दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस से चंद कदम की दूरी पर स्थित सत्य निकेतन में आज हुए दर्दनाक हादसे ने छात्रों की सुरक्षा को लेकर पुरानी चिंता फिर सामने ला दी. यहां एक इमारत अचानक ढह गई, जिसके मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई गई. हादसे की सूचना मिलते ही NDRF और दिल्ली पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव अभियान शुरू किया.
हादसे को लेकर दिल्ली पुलिस मामला दर्ज कर रही है और मकान मालिक आनंद बंसल की तलाश की जा रही है. जानकारी के मुताबिक, इस इमारत को करीब एक साल पहले खाली कराया गया था, लेकिन दो-तीन महीने पहले यहां दोबारा PG शुरू हो गया था. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिस इमारत को पहले खाली कराया गया था, वहां दोबारा लोगों के रहने की अनुमति कैसे मिली और सुरक्षा मानकों की जांच किस स्तर पर हुई.
DU छात्रों के सामने बड़ी चुनौती
सत्य निकेतन और इसके आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में DU के छात्र रहते हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह विश्वविद्यालय के हॉस्टलों में सीमित सीटें हैं. हॉस्टल नहीं मिलने पर छात्रों को महंगे PG या मनमाने किराए वाले मकानों का सहारा लेना पड़ता है. ऐसे में इन निजी आवासों की सुरक्षा व्यवस्था और बिल्डिंग के मानकों पर लगातार सवाल उठते रहे हैं. सत्य निकेतन की घटना ने इस समस्या को एक बार फिर गंभीर बना दिया है.
हादसे के तुरंत बाद मौके पर पहुंचे छात्र संगठन
घटना की खबर मिलते ही छात्र संगठनों के नेता और कार्यकर्ता मौके पर पहुंचने लगे. DUSU अध्यक्ष आर्यन मान ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने फोन पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली पुलिस कमिश्नर से बात कर हादसे की जानकारी दी और राहत-बचाव की स्थिति पर चर्चा की.
इस हादसे के बाद ABVP का गुस्सा भड़क उठा है. प्रदर्शनकारी छात्रों ने MCD दफ्तर में तोड़फोड़ की है. MCD कमिश्नर के इस्तीफे पर प्रदर्शनकारी छात्र अड़ गए हैं.
ABVP ने रेस्क्यू में की मदद
ABVP के राष्ट्रीय महासचिव वीरेंद्र सोलंकी भी कार्यकर्ताओं के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे. ABVP कार्यकर्ताओं ने NDRF और दिल्ली पुलिस के साथ राहत-बचाव अभियान में सहयोग किया. वहीं ABVP के प्रदेश मंत्री राम मनोहर लोहिया अस्पताल में है तो ABVP के संभावित उम्मीदवार AIIMS में मौजूद है. NDTV से बातचीत में प्रदेश मीडिया संयोजक हरेश ने बताया कि ABVP की पहली प्राथमिकता छात्रों का रेस्क्यू है. आज ABVP ने MCD कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन का वाहन भी किया था .
NSUI ने सरकार पर उठाए सवाल
NSUI अध्यक्ष विनोद जाखड़ भी कुछ समय बाद घटनास्थल पर पहुंचे. उन्होंने सुरक्षा मानकों में कथित चूक को लेकर बीजेपी सरकार पर सवाल उठाए. मौके पर NSUI कार्यकर्ताओं ने विरोध भी किया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें वहां से हटाया. हालांकि, NSUI कार्यकर्ताओं ने राहत-बचाव में भी सहयोग किया. विनोद जाखड़ बाद में AIIMS भी पहुंचे. NSUI के चुनाव प्रभारी अखिलेश यादव ने NDTV से बातचीत में सरकार पर सवाल तो उठाए लेकिन ,कहा कि उनके कार्यकर्ता हर संभव मदद करने की कोशिश कर रहे हैं.
DUSU चुनाव से पहले बढ़ी सियासी गर्मी
DUSU चुनाव से ठीक पहले हुए इस हादसे ने कैंपस की राजनीति को और गरमा दिया है. ABVP और NSUI दोनों ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं और कार्यकर्ताओं को अस्पतालों में तैनात रहने को कहा है. ऐसे में सत्य निकेतन हादसा जहां छात्रों की सुरक्षा और सुरक्षित आवास के सवाल को सामने ला रहा है, वहीं आगामी DUSU चुनाव के बीच यह मुद्दा राजनीतिक बहस का बड़ा केंद्र बनता दिख रहा है.
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