Tata Group Stocks: टाटा संस में चेयरमैन एन चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति और कंपनी की संभावित लिस्टिंग को लेकर टाटा ट्रस्ट्स के विरोध के बाद शुक्रवार को टाटा ग्रुप की कई लिस्टेड कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखी गई. टाटा केमिकल्स में तो 8% तक की गिरावट आई, जबकि TCS, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स और टाटा स्टील समेत कई शेयरों में भी बिकवाली देखने को मिली.
टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस के बोर्ड ने गुरुवार को एन चंद्रशेखरन को एक और पांच साल के लिए एग्जीक्यूटिव चेयरमैन बनाए रखने को मंजूरी दी. इसके साथ ही टाटा संस को शेयर बाजार में लिस्ट करने की दिशा में कदम बढ़ाने का फैसला भी किया गया. हालांकि, टाटा संस में करीब 66% हिस्सेदारी रखने वाले टाटा ट्रस्ट्स ने चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति का विरोध किया और बोर्ड के फैसले की कानूनी वैधता पर सवाल उठाए हैं.
Tata Chemicals Share Price: 8% तक लुढ़का शेयर
शुक्रवार को टाटा समूह के शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव टाटा केमिकल्स पर दिखा. कंपनी का शेयर BSE पर 735.70 रुपये के लेवल पर खुला और शुरुआती कारोबार में 8% से ज्यादा गिरकर करीब 718 रुपये के करीब ट्रेड करता दिखा. मार्केट में टाटा समूह के शेयरों पर निवेशकों की नजर इसलिए भी है क्योंकि टाटा संस की संभावित लिस्टिंग को लेकर घटनाक्रम उन लिस्टेड कंपनियों के लिए अहम हैं, जिनके पास टाटा संस में हिस्सेदारी है.
TCS से टाटा मोटर्स तक, कितने गिर गए स्टॉक्स?
टाटा समूह की सबसे बड़ी लिस्टेड कंपनियों में शामिल TCS के शेयरों में भी शुक्रवार को बिकवाली देखने को मिली, जबकि कई अन्य कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट देखी गई. TCS का शेयर बीएसई पर 2,179.50 रुपये के स्तर पर खुला और कारोबार के दौरान करीब 2,116 रुपय के लेवल तक आ गिरा.
- TCS में करीब 4% की गिरावट देखने को मिली.
- टाटा ट्रेंट में करीब 1% की गिरावट रही.
- टाटा एलेक्सी में भी 1% से ज्यादा की कमजोरी देखने को मिली.
- टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के शेयर करीब 3% नीचे आए.
- जबकि टाटा स्टील में 1.20% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई.
शुक्रवार की गिरावट से पहले गुरुवार को टाटा समूह के कई शेयरों में तेजी देखी गई थी. टाटा संस के बोर्ड के फैसले के बाद टाटा केमिकल्स, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स और टाटा स्टील समेत कुछ शेयरों में बढ़त आई थी.
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Tata Group Stocks पर क्यों पड़ रहा असर?
टाटा संस में चल रहे घटनाक्रम का असर लिस्टेड टाटा कंपनियों के शेयरों पर इसलिए देखा जा रहा है क्योंकि कई कंपनियों की टाटा संस में हिस्सेदारी है और कंपनी की संभावित लिस्टिंग से इनके निवेश के मूल्य को लेकर बाजार में काफी चर्चा रही है.
ऐसे में चंद्रशेखरन की नियुक्ति, टाटा संस की लिस्टिंग और टाटा ट्रस्ट्स के विरोध से जुड़ी खबरें निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण हो गई हैं. हालांकि, किसी शेयर की एक दिन की चाल को केवल टाटा संस विवाद से जोड़कर देखना सही नहीं होगा. शेयर बाजार में किसी स्टॉक की कीमत पर कई दूसरे बाजार और कंपनी-विशेष कारकों का भी असर पड़ता है.
टाटा संस में क्या है पेच?
टाटा संस के बोर्ड ने गुरुवार को एन चंद्रशेखरन को पांच साल के एक और कार्यकाल के लिए एग्जीक्यूटिव चेयरमैन बनाए रखने का फैसला किया. साथ ही टाटा संस की संभावित शेयर बाजार लिस्टिंग की दिशा में आगे बढ़ने का भी निर्णय लिया गया.
ये घटनाक्रम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि चंद्रशेखरन ने अगस्त में कहा था कि वो मौजूदा कार्यकाल पूरा होने के बाद एक और कार्यकाल नहीं चाहते. उनका मौजूदा कार्यकाल 20 फरवरी 2027 को खत्म होना है.
हालांकि, गुरुवार की बोर्ड बैठक के बाद घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया.
Tata Trusts ने नियुक्ति पर उठाए सवाल
टाटा संस में करीब 66% हिस्सेदारी रखने वाले टाटा ट्रस्ट्स ने चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति के फैसले का विरोध किया है.
टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने इस प्रस्ताव के खिलाफ वोट किया. ट्रस्ट्स ने दावा किया कि चंद्रशेखरन के दोबारा नियुक्ति संबंधी बोर्ड का फैसला कानूनी रूप से वैध नहीं है. ट्रस्ट्स ने इस संबंध में पूर्व चीफ जस्टिस DY चंद्रचूड़ की कानूनी राय का भी हवाला दिया है. टाटा ट्रस्ट्स का कहना है कि चंद्रशेखरन का मौजूदा कार्यकाल खत्म होने के बाद पद छोड़ने का उनका फैसला पहले ही स्वीकार किया जा चुका था और नया उत्तराधिकारी चुनने के लिए चयन समिति बनाने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया था. वहीं, टाटा संस के बोर्ड ने चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति को मंजूरी दी है. इस तरह फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग रुख सामने आया है.
Tata Sons Listing भी विवाद का हिस्सा
टाटा संस की शेयर बाजार में संभावित लिस्टिंग भी इस पूरे घटनाक्रम का अहम हिस्सा है. RBI ने टाटा संस को अपर-लेयर NBFC के रूप में क्लासीफाई किया था. टाटा संस की ओर से इस स्थिति से बाहर निकलने की कोशिश की गई थी, लेकिन RBI के रुख के बाद कंपनी पर लिस्टिंग की दिशा में आगे बढ़ने का दबाव बढ़ा है.
गुरुवार को टाटा संस के बोर्ड ने लागू RBI नियमों के अनुपालन और संभावित लिस्टिंग को लेकर आगे कदम उठाने का फैसला किया. लेकिन टाटा ट्रस्ट्स ने लिस्टिंग को लेकर भी अपनी सहमति नहीं दी है. ऐसे में चेयरमैन की नियुक्ति के साथ-साथ टाटा संस की लिस्टिंग का मुद्दा भी दोनों पक्षों के बीच मतभेद का अहम कारण बना हुआ है.
फिलहाल निवेशकों की नजर टाटा संस में चेयरमैन की नियुक्ति, संभावित लिस्टिंग और टाटा ट्रस्ट्स के रुख से जुड़े अगले घटनाक्रम पर है.
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