बाइडेन के सुरक्षा सलाहकार ने खालिस्तानी आतंकी हत्या की साजिश विवाद के बीच एस जयशंकर से की मुलाकात

अमेरिकी विदेश विभाग ने सोमवार को खालिस्तानी आतंकी (Khalistani terrorist in US) की नाकाम हत्या की साजिश के आरोपों की जांच के लिए एक समिति गठित करने के भारत सरकार के फैसले का स्वागत किया. 

बाइडेन के सुरक्षा सलाहकार ने खालिस्तानी आतंकी हत्या की साजिश विवाद के बीच एस जयशंकर से की मुलाकात

अमेरिकी एनएसए ने एस जयशंकर से की मुलाकात

नई दिल्ली:

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन फाइनर (US NSA Jon Finer Meet Jai Shankar) इन दिनों भारत की यात्रा पर हैं. सोमवार को उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर और एनएसए अजीत डोभाल से अलग-अलग मुलाकात की. इस दौरान उनकी विभिन्न द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई. अमेरिका में खालिस्तानी आतंकी को मारने की नाकाम साजिश में भारत का हाथ होने के अमेरिकी आरोप के बाद दोनों पक्षों के बीच पहली बार अधिकारियों की मुलाकात की सार्वजनिक रूप से जानकारी सामने आई है. 

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भारत दौरे पर बाइडेन के शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार

नयी दिल्ली के दौरे पर आए फाइनर और उनके भारतीय समकक्ष विक्रम मिसरी ने व्यापक वार्ता के दौरान क्रिटिकल एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज (आईसीईटी) पर भारत-अमेरिका पहल की पहली व्यापक मध्यावधि समीक्षा की. पिछले साल मई में, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति जो बाइडन ने नई और उभरती प्रौद्योगिकियों में दोनों देशों के बीच परिणाम-उन्मुख सहयोग को सुविधाजनक बनाने के लिए आईसीईटी की शुरुआत की थी.

विदेश मंत्रालय ने कहा, "परामर्श के दौरान, दोनों उप एनएसए ने प्रमुख द्विपक्षीय मुद्दों की समीक्षा की और क्षेत्रीय और  वैश्विक घटनाक्रम पर विचारों का आदान-प्रदान किया". नई दिल्ली में यह बैठक अमेरिकी अभियोजकों द्वारा अमेरिका में खालिस्तानी नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू को मारने की साजिश में कथित संलिप्तता को लेकर एक भारतीय नागरिक के खिलाफ अदालत में दायर किए गए एक मामले की पृष्ठभूमि में हुई.

पन्नू मामले के बीच भारतीय अधिकारियों से मिले बाइडेन के अधिकारी

विदेश मंत्रालय ने कहा कि फाइनर ने एनएसए डोभाल और विदेश मंत्री जयशंकर से मुलाकात की और वह विदेश सचिव विनय क्वात्रा से मुलाकात करेंगे. माना जाता है कि फाइनर और भारतीय पक्ष के बीच बैठक में यह मुद्दा उठा, हालांकि इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. भारत ने गुरुवार को अमेरिका द्वारा एक भारतीय अधिकारी को सिख चरमपंथी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश रचने के आरोपी व्यक्ति से जोड़ने को “चिंता का विषय” बताया था. भारत ने संबंधित आरोपों की जांच के लिए एक जांच दल का गठन किया है और कहा कि आगे के कदम आरोपों की जांच कर रहे दल के निष्कर्षों के आधार पर उठाए जाएंगे.

अमेरिकी संघीय अभियोजकों ने बुधवार को 52 वर्षीय निखिल गुप्ता पर पन्नू की हत्या की नाकाम साजिश में एक भारतीय सरकारी कर्मचारी के साथ मिलकर काम करने का आरोप लगाया. अभियोजकों ने मैनहट्टन अदालत को सूचित किया कि चेक गणराज्य के अधिकारियों ने गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है और वह हिरासत में है. ‘सिख फॉर जस्टिस' के नेता पन्नू की भारतीय जांच एजेंसियों को विभिन्न आतंकी आरोपों में तलाश है.

US ने भारत की जांच के फैसले का किया स्वागत

अनाम सूत्रों का हवाला देते हुए फाइनेंशियल टाइम्स ने पिछले महीने पहली बार यह खबर दी थी कि अमेरिकी अधिकारियों ने पन्नू की हत्या की साजिश को नाकाम कर दिया है और इस साजिश में शामिल होने की चिंताओं पर भारत सरकार को चेतावनी जारी की. वाशिंगटन पोस्ट ने 29 नवंबर को कहा कि बाइडन प्रशासन साजिश का पता चलने के बाद इतना चिंतित था कि उसने जांच की मांग करने और जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने के लिए क्रमशः अगस्त और अक्टूबर में सीआईए निदेशक विलियम जे. बर्न्स और राष्ट्रीय खुफिया निदेशक एवरिल हेन्स को भारत भेजा.

अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने पिछले हफ्ते आरोपों की उच्चस्तरीय जांच की घोषणा करने के भारत के फैसले को “अच्छा और उचित” बताया था. अमेरिकी विदेश विभाग ने सोमवार को खालिस्तानी आतंकी की नाकाम हत्या की साजिश के आरोपों की जांच के लिए एक समिति गठित करने के भारत सरकार के फैसले का स्वागत किया. 

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)