विज्ञापन

400 KM की स्पीड, 30 किलो की भार क्षमता... IIT जम्मू में सेना के लिए बन रहे मेक इन इंडिया स्काई रीपर ड्रोन की खासियतें

इस ड्रोन को डेवलप कर रही टीम में शामिल लोगों ने बताया कि इस ड्रोन का मल्टीपर्सस यूज हो सकता है. सर्विलांस में भी इसे इस्तेमाल किया जा सकता है. लोगों ने बताया कि यह री-यूजवेल ड्रोन होगा.

400 KM की स्पीड, 30 किलो की भार क्षमता... IIT जम्मू में सेना के लिए बन रहे मेक इन इंडिया स्काई रीपर ड्रोन की खासियतें
भारतीय सेना के लिए स्काई रीपर ड्रोन को डेवलप किया जा रहा है.
  • IIT जम्मू और DRDO के सहयोग से विकसित स्काई रीपर ड्रोन 400 से 550 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकता है.
  • यह जेट-पावर्ड ड्रोन 30 किलो तक का पेलोड ले जाने और हर तरह के इलाके में काम करने में सक्षम है.
  • स्काई रीपर ड्रोन को AI से लैस कर दुश्मन के हवाई क्षेत्र में सटीक प्रहार के लिए तैयार किया जा रहा है.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
श्रीनगर:

Sky Reaper Drown: ईरान का अमेरिका और इजरायल के साथ चला जंग हो या रूस का यूक्रेन के साथ चल रही लड़ाई, सभी में ड्रोन एक ताकतवर हथियार बनकर उभरा है. AI लैस ये ड्रोन विस्फोटकों को ले जाने में सक्षम है. सेना के आमने-सामने की लड़ाई के बदले अब जंग इन्हीं ड्रोनों के जरिए लड़ी जा रही है. आने वाले दिनों में देशों की ताकत का पैमाना भी ये ड्रोन ही तय करेंगे. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी ड्रोनों की भूमिका अच्छे से महसूस की गई थी. भारतीय सेना के पास भी कई ड्रोन हथियार हैं. लेकिन अब भारतीय सेना को और अत्याधुनिक ड्रोन हथियार मिलेंगे. 

400 से 550 किमी प्रति घंटे की स्पीड

आईआईटी जम्मू में डीआरडीओ की मदद से भारतीय सेना के लिए अत्याधुनिक ड्रोन बनाए जा रहे हैं. इसकी खासियत इन ड्रोनों को बेहद मारक बना रहे हैं. NDTV रिपोर्टर ने ड्रोन डेवलपमेंट टीम से बात कर इसकी जानकारी जुटाई. जिसमें बताया गया कि IIT जम्मू और DRDO की मदद से बन रहे ये ड्रोन 400 किमी प्रति घंटे 550 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकते है. आगे इसकी स्पीड और बढ़ाई जाएगी. टीम ने बताया कि इस ड्रोन की स्पीड आगे 550 किमी प्रति घंटे तक किए जाने की तैयारी है.  

स्काई रीपर ड्रोन को अंतिम रूप देने में जुटी टीम

दरअसल ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय सेना की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जम्मू का स्टार्टअप 'कफ्लाई एयरोस्पेस'और IIT जम्मू  ने डीआरडीओ के सहयोग से 'स्काई रीपर' को पेश करने की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा है. 'स्काई रीपर' एक स्वदेशी, हर तरह के इलाके में काम करने वाला मानवरहित लड़ाकू हवाई वाहन (UCAV) है.

30 किमी तक भार ले जाने में सक्षम है यह ड्रोन

यह जेट-पावर्ड ड्रोन 450 से 550 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से उड़ सकता है और 30 किलोग्राम तक का पेलोड (सामान) ले जा सकता है. इसे सेना के हथियारों के ज़खीरे में और भी ज़्यादा घातक हथियार बनाने के लिए, युवा आविष्कारक इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से निर्देशित होने वाले ड्रोन में तब्दील कर रहे हैं.

स्काई रीपर ड्रोन के बारे में जानकारी देते डेवलपिंग टीम से जुड़े सदस्य.

स्काई रीपर ड्रोन के बारे में जानकारी देते डेवलपिंग टीम से जुड़े सदस्य.

स्काई रीपर ड्रोन की अन्य खासियतें

  • इस ड्रोन को किसी भी तरह के इलाके से लॉन्च किया जा सकता है. यह तेज़ रफ़्तार ड्रोन दुश्मन के हवाई क्षेत्र में घुसकर, पूरी सटीकता के साथ अपने लक्ष्य को भेद सकता है.
  • आने वाले दिनों में भारतीय सेना की यूनिट 16 कोर के साथ इसका परीक्षण किया जाएगा. इसके शामिल होने से, भारतीय सेना को 'असममित युद्ध' (asymmetric warfare) में निश्चित रूप से एक बढ़त हासिल होगी.
  • इस तरह के स्वदेशी हथियारों का उत्पादन भारत को आत्मनिर्भर बनाएगा. इन मानवरहित लड़ाकू हवाई वाहनों के लिए भारत को अब दूसरे देशों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. यह भारतीय सेना को दुश्मन पर पूरी सटीकता के साथ प्रहार करने की 'तीखी मारक क्षमता' प्रदान करेगा.

इस ड्रोन का मल्टीपर्सस यूज

इस ड्रोन को डेवलप कर रही टीम में शामिल लोगों ने बताया कि इस ड्रोन का मल्टीपर्सस यूज हो सकता है. सर्विलांस में भी इसे इस्तेमाल किया जा सकता है. लोगों ने बताया कि यह री-यूजवेल ड्रोन होगा. मतलब कि इसे दोबारा यूज किया जा सकता है. ड्रोन डेवलपिंग टीम में शामिल एक युवा ने कहा कि यह ड्रोन इंडिया आर्मी को दी जाएगी. मुझे इस ड्रोन पर काम कर बहुत अच्छा लग रहा है. इसे और डेवलप किया जाएगा. कुछ दिनों बाद इसका टेस्ट किया जाएगा. जिसमें सेना के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे. इस टेस्ट के बाद ड्रोन में और बदलाव किए जाएंगे. 

यह भी पढ़ें - टैंक-तोप का दौर खत्म! अब ड्रोन तय करेंगे युद्ध का परिणाम, भारतीय सेना की भी जबरदस्‍त तैयारी 

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com