चुनाव आयोग ने दिल्ली, पंजाब, हरियाणा समेत 16 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची निरीक्षण (SIR) के तीसरे चरण का ऐलान कर दिया है. चुनाव आयोग ने कहा है कि ये SIR राज्यों में चरणबद्ध तरीके से कराया जाएगा. तीसरे चरण में वोटर लिस्ट की समीक्षा(SIR) हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर और लद्दाख को छोड़कर लगभग पूरे देश को दायरे में लेगा. इन तीन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए एसआईआर कार्यक्रम की घोषणा बाद में की जाएगी. SIR के तीसरे चरण में 3.94 लाख से अधिक बूथ लेवल अफसर (BLO) 36.73 करोड़ मतदाताओं के घर-घर जाकर मतदान करेंगे. राजनीतिक दलों की ओर से जनगणना के लिए नियुक्त 3.42 लाख बूथ लेवल एजेंट (BLA) भी इसमें सहयोग करेंगे. झारखंड, तेलंगाना, उत्तराखंड और ओडिशा में भी एसआईआर होगा. महाराष्ट्र भी इसके दायरे में होगा. सबसे महत्वपूर्ण बात है कि पंजाब में ये एसआईआर चुनाव के पहले कराया जाएगा.
कहां-कब एसआईआर
- ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर में 1 जुलाई से एसआईआर प्रक्रिया, दादरा नगर हवेली और दमन दीव केंद्रशासित प्रदेश, फाइनल वोटर लिस्ट 6 सितंबर को आएगी
- उत्तराखंड में 1 जुलाई से एसआईआर प्रक्रिया प्रारंभ होगी, फाइनल वोटर लिस्ट 15 सितंबर को आएगी
- आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा और चंडीगढ़ में एसआईआर शुरू, 22 सितंबर को फाइनल वोटर लिस्ट आएगी
- तेलंगाना और पंजाब में 1 अक्टूबर से वोटर लिस्ट समीक्षा शुरू होगी.
- कर्नाटक, मेघालय, महाराष्ट्र, झारखंड और दिल्ली में 1 अक्टूबर से मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण का प्रक्रिया शुरू होगी.
- नगालैंड में भी 1 अक्टूबर से मतदाता सूची पुनरीक्षण की ये प्रक्रिया प्रारंभ होगी और 22 नवंबर 2026 तक पूरी होने की संभावना
- त्रिपुरा में 1 अक्टूबर से एसआईआर होगा और 23 दिसंबर तक पूरा होगा.

SIR
राजनीतिक भागीदारी के महत्व पर जोर देते हुए आयोग ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे संशोधन प्रक्रिया के दौरान पारदर्शिता, समावेशिता और प्रभावी जांच सुनिश्चित करने के लिए हर मतदान केंद्र पर बूथ स्तर के एजेंट नियुक्त करें. ज्ञानेश कुमार ने 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर के तीसरे चरण की शुरुआत के अवसर पर कहा, “मैं सभी मतदाताओं से अपील करता हूं कि वे एसआईआर के तीसरे चरण में पूरे उत्साह के साथ भाग लें और अपने गणना फॉर्म भरें. SIR का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची में केवल पात्र मतदाता ही शामिल हों और किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम न रहे.”
आयोग ने आगे कहा कि 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में किए गए एसआईआर अभ्यास के पहले दो चरणों में संबंधित एसआईआर आदेश जारी होने की तारीख तक लगभग 59 करोड़ मतदाता शामिल थे. इसमें कहा गया है कि इन चरणों के दौरान प्रक्रिया के अलग-अलग स्तरों पर 6.3 लाख से अधिक बूथ लेवल अधिकारी और 9.2 लाख बूथ लेवल एजेंट को तैनात किया गया था.
अधिकारियों ने बताया कि इस गहन संशोधन अभियान का उद्देश्य डुप्लीकेट, स्थानांतरित, मृत या अयोग्य नामों की पहचान करके मतदाता सूची को सही और त्रुटि-मुक्त बनाना है. साथ ही सभी पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करने की प्रक्रिया को आसान बनाना भी इसका लक्ष्य है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं