- चांदनी चौक से पकड़ा गया गोदारा गैंग का सदस्य, 12 करोड़ की ड्रग्स बरामद
- पाकिस्तान से आई थी हेरोइन, कार के सीक्रेट चैंबर से मिली
- हवाला और ड्रग्स सिंडिकेट पर दिल्ली-गुजरात पुलिस की बड़ी कार्रवाई
दिल्ली और गुजरात पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में उत्तर भारत में सक्रिय एक बड़े ड्रग्स और रंगदारी गिरोह का खुलासा हुआ है. पुलिस ने गैंगस्टर रोहित गोदारा और महेंद्र देलाना से जुड़े कुलदीप स्वामी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 2 किलो हेरोइन बरामद की है, जिसकी कीमत करीब 12 करोड़ रुपये आंकी गई है. जांच में सामने आया है कि आरोपी न केवल नशीले पदार्थों की सप्लाई करता था, बल्कि हवाला के जरिए रंगदारी की रकम भी इकट्ठा करता था. पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.
रंगदारी जांच से सामने आया पूरा नेटवर्क
मामले का खुलासा तब हुआ जब गुजरात पुलिस की वडोदरा सिटी क्राइम ब्रांच एक कारोबारी से 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले की जांच कर रही थी. जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि रंगदारी वसूली और मादक पदार्थों की तस्करी का एक संगठित नेटवर्क सक्रिय है. रंगदारी की पहली किस्त दिल्ली में दी जानी थी. यह सूचना गुजरात पुलिस ने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के साथ साझा की, जिसके बाद संयुक्त अभियान शुरू किया गया.
चांदनी चौक से गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार 12 सितंबर 2026 की शाम करीब 5:30 बजे दिल्ली के चांदनी चौक स्थित कुचा घासी राम इलाके में बीकानेर स्वीट्स के पास कुलदीप स्वामी को गिरफ्तार किया गया. उसके पास से एक करेंसी नोट और एक मारुति स्विफ्ट डिजायर कार की चाबी बरामद हुई. जांच में पता चला कि करेंसी नोट की तस्वीर टेलीग्राम के जरिए भेजी गई थी. इस नोट का इस्तेमाल हवाला लेनदेन में पहचान सत्यापित करने और भुगतान की पुष्टि करने के लिए किया जाता था.
कार के सीक्रेट चैंबर से मिली हेरोइन
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में कुलदीप ने पुलिस को बताया कि नशीले पदार्थों की एक बड़ी खेप उसकी कार में छिपी हुई है. इसके बाद स्पेशल सेल की टीम नजफगढ़ के जय विहार फेज-1 पहुंची और उसकी कार की तलाशी ली. जांच के दौरान कार की डिक्की में स्पेयर टायर के पास बनाया गया एक विशेष गुप्त चैंबर मिला. इसी चैंबर से चार पैकेट बरामद किए गए, जिनमें लगभग 2 किलो उच्च गुणवत्ता वाली हेरोइन थी. पुलिस के मुताबिक यह पाकिस्तान मूल की हेरोइन है, जिसकी कीमत करीब 12 करोड़ रुपये है.
अमृतसर से लाई गई थी खेप
पुलिस जांच में सामने आया कि 5 सितंबर को कुलदीप स्वामी गैंग सदस्य महेंद्र देलाना के निर्देश पर अमृतसर गया था. अगले दिन उसकी मुलाकात दो अज्ञात सप्लायरों से हुई. आरोप है कि इन्हीं लोगों से उसने करीब 2 किलो हेरोइन प्राप्त की. इसके बाद वह नशीले पदार्थों की खेप को कार के गुप्त हिस्से में छिपाकर दिल्ली लौट आया. अब पुलिस ड्रग्स सप्लायरों की पहचान और उनके नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है.
रंगदारी वसूली भी करता था आरोपी
पुलिस के अनुसार कुलदीप सिर्फ ड्रग्स तस्करी तक सीमित नहीं था. वह गैंग के लिए रंगदारी की रकम लेने और पहुंचाने का भी काम करता था. उसका काम दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान के विभिन्न इलाकों में 5 लाख से लेकर 50 लाख रुपये तक की रकम की डिलीवरी करना था. प्रत्येक असाइनमेंट के बदले उसे 15 हजार से 20 हजार रुपये तक भुगतान किया जाता था.
कारोबारी से गैंग के सदस्य तक का सफर
जांच में पता चला कि कुलदीप स्वामी राजस्थान के चूरू जिले का निवासी है. वह पहले सरदारशहर कृषि मंडी में एग्रीकल्चर कमोडिटी ट्रेडिंग का कारोबार करता था. वर्ष 2022 में कारोबार में उसे 50 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ. आर्थिक संकट और बढ़ते कर्ज के कारण वह मदद की तलाश में था. इसी दौरान उसकी पहचान इंस्टाग्राम के माध्यम से महेंद्र देलाना से हुई. पुलिस का दावा है कि देलाना ने आर्थिक मदद का भरोसा देकर उसे अपने नेटवर्क में शामिल कर लिया.
इंस्टाग्राम और टेलीग्राम से चलता था नेटवर्क
जांच एजेंसियों के अनुसार गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से काम करता था. गैंग के सदस्य अपनी लोकेशन या पहचान सीधे साझा नहीं करते थे. इसके बजाय सोशल मीडिया इंस्टाग्राम और टेलीग्राम पर कोड वर्ड, लाइव लोकेशन और करेंसी नोटों की तस्वीरों का इस्तेमाल किया जाता था. कैश या ड्रग्स की डिलीवरी से पहले नोट की तस्वीर भेजकर यह सुनिश्चित किया जाता था कि सामने वाला व्यक्ति सही संपर्क है. सत्यापन के बाद ही माल या रकम सौंपी जाती थी.
विदेश से संचालित हो रहा था नेटवर्क
दिल्ली पुलिस के मुताबिक महेंद्र देलाना, विदेश में मौजूद गैंगस्टर रोहित गोदारा का करीबी सहयोगी है. पुलिस का आरोप है कि दोनों विदेश से नेटवर्क संचालित कर रहे हैं. महेंद्र देलाना के खिलाफ दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात समेत कई राज्यों में पांच से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह वांछित चल रहा है. जांच एजेंसियों का कहना है कि रोहित गोदारा पहले लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा था और बाद में उसने गोल्डी बराड़ के साथ मिलकर अपना अलग आपराधिक नेटवर्क खड़ा कर लिया.
जांच जारी, और गिरफ्तारियां संभव
फिलहाल कुलदीप स्वामी पुलिस हिरासत में है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पाकिस्तान मूल की हेरोइन भारत तक कैसे पहुंची, इसके सप्लायर कौन हैं और हवाला नेटवर्क के जरिए पैसा किन लोगों तक पहुंचाया जाता था. बरामदगी में 2 किलो हेरोइन, एक मारुति स्विफ्ट डिजायर कार और दो मोबाइल फोन शामिल हैं. पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर इस नेटवर्क से जुड़े कई और लोगों के नाम सामने आ सकते हैं.
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