स्वतंत्रता दिवस नजदीक आते ही राजधानी के आसमान में पतंगों की रौनक बढ़ने लगी है. हर साल 15 अगस्त के आसपास बड़ी संख्या में लोग पतंगबाजी का आनंद लेते हैं. लेकिन इस बार दिल्ली पुलिस ने लोगों को चीनी मांझे के खतरे से आगाह करने के लिए एक अलग और दिलचस्प तरीका अपनाया है.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे 'कूचू पुचू तुम कहां हो' मीम की तर्ज पर दिल्ली पुलिस ने लोगों को संदेश दिया कि पतंग उड़ाएं, लेकिन चीनी मांझे से दूरी बनाए रखें.
दिल्ली पुलिस ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "डियर कूचू पुचू, पतंग उड़ाओ लेकिन चीनी मांझा को ना कहो, समझे?". मीम वाले अंदाज में दिया गया यह संदेश लोगों का ध्यान खींच रहा है और तेजी से शेयर भी किया जा रहा है.
Dear Kuchu Puchu, Patang Udao but Say NO to Chinese Manjha, Samjhe? 🪁@PMOIndia@HMOIndia@MinOfCultureGoI@LokNiwasDelhi#DPUpdates#NoChineseडोर #SayNoToChineseManjha pic.twitter.com/hmr9RJ1H3M
— Delhi Police (@DelhiPolice) August 12, 2026
दरअसल, दिल्ली पुलिस ने एक वायरल सोशल मीडिया चैट फॉर्मेट का इस्तेमाल करते हुए चीनी मांझे के खतरों को समझाया. पोस्ट में बातचीत कुछ इस तरह दिखाई गई है.
उसमें एक शख्स लिखता है, कूचू पूचू- क्या कर रहे हो?
दूसरा कहता है- पतंग उड़ा रहा हूं, फुल जोश में..
पहला- और मांझा
दूसरा- चाइनीज वाला
पहला- अरे नहीं नहीं...चाइनीज मांझा पंछियों और दोपहिया चलाने वालों के लिए खतरनाक है
दूसरा- अच्छा, समझ गया, आज से मैं सेफ मांझा ही यूज करूंगा.
दिल्ली Police का मकसद साफ है. पतंगबाजी के उत्साह में लोग अक्सर सस्ते या ज्यादा तेज धार वाले मांझे का इस्तेमाल कर लेते हैं, लेकिन इसका खामियाजा पक्षियों, बाइक सवारों और यहां तक कि पैदल चलने वालों को भी भुगतना पड़ता है.
हर साल होती हैं कई दुर्घटनाएं
स्वतंत्रता दिवस और उसके आसपास पतंग उड़ाने का चलन बढ़ने के साथ ही चीनी मांझे से जुड़े हादसे भी सामने आते हैं. कई मामलों में बाइक सवारों की गर्दन या चेहरे पर मांझा लगने से गंभीर चोट पहुंची है. वहीं, बड़ी संख्या में पक्षी भी इसकी चपेट में आकर घायल होते हैं या उनकी मौत हो जाती है.
चीनी मांझा पेड़ों, बिजली के तारों और इमारतों में लंबे समय तक फंसा रहता है. इसकी वजह से बाद में भी दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है. यही कारण है कि पुलिस और प्रशासन समय-समय पर लोगों से इसके इस्तेमाल से बचने की अपील करते हैं.
क्यों खतरनाक है चीनी मांझा?
- चाइनीज मांझे की धार बहुत तेज होती है.
- बाइक और स्कूटर सवारों की गर्दन या चेहरे को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है.
- पक्षियों के पंख, गर्दन और पैर कट सकते हैं.
- बिजली के तारों में उलझकर जोखिम बढ़ा सकती है.
- लंबे समय तक वातावरण में फंसा रहने के कारण बाद में भी हादसों की वजह बनती है.
- सामान्य धागे की तुलना में यह ज्यादा मजबूत होता है, इसलिए आसानी से नहीं टूटता.
मांझे और चीनी मांझे में क्या अंतर है?
सामान्य मांझा आमतौर पर सूती धागे से बनाया जाता है. इसे पतंग उड़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है और यह अपेक्षाकृत कम खतरनाक माना जाता है.
वहीं, चीनी मांझा (Chinese Manjha) सिंथेटिक नायलॉन या प्लास्टिक जैसे पदार्थों से बनाया जाता है. कई बार इसे धातु या कांच के बेहद महीन कणों से भी कोट किया जाता है ताकि यह ज्यादा धारदार हो सके. इसी वजह से यह आसानी से टूटता नहीं है और किसी व्यक्ति, पक्षी या जानवर के संपर्क में आने पर गहरी चोट पहुंचा सकता है.
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