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This Article is From Aug 14, 2025

रेणुकास्वामी हत्या केस: कन्नड़ एक्टर दर्शन की सुप्रीम कोर्ट से जमानत रद्द, हाईकोर्ट के फैसले को पलटा

ये फैसला सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर की गई याचिका पर सुनाया है. सुप्रीम कोर्ट को तय करना था कि दर्शन मिली जमानत बरकरार रखनी है या उसे खारिज कर देना है. 

रेणुकास्वामी हत्या केस: कन्नड़ एक्टर दर्शन की सुप्रीम कोर्ट से जमानत रद्द, हाईकोर्ट के फैसले को पलटा
  • सुप्रीम कोर्ट ने चर्चित रेणुकास्वामी हत्या मामले में अभिनेता दर्शन की जमानत रद्द कर दी है
  • कर्नाटक हाईकोर्ट ने पहले दर्शन को जमानत दी थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने पलट दिया है
  • सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट ने जमानत मामले में सजा या बरी करने जैसा फैसला सुनाया था
नई दिल्ली:

चर्चित रेणुकास्वामी हत्या मामले में कन्नड़ एक्टर दर्शन को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने दर्शन की जमानत को रद्द कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले को पलट दिया है. बता दें कि कर्नाटक हाईकोर्ट ने दर्शन को जमानत दे दी थी. 

ये फैसला सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर की गई याचिका पर सुनाया है. सुप्रीम कोर्ट को तय करना था कि दर्शन मिली जमानत बरकरार रखनी है या उसे खारिज कर देना है. जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने अभिनेता दर्शन की जमानत रद्द करने की मांग वाली याचिका पर यह फैसला सुनाया है.

इस मामले पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर ऐतराज जताते हुए कहा था कि हाईकोर्ट ने जमानत मामले में सजा या बरी करने जैसा फैसला सुना दिया. क्या हाईकोर्ट दूसरे मामलों में भी इसी तरह का आदेश सुनाता है? लेकिन हम ऐसी गलती नहीं दोहराएंगे.

सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि इस मामले में प्रथम दृष्टया न्यायिक शक्ति का गलत प्रयोग हुआ है. एक निचली अदालत के जज द्वारा ऐसी गलती करना अभी भी स्वीकार्य है लेकिन हाईकोर्ट के जज द्वारा ऐसी गलती करना सही नहीं है. जस्टिस जेबी पारदीवाला ने फैसला लिखने के लिए जस्टिस आर महादेवन की तारीफ की और कहा, यह फैसला एक बहुत ही कड़ा संदेश देता है. आरोपी कोई भी हो, वह कानून से ऊपर नहीं है! 

जस्टिस पारदीवाला ने ये भी चेतावनी दी है कि जिस दिन हमें पता चलेगा कि आरोपियों को जेल में 5-स्टार ट्रीटमेंट दिया जा रहा है, तो पहला कदम सभी अधिकारियों के साथ अधीक्षक को निलंबित करना होगा. जस्टिस पारदीवाला ने राज्य सरकार को भी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर हमें राज्य सरकार के खिलाफ कोई तस्वीरें या कोई वीडियो देखने को मिला कि किसी को वीआईपी सुविधा मिल रही है, तो सबसे पहले आपको तलब किया जाएगा.

जस्टिस पारदीवाल ने इस फैसले की कॉपी देश के सभी हाईकोर्ट और राज्य सरकार को भेजने का निर्देश दिया है.

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