी के इन आरोपों को समर्थन दे रहे थे, तो कई नहीं. ठीक उसी तरह जैसे EVM के मुद्दे पर हैं. उच्च सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस पार्टी के कई नेता राहुल गांधी के वोट चोरी अभियान और मुद्दों को समर्थन नहीं दे रहे थे. करीबी सूत्रों के मुताबिक इस बात को राहुल गांधी जानते हैं कि कई मुद्दों और मौकों पर कांग्रेस के कई नेता उनकी बात का समर्थन नहीं करते देखने को मिले हैं.

इससे पहले भी कई बैठकों में राहुल गांधी अपनी पार्टी नेताओं को हिदायता और उनके रवैये को लेकर शख्त होते दिखे हैं. पार्टी नेताओं के कामकाज से लेकर उनके रवैये पर इससे पहले भी CWC हो या CEC दोनों बैठकों में इस बात को राहुल ने उठाया है.
CWC की बैठक में मौजूद एक नेता ने ऑफ रिकॉर्ड बताया कि राहुल गांधी के निशाने पर कई नेता थे, जिनको वो इशारा करके यह बताना चाह रहे थे कि इस मुद्दे और खुलासे से आप लोग भी सहमत होइए. कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक आज की बैठक में कई बड़े नेताओं ने CEC ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग में जो असहमति की खबर निकल कर आई है, SIR प्रक्रिया और फैसलों को लेकर उस पर बड़े प्रदर्शन और रैली करने का सुझाव दिया है.

कांग्रेस पार्टी के कई नेताओं ने आज की बैठक में सुझाव के बाद कांग्रेस नेतृत्व से कहा कि सहयोगी दलों से इस बारे में चर्चा करके पार्टी अपनी आगे की रणनीति को तैयार करेगी. कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक पार्टी इस मुद्दे को अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकता और सफलता के तौर पर देख रही है, क्योंकि उनका मानना है कि चुनाव आयोग के फैसले पर कांग्रेस के सारे सवाल ठीक साबित होते दिखाई दिए हैं.
इसे भी पढ़ें: अखिलेश, केजरीवाल INDIA गठबंधन की बैठक में क्यों नहीं आ रहे? सवाल पर कांग्रेस की सफाई
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं