- सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें श्रद्धांजलि दी
- अमित शाह ने कहा कि सरदार पटेल ने स्वतंत्र भारत के 500 से अधिक रियासतों को मिलाकर अखंड भारत का निर्माण किया था
- अमित शाह ने कहा कि सरदार पटेल ने देश की प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ और अखंड भारत की नींव रखी
देश आज पूर्व उपप्रधानमंत्री और पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर उन्हें नमन कर रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस अवसर पर उन्हें याद किया है. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि सरदार पटेल एक सशक्त, समृद्ध और समर्थ भारत के निर्माण के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया. वहीं अमित शाह ने कहा कि लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने कई रियासतों को एक साथ मिलाकर एक अखंड भारत का निर्माण किया.
पीएम मोदी ने कहा, "अखंड भारत के प्रणेता देश के लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल को उनकी जयंती पर सादर नमन. उन्होंने एक सशक्त, समृद्ध और समर्थ भारत के निर्माण के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया. मां भारती की सेवा में उनका त्याग और समर्पण विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए बहुत बड़ा प्रेरणास्रोत है."
अखंड भारत के प्रणेता देश के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को उनकी जयंती पर सादर नमन। उन्होंने एक सशक्त, समृद्ध और समर्थ भारत के निर्माण के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। मां भारती की सेवा में उनका त्याग और समर्पण विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए बहुत बड़ा प्रेरणास्रोत है।
— Narendra Modi (@narendramodi) October 31, 2026
वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, "आधुनिक भारत के शिल्पकार, राष्ट्रीय एकता और अखंडता के प्रतीक, लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन. सरदार साहब ने अपने अदम्य साहस और दूरदर्शिता से रियासतों में बंटे देश को एक सूत्र में पिरोकर मजबूत भारत की नींव रखी और अखिल भारतीय सेवाओं की आधारशिला रखकर देश की प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ आधार दिया. खेड़ा और बारडोली सत्याग्रह के माध्यम से किसानों के अधिकारों के लिए उनका संघर्ष जनसेवा और नेतृत्व का अनुपम उदाहरण है. राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने वाले सरदार साहब का त्याग, समर्पण और राष्ट्रप्रेम हर एक देशवासी को 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के निर्माण की दिशा में प्रेरित करता रहेगा."
आधुनिक भारत के शिल्पकार, राष्ट्रीय एकता और अखंडता के प्रतीक, लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन एवं समस्त देशवासियों को 'राष्ट्रीय एकता दिवस' की हार्दिक शुभकामनाएँ। सरदार साहब ने अपने अदम्य साहस और दूरदर्शिता से रियासतों में बँटे देश को एक सूत्र में पिरोकर मजबूत भारत की नींव रखी और अखिल भारतीय सेवाओं की आधारशिला रखकर देश की प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ आधार दिया। खेड़ा और बारडोली सत्याग्रह के माध्यम से किसानों के अधिकारों के लिए उनका संघर्ष जनसेवा और नेतृत्व का अनुपम उदाहरण है। राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने वाले सरदार साहब का त्याग, समर्पण और राष्ट्रप्रेम हर एक देशवासी को 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के निर्माण की दिशा में प्रेरित करता रहेगा।
— Amit Shah (@AmitShah) October 31, 2026
वहीं नई दिल्ली स्थित पटेल चौक पर एक कार्यक्रम में उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पिल कर गृह मंत्री ने कहा कि जब से नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने हैं, सरदार वल्लभभाई पटेल के जन्मदिन को 'राष्ट्रीय एकता दिवस' के रूप में मनाया जाता है. उन्होंने कई रियासतों को एक साथ मिलाकर एक अखंड भारत का निर्माण किया. भारत को भौगोलिक और सांस्कृतिक, दोनों ही रूपों में एकजुट किया.
उन्होंने कहा कि कई लोगों को लगता था कि आज़ादी के बाद भारत बिखर जाएगा, लेकिन सरदार साहब ने वह कर दिखाया, जिसे दूसरे लोग असंभव मानते थे. सरदार साहब ने जिस भारत की कल्पना की थी, वह आज दुनिया के सामने गर्व का प्रतीक है. भारत नक्सलवाद से मुक्त होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और एक नशा-मुक्त राष्ट्र बनने की ओर अग्रसर है. सरदार वल्लभभाई पटेल से प्रेरित होकर, हम 2029 तक भारत को नशा-मुक्त बनाएंगे.
गृह मंत्री ने कहा कि हमारे देश में भाषाओं और पारंपरिक धर्मों की विविधता कोई कमजोरी नहीं, बल्कि एक ताकत है, यह पटेल की समावेशी सोच को दर्शाती है. इसी नींव पर हमारा देश इतने वर्षों से एकजुट बना हुआ है. सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण, जिसे राष्ट्रीय पुनर्जागरण के हिस्से के रूप में देखा गया, वह भी सरदार साहब की ही सोच थी.
#WATCH दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "सरदार साहब को कई वर्षों तक उनके कर्मों के आधार पर जो उचित सम्मान था वो भारत ने नहीं दिया। कांग्रेस पार्टी ने हमेशा से सरदार साहब को भुलाने का काम किया है। लेकिन सूर्य की तेज को कवर नहीं कर सकते। नरेंद्र मोदी जब गुजरात के सीएम बने तो उन्होंने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी बनाकर एक गगन को छूने वाली प्रतिमा का निर्माणकर पूरे देश के सामने सरदार साहब के व्यक्तित्व को प्रस्थापित करने का काम किया। "
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 31, 2026
अमित शाह ने कहा कि सरदार पटेल को उनके योगदान के लिए वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वे हकदार थे. कांग्रेस पार्टी ने उनकी यादों को मिटाने की कोशिश की. हालांकि, नरेंद्र मोदी ने गुजरात में उनकी प्रतिमा बनवाकर उन्हें सम्मान दिया. उन्होंने कहा कि 'रन फॉर यूनिटी' में भाग लेने आए दस हजार युवाओं को मेरी बहुत-बहुत शुभकामनाएँ.
पटेल चौक नई दिल्ली के सबसे महत्वपूर्ण और प्रशासनिक रूप से व्यस्त इलाकों में से एक है. इसका नाम भारत के पहले उप-प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम पर रखा गया है. यह नई दिल्ली के मध्य यानी सेंट्रल दिल्ली में स्थित है. यह क्षेत्र कई प्रमुख सरकारी कार्यालयों, मंत्रालयों और संस्थाओं का केंद्र है.
आजादी के बाद 500 से अधिक रियासतों को भारत संघ में मिलाकर देश का राजनीतिक एकीकरण करने में सरदार वल्लभभाई पटेल की सबसे बड़ी भूमिका रही. इसी वजह से उन्हें 'लौह पुरुष' और भारत के एकीकरणकर्ता के रूप में जाना जाता है. उनका निधन 15 दिसंबर 1950 को हुआ था.
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