सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को फैक्ट-चेकर मोहम्मद जुबैर की अर्जी पर सुनवाई होगी. सुप्रीम कोर्ट इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली जुबैर की याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें एक द्वीट केलिए यूपी के सीतापुर में उनके खिलाफ दर्ज केस को रद्द करने से इंकार कर दिया था, जिसमें कथित रूप से हिंदू संतों को 'नफरत फैलाने वाला' कहा गया था. जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एएस बोपन्ना की बेंच में आज ये सुनवाई होनी है.
सुप्रीम कोर्ट में फाइल की गई उनकी अपील में कहा गया है कि एफआईआर में उनके खिलाफ जो आरोप लगाए गए हैं वे 'पूर्ण रूप से गलत हैं और तथ्यहीन' हैं.जुबैर ने अपने आप को निर्दोष बताया है और कहा है कि उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है.
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अपील में कहा गया है कि पुलिस द्वारा अपीलकर्ता को गिरफ्तारी के लिए धमकाया जा रहा है और अपीलकर्ता की जिंदगी और आजादी खतरे में है. साथ ही अपील में यह भी कहा गया है कि पुलिस ने मनमाने और दुर्भावना से ग्रसित होकर अपीलकर्ता के खिलाफ कार्रवाई की है. पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट ने ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक जुबैर को पांच दिन की अंतरिम जमानत दी थी. यह जमानत उनके खिलाफ यूपी के सीतापुर में दर्ज एक एफआईआर के मामले में दी गई थी.
कोर्ट ने तब यह साफ कर दिया था कि दी जा रही अंतरिम जमानत यूपी के सीतापुर में दर्ज एफआईआर के मामले में है और इसका दिल्ली में उनके खिलाफ दर्ज शिकायत से कोई लेना-देना नहीं है. कोर्ट ने जुबैर को ताकीद भी की थी कि केस से संबंधित किसी भी प्रकार का वे ट्वीट न करें. कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया था कि कोर्ट का आदेश किसी भी तरह से जारी जांच में बाधक नहीं होगा और न ही किसी भी प्रकार से किसी भी साक्ष्य की जब्ती में अवरोध उत्पन्न करेगा.
वहीं आरोप लगाते हुए यूपी सरकार ने जुबैर को आदतन ऐसा करने वाला करार दिया और कहा कि यह सब एक सिंडिकेट का हिस्सा है जो लगातार ऐसे पोस्ट ट्वीट करता है जिसकी मंशा देश को अस्थिर करने की होती है.
बता दें कि जुबैर को पहली बार 27 जून को गिरफ्तार किया गया था. यह गिरफ्तारी दिल्ली पुलिस द्वारा चार साल पहले किए गए एक ट्वीट के संबंध में हुई. इस ट्वीट में जुबैर ने 1983 की एक फिल्म के दृश्य का स्क्रीनशॉट शेयर किया था. उल्लेखनीय है कि यह गिरफ्तारी जुबेर द्वारा पूर्व बीजेपी नेता नुपूर शर्मा द्वारा एक टी वी शो में पैगम्बर मोहम्मद पर भड़काऊ बयान देने का वीडियो साझा करने के बाद की गई है.
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