महाराष्ट्र में फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया है. नोटिस में तीनों पर आरोप लगाया गया है कि वे अपने 'विमल इलायची' विज्ञापनों के जरिए महाराष्ट्र में प्रतिबंधित प्रोडक्ट 'पान मसाला' का अप्रत्यक्ष रूप से प्रचार कर रहे हैं.
शाहरुख, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को गुमराह करने वाले पान मसाला विज्ञापनों पर सफाई देने के लिए 15 दिन का समय दिया है. अगर 15 दिन में कोई जवाब नहीं मिलता है तो इन पर 50 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.
यह नोटिस मुंबई में महाराष्ट्र के फूड सेफ्टी कमिश्नर के तौर पर काम कर रहे IAS तुकाराम मुंडे के अधिकार क्षेत्र में जारी किया गया है. नोटिस में उस आदेश का हवाला दिया गया है जो लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा नियमों के कारण महाराष्ट्र में पान मसाला को बनाने, स्टोरेज करने और बेचने पर रोक लगाता है.
'कारण बताओ नोटिस' में क्या-क्या है?
- कौन से नियमों का उल्लंघन: नोटिस में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (FSS) एक्ट 2006, सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA) 2003 और केबल टीवी विज्ञापन नियमों के गंभीर उल्लंघन का जिक्र है.
- आरोप क्या हैं: एक्टर्स पर आरोप हैं कि वे प्रतिबंधित तंबाकू और पान मसाला उत्पादों को प्रमोट करने के लिए 'विमल इलायची' कैंपेन का इस्तेमाल अप्रत्यक्ष तौर पर कर रहे हैं.
- एक्टर्स को क्या कहा गया: नोटिस में कहा गया है कि वे एंडोर्समेंट से जुड़ी सभी गतिविधियां बंद कर दें. अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया हैंडल और वेबसाइट से इससे जुड़े सभी विज्ञापन, प्रमोशनल कंटेंट और वीडियो हमेशा के लिए हटा दें.
- एक्टर्स को क्या करना होगा: तीनों एक्टर्स को अपने एंडोर्समेंट एग्रीमेंट, कैंपेन ब्रीफ और फाइनेंशियल अरेंजमेंट की पूरी कॉपी देनी होगी. उन्होंने इस बात का भी दस्तावेजी सबूत देना होगा कि 'विमल इलायची' बाजार में असली और अलग प्रोडक्ट के तौर पर मौजूद है.
- कब तक देना है जवाब: एक्टर्स को इस नोटिस पर लिखित जवाब देने या सुनवाई का अनुरोध करने के लिए 15 दिन का समय दिया है, जिसके बाद सीधी कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी.
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एड करने पर एक्टर्स को नोटिस क्यों?
कानूनन विज्ञापन करने वाले तब तक अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते, जब तक वे यह साबित न कर दें कि उन्होंने विज्ञापन पर दस्तखत करने से पहले पूरी सावधानी बरती थी. सबूत पेश करने की जिम्मेदारी सेलिब्रिटी की होती है. FSS के 2018 के नियम साफ कहते हैं कि विज्ञापन के दावे सही और गुमराह न करने वाले होने चाहिए.
13 जुलाई को ही फूड सेफ्टी कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने एक आदेश जारी कर एक साल के लिए पान मसाला बनाने, स्टोर करने, ट्रांसपोर्ट करने और बेचने पर रोक लगाई है.
एक्टर्स पर क्या एक्शन हो सकता है?
'कारण बताओ नोटिस' पर शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को 15 दिन के भीतर जवाब देना होगा. अगर जवाब नहीं देते हैं तो सीधी कानूनी कार्रवाई होगी.
FSS एक्ट की धारा 53 के तहत, खाने-पीने की चीजों के भ्रामक विज्ञापन में शामिल किसी भी व्यक्ति या पार्टी पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.
वहीं, कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 2019 की धारा 21 के तहत झूठा प्रचार करने पर 10 लाख से 50 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. इसके साथ ही सेलिब्रिटी पर विज्ञापन करने पर 1 से 3 साल तक का बैन भी लगाया जा सकता है.
इसका मतलब हुआ, अगर शाहरुख, अजय और टाइगर 15 दिन के भीतर कोई जवाब नहीं देते हैं तो उन पर 50 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है और तीन साल तक कोई भी विज्ञापन करने पर भी रोक लगाई जा सकती है.
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