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'मैं उम्मीद करता हूं...':ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में रूसी दूत का हिंदी मैसेज सुनिए

राष्ट्रपति पुतिन ने अपने भाषण में कहा कि पिछले 5 सालों में दुनिया की GDP का 40% से ज्यादा योगदान  BRICS देशों का है. जबकि तथाकथित G7 यानी 'ग्रेट 7' का योगदान सिर्फ 29% रहा है.

'मैं उम्मीद करता हूं...':ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में रूसी दूत का हिंदी मैसेज सुनिए
भारत में रूसी दूतावास के प्रेस सेक्रेटरी प्योत्र सिजोव का हिंदी मैसेज.
  • रूस के प्रेस सेक्रेटरी प्योत्र सिजोव ने ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग के तेजी से बढ़ाने पर जोर दिया
  • सिजोव ने ब्रिक्स पर कहा कि मुझे उम्मीद है कि यह एक जबरदस्त समुदाय बनेगा.
  • राष्ट्रपति पुतिन ने ब्रिक्स देशों के जीडीपी योगदान को G7 देशों के मुकाबले अधिक बताया है
नई दिल्ली:

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में रूसी दूत ने हिंदी में खास संदेश दिया. भारत में रूसी दूतावास के प्रेस सेक्रेटरी प्योत्र सिजोव ने शुक्रवार को कहा कि ब्रिक्स (BRICS) के बीच सहयोग का स्तर तेजी से बढ़ रहा है. साथ ही उन्होंने 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में होने वाली चर्चाओं को लेकर भी उम्मीद जताई.सिजोव ने हिंदी में उस संगठन की बढ़ती मजबूती के बारे में बात की, जिसके भारत, चीन और रूस प्रमुख सदस्य हैं.

न्यज एजेंसी ANI से उन्होंने कहा,'मुझे उम्मीद है कि यह एक जबरदस्त समुदाय बनेगा.' उन्होंने ब्रिक्स बिजनेस फोरम की बैठक में पुतिन की उन बातों का भी जिक्र किया, जिनमें रूसी राष्ट्रपति ने दुनिया की GDP में ब्रिक्स देशों के योगदान की तुलना G7 देशों के योगदान से की थी.

पुतिन और पीएम मोदी के भाषण से बहुत प्रभावित

सिजोव ने कहा कि वह राष्ट्रपति पुतिन और पीएम नरेंद्र मोदी के भाषण से बहुत प्रभावित हैं. राष्ट्रपति पुतिन ने इस बात पर जोर दिया कि संगठन के भीतर सहयोग का स्तर तेजी से बढ़ रहा है. उन्होंने संगठन की अर्थव्यवस्थाओं की बढ़ोतरी की तुलना तथाकथित 'बिग 7' (G7) से की. BRICS में अब दुनिया की करीब आधी आबादी हमारे संगठन का हिस्सा है.सिजोव ने कहा, "मुझे यकीन है कि मल्टीलेटरल बैठकों में ज्यादातर अहम मुद्दों पर चर्चा होगी.'

राष्ट्रपति पुतिन ने अपने भाषण में कहा कि पिछले 5 सालों में दुनिया की GDP का 40% से ज्यादा योगदान  BRICS देशों का है. जबकि तथाकथित G7 यानी 'ग्रेट 7' का योगदान सिर्फ 29% रहा है.

दुनिया की अर्थव्यवस्था पर क्या बोले पुतिन?

राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि इसी दौरान दुनिया की अर्थव्यवस्था में हुई वृद्धि देखने से पता चलता है कि उस वृद्धि का आधे से ज्यादा हिस्सा BRICS की देन है. जबकि G7 का योगदान सिर्फ 29% रहा है. ऐसा क्यों है? इसका जवाब आसान बहुत आसान है. दुनिया की आधी से ज्यादा आबादी BRICS देशों में रहती है, इसीलिए उनके घरेलू बाजार बहुत डायनेमिट और बाइब्रेंट हैं.

पीएम मोदी और पुतिन के बीच इन मुद्दों पर चर्चा

बता दें कि शुक्रवार को पीएम मोदी और पुतिन की पहली मुलाकात हुई. इस दौरान दोनों के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की. दोनों के बीच 'आर्थिक सहयोग कार्यक्रम 2030' को लागू करने के साथ-साथ इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा, टेक्नोलॉजी, रक्षा और संस्कृति के क्षेत्रों में सहयोग पर भी बात हुई.

यह बैठक 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान हुई. दो हफ्तों से भी कम समय में दोनों नेताओं के बीच यह दूसरी मुलाकात थी. इससे पहले वे 31 अगस्त को बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों मिले थे.

इनपुट- ANI

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