आरएसएस चीफ मोहन भागवत ने नागपुर में दशहरा रैली के दौरान फ्लाईदुबई के पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की तारीफ की. उन्होंने कहा कि जो कैप्टन मच्छार ने किया वो हिंदू जीवन में स्वाभाविक है. ऐसी स्थिति में उन्हें क्या करना है वो उनमें अपने आप आ गई.
भागवत ने कहा कि वो स्वाभाविक था, ऐसा होने पर क्या करना इसकी ट्रेनिंग नहीं थी. जो उनकी परंपरा है वो उस समय फूट पड़ी. ये हिंदू स्वभाव है. इसलिए वो सभी विविधताओं के लिए पोषक ही होगा. उनकी सुरक्षा करने वाला ही होगा. यह कार्य देश के लिए और विश्व की एकता के लिए उपकारक है.
आरएसएस चीफ ने कहा कि हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने अपना पूरा जीवन आजादी के लिए कुर्बान कर दिया. उनके संघर्ष से जो शक्ति बनी उसी कारण ब्रिटिश सरकार को भारत छोड़ने के लिए बाध्य होना पड़ा. उन्होंने कहा कि हमारा समाज बहुरंग है, दिखने में ये एक लगता है. हमें विविधता में चलना पड़ता है. हमे अपने अंदर की एकता पर ध्यान होना चाहिए.
मोहन भागवत ने कहा कि बिना शर्त यही हमारी स्वाधीनता सेनानियों की उन्होंने पूरा जीवन का उत्सर्ग किया. इससे जो शक्ति बनी इसी के कारण ब्रिटिश सरकार को भारत छोड़ने के लिए बाध्य होना पड़ा. इसी को आरएसएस जगाना चाहती है, इसी को हम हिंदू भाव कहते हैं, हमें बल संपन्न समाज हमको बनाना है. कुछ भी करना है तो बल चाहिए, आप सांस ले रहे हैं ताकत है इसलिए ले रहे हैं, जिस दिन ताकत समाप्त हो जाएगी वेंटिलेटर लगाया जाएगा. सांस लेना भी बिना शक्ति के असंभव हो जाता है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं