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कृष्ण मोहन बने राम मंदिर ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव, चंपत राय पर क्या बोले कोषाध्यक्ष

गोविंद देव गिरी ने कहा कि कुछ अधिकारियों की नियुक्ति के लिए एक समिति का गठन किया गया है. साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि ट्रस्ट की अगली बैठक 22 जुलाई को आयोजित होगी. तब तक विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट भी आने की उम्मीद है.

कृष्ण मोहन बने राम मंदिर ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव, चंपत राय पर क्या बोले कोषाध्यक्ष
गोविंद गिरी महाराज ने कहा कि राम भक्तों को बदनाम करने की साजिश रची रही है.
  • राम मंदिर ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक में महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे को स्वीकार कर लिया गया है
  • कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव नियुक्त कर दोनों के कार्यभार संभालने का निर्णय लिया गया है
  • ट्रस्ट के 99 वर्षीय सदस्य के. पारासरण ने संविधान के अनुसार इस्तीफे अनिवार्य स्वीकार किए जाने की पुष्टि की

राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक के बाद उसके कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी महाराज ने प्रेस से बात की. उन्होंने शुरूआत मंत्र पढ़कर की और कहा कि अत्यंत असाधारण परिस्थिति में ये अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक हुई. सबसे बड़ा दुख ये था कि जिस परिस्थिति का सामना करना पड़ा है, वो बहुत दुखदायक है. राम मंदिर के लिए लोगों ने अपने प्राणों, परिवारों करियर की परवाह नहीं की और अब उसमें चोरी से हम लज्जित हैं, दुखी हैं. कितने की चोरी हुई ये बाद की बात है.  

अब कृष्ण मोहन संभालेंगे कामकाज

गोविंद गिरी महाराज ने आगे बताया कि राम मंदिर के ट्रस्ट से महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार हो गया है. साथ ही विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव को भी अब ट्रस्ट से बाहर कर दिया गया है. चंपत राय के कामकाज को अब कृष्ण मोहन संभालेंगे. फिलहाल इस बात का ऐलान नहीं हुआ है कि नया महासचिव कौन होगा, लेकिन अंतरिम तौर पर कृष्ण मोहन को कमान मिली है.  

के. पारासरण ने दिखाई राह

राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष ने बताया कि चंपत राय ने इस मामले में खुद ही इस्तीफा दे दिया था. हम लोग इसी पर निर्णय लेने के लिए आज जुटे थे.इस ट्रस्ट के नियमों का निर्माण करने वाले 99 वर्ष के के. पारासरण जी भी पूरे समय तक ऑनलाइन तक उपस्थित थे. पूरे कोरम के साथ बैठक हुई. इस बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्र के इस्तीफे पर मान्य करने और न करने पर विचार किया जाना था. मगर के पारासरण जी ने बताया कि ट्रस्ट के संविधान के अनुसार, त्यागपत्र देते ही स्वीकृत हो जाता है. इसलिए हमलोगों के पास इस्तीफे स्वीकार करने के अलावा कोई चारा ही नहीं था. के पारासरण जी ने खुद ट्रस्ट के संविधान को पढ़कर सुनाया कि आपलोगों के पास कोई ऑप्शन नहीं है. जब त्यागपत्र दे दिया गया है तो फिर आपको इस्तीफा स्वीकार करना ही होगा. तब हमलोगों ने चंपत राय जी का इस्तीफा स्वीकार कर लिया. मगर हमलोगों ने चंपत राय जी की सेवा का अभिनंदन भी किया. चंपत राय के राम मंदिर के लिए किए योगदान को सराहा गया. चंपत राय और अनिल मिश्रा लंबे समय से ट्रस्ट के कार्यों से जुड़े रहे हैं, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने स्वयं को ट्रस्ट के कामकाज से अलग करने का निर्णय लिया है. 

ट्रस्ट ने दिखाया दान वाला रजिस्टर

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गोविंद देव गिरी ने कहा कि मामले को लेकर कई तरह की बातें कही जा रही हैं और समाज में भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि आरोप लगाए जा रहे हैं कि केवल दानपात्रों से ही नहीं, बल्कि कई कीमती वस्तुएं भी चोरी हुई हैं. इन आरोपों के बीच ट्रस्ट ने कुछ महत्वपूर्ण वस्तुएं मीडिया के सामने प्रस्तुत कीं. उन्होंने बताया कि ट्रस्ट के पास 2,800 से अधिक वस्तुओं का विस्तृत रजिस्टर मौजूद है. इनमें दर्ज कई वस्तुओं में से कुछ को प्रमाण के तौर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखाया गया. उन्होंने भरोसा जताया कि ट्रस्ट भविष्य में और अधिक सतर्कता तथा पारदर्शिता के साथ कार्य करेगा.

सख्त कार्रवाई होनी चाहिए

गोविंद देव गिरी ने कहा कि कुछ अधिकारियों की नियुक्ति के लिए एक समिति का गठन किया गया है. साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि ट्रस्ट की अगली बैठक 22 जुलाई को आयोजित होगी. तब तक विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट भी आने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि एसआईटी रिपोर्ट मिलने के बाद ट्रस्ट उसकी समीक्षा करेगा और कुछ नए न्यासियों की नियुक्ति की घोषणा भी की जा सकती है. जो भी अपराधी हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और उन्हें उचित सजा मिलनी चाहिए. हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना को आधार बनाकर देशभर में अनावश्यक राजनीतिक माहौल बनाया जा रहा है.

'कारसेवकों पर गोलियां चलाने वाले उठा रहे सवाल'

गोविंद देव गिरी ने कहा, "आज वे लोग हमें उपदेश दे रहे हैं जिन्होंने कभी कारसेवकों पर गोलियां चलवाई थीं. राम के अस्तित्व पर सवाल उठाने वाले लोग अचानक रामभक्ति की बात कर रहे हैं. इसके पीछे कई कारण हैं, लेकिन सबसे बड़ा उद्देश्य समाज को बांटना है. ऐसे लोगों के किसी भी प्रलाप का विश्वास मत कीजिए. ये सब रामभक्तों को लांक्षित करने के लिए कर रहे हैं. इनके इरादे भारत माता के लिए घातक हैं. हमलोग रामराज्य लाकर रहेंगे." उन्होंने कहा कि अगर आपको लगता है कि आपका कोई सामान गायब है तो आप ट्रस्ट से समय लीजिए, आकर मिलिए और पूरी जानकारी रखिए. आप सभी धैर्य रखें, अपराधियों को दंड मिलेगा. रामराज्य आएगा, हम सभी रुकने वाले नहीं है. उन्होंने अपील की कि धैर्य रखें, शांत रहें, आपके हर सवालों का जवाब दिया जाएगा.

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