
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा नीत सरकार वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) और विभिन्न केंद्रीय योजनाओं के तहत बंगाल का बकाया पैसा रोक रही है. झारग्राम में एक आदिवासी आउटरीच कार्यक्रम में भाग लेते हुए, बंगाल की सीएम ने कहा कि 100 दिन की रोजगार गारंटी योजना निधि अनिवार्य है. इसको लेकर एक साल पहले मैं पीएम से भी मिली, क्या अब मुझे आपके चरणों में गिरकर निवेदन करना चाहिए?
बीजेपी पर निशाना साधते हुए ममता बनर्जी ने कहा, "क्या हम लोकतंत्र में रह रहे हैं? या भारत 'एक पार्टी' वाला देश बन गया है?"
स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि देते हुए उन्होंने कहा, "हमें हमारा बकाया दो. यह हमारा पैसा है, अन्यथा, जीएसटी को खत्म करो. आपको हमें 100 दिन के रोजगार योजना के लिए हमारे बकाये का भुगतान करना होगा या फिर अपनी कुर्सी छोड़ दो."
मुख्यमंत्री ने कहा, "वे बंगाल को फंड रोकने की धमकी देते हैं. हम जीएसटी को भी रोक सकते हैं." बनर्जी ने भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा, "आप यहां टैक्स जमा नहीं कर सकते और हमारे वैध बकाया को रोक नहीं सकते. आप बंगाल के लोगों को उनका हक नहीं दे रहे हैं."
ममता बनर्जी ने बीजेपी के सुवेंदु अधिकारी पर भी हमला किया, जिन्होंने कल कहा था कि केंद्र सरकार भ्रष्टाचार को देखते हुए विभिन्न योजनाओं के तहत पश्चिम बंगाल का फंड रोक देगा.
अधिकारी पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "एक दिन, ऐसे राजनेता शून्य हो जाएंगे, अगर वे बंगाल को नुकसान पहुंचाना जारी रखते हैं. जब इन योजनाओं को लागू करने की बात आती है, तो हम शीर्ष राज्यों में स्थान रखते हैं, चाहे वह 100 दिन का काम हो या ग्रामीण सड़क योजना, या बंगला आवास योजना."
झारग्राम के कार्यक्रम में श्रोताओं को संबोधित करती हुई उन्होंने आदिवासियों से आग्रह किया कि अगर उनके जायज दावों को खारिज किया जाता है और उनका बकाया रोका जाता है तो वे सड़कों पर उतरें और धरने पर बैठें.
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