- युवराज सिंह मनचंदा 6 सितंबर को गुरुग्राम में मीटिंग के लिए गया था और वापस नहीं लौटा
- युवराज की हत्या के मामले में दिल्ली पुलिस ने एक महिला और उसके साथी को गिरफ्तार किया है
- युवराज की 1 महीने बाद शादी होनी थी. उसने 6 सितंबर को ही शेरवानी भी खरीदी थी
दिल्ली के सरिता विहार के रहने वाले 31 साल के युवराज सिंह मनचंदा की गुरुग्राम में हत्या कर दी गई और परिवार उसकी तलाश करता रहा. वह 6 सितंबर की शाम को एक मीटिंग की बात कहकर गुरुग्राम गया था लेकिन घर नहीं लौटा. परेशान परिवार ने 11 सितंबर को उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई और उसकी हत्या की जानकारी परिवार को 16 सितंबर को मिली. परिवार को बेटे के अंतिम दर्शन भी नसीब नहीं हुए. 1 महीने बाद युवराज की शादी होनी थी. हत्या के मामले में दिल्ली पुलिस ने एक महिला और उसके साथी को गिरफ्तार किया है.
पुलिस की शुरुआती जांच में हत्या के पीछे पैसे के लेनदेन का विवाद सामने आया है. दोनों आरोपी गुरुग्राम के रहने वाले बताए जा रहे हैं. शादी से एक महीने पहले युवराज की हत्या से परिवार बुरी तरह टूट गया है. बेटे ने तो घोड़ी चढ़ने के लिए शेरवानी भी खरीद ली थी.
मीटिंग की बात कहकर गया था गुरुग्राम
परिवार ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि युवराज 6 सितंबर को अपनी बहनों के साथ लाजपत नगर मार्केट खरीदारी करने गया था. शाम करीब 4:15 बजे उसने बहनों के साथ एक रेस्टोरेंट में खाना खाया. उसने अपनी बहनों से कहा कि उसे गुरुग्राम में एक मीटिंग के लिए जाना है. जिसके बाद बहनें कैब से घर लौट आईं और युवराज अपनी कार लेकर गुरुग्राम चला गया.
6 सतंबर से लापता, 11 सितंबर को गुमशुदगी की शिकायत दर्ज
शाम करीब 7 बजे परिवार की युवराज से फोन पर बात हुई थी. उसने कहा था कि वह रात करीब 10 बजे तक घर लौट आएगा. इसके बाद उनका उससे कोई संपर्क नहीं हुआ. 8 सितंबर की सुबह करीब 4:16 बजे युवराज के नंबर से परिवार को आखिरी व्हॉट्सऐप मैसेज मिला. इसके बाद उसका फोन बंद आने लगा. 11 सितंबर को परिवार ने लाजपत नगर थाने में उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई.
युवराज के कंधों पर थी परिवार की जिम्मेदारी
परिवार के मुताबिक युवराज सिंह मनचंदा की उम्र करीब 31 साल थी. वह सरिता विहार में अपने परिवार के साथ रहता था. वह घर का मुख्य कमाने वाला सदस्य था. एक महीने बाद उसकी शादी थी. घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं. 6 सितंबर को ही उसने अपनी शादी की शेरवानी खरीदी थी. बेटे की मौत से पिता, मां और बहनें टूट गए हैं. युवराज के पैरालाइज्ड हैं और मां को दिल की बीमारी है.
महिला आरोपी पहले युवराज के साथ करती थी जॉब
जांच में पता चला है कि गिरफ्तार महिला पहले युवराज के साथ जॉब करती थी. मृतक के परिवार का आरोप है कि महिला के खलाफ पहले धोखाधड़ी के मामले दर्ज रहे हैं. दूसरा गिरफ्तार आरोपी महिला का पार्टनर बताया जा रहा है. पुलिस की अब तक की जांच में हत्या की वजह पैसे के लेनदेन का विवाद सामने आया है. आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हत्या का असल मकसद क्या था और वारदात को किस तरह अंजाम दिया गया.
परिवार का आरोप है कि गिरफ्तार महिला हत्या की पूरी वजह और वारदात की पूरी कहानी पुलिस से छिपा रही है. हालांकि पुलिस युवराज के फोन से हत्या के बाद भेजे गए मैसेज और आरोपियों के साथ उसके संपर्क समेत दूसरे पहलुओं की जांच में जुटी है.
गुरुग्राम पुलिस की कार्रवाई पर सवाल
परिवार का आरोप है कि युवराज की हत्या 6 सितंबर को ही हो गई थी, लेकिन उनको इसकी जानकारी 16 सितंबर को दी गई. गुरुग्राम पुलिस को युवराज का शव 10 सितंबर को मिला था, लेकिन परिवार को इसकी जानकारी नहीं दी गई. शव की पहचान के लिए ZIPNET पर समय रहते जानकारी अपलोड नहीं की गई और 14 सितंबर को परिवार को सूचना दिए बिना शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया.
परिवार की मांग है कि युवराज की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, इनक्वेस्ट पेपर, फोटो, डीएनए सैंपल और उसके सामान को सुरक्षित रखा जाए और उनको उपलब्ध कराया जाए. दिल्ली पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है. पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर हत्या की वजह, वारदात में शामिल अन्य लोगों और हत्या के पूरे घटनाक्रम का पता लगाने में जुटी है.
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