राम मंदिर के ट्रस्ट से महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार हो गया है. अब दोनों के कामकाज को कृष्ण मोहन संभालेंगे. इस बैठक के बारे में पूरी जानकारी ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंदानंद गिरी ने दी है.
जिम्मेदारी मिलने के बाद कृष्ण मोहन ने कहा कि मुझे अंतरिम महामंत्री की जिम्मेदारी मिली है. मेरी प्राथमिकता होगी कि जो भी दोषी पाया जाए, उसे सजा मिले.
उन्होंने कहा कि प्रबंधन और संचालन में कुछ कमियां रह गई थीं, जिसका फायदा कुछ लोगों ने उठाया. भविष्य में ऐसा कुछ न हो, यह तय करना हमारी जिम्मेदारी होगी. यदि ट्रस्ट की छवि धूमिल हुई है और समाज में अविश्वास पैदा हुआ है. उसे दूर करने के लिए जो भी जरूरी होगा, हम वह करेंगे. राम जन्मभूमि में जो कुछ भी दान आएगा, उसके बारे में सभी को पूरी जानकारी दी जाएगी. इससे समाज में ट्रस्ट के प्रति भरोसा बन सकेगा.
कौन हैं कृष्ण मोहन?
कृष्ण मोहन RSS के पदाधिकारी और पूर्व इंडियन फॉरेस्ट सर्विस (IFS) अधिकारी रह चुके हैं. 73 साल के कृष्ण मोहन को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पिछले साल ही ट्रस्ट मेंबर बनाया गया था. वह हरदोई के रहने वाले हैं.
कृष्ण मोहन पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए RSS के क्षेत्र संघ चालक (क्षेत्र प्रभारी) हैं. मोहन ने पिछले साल ट्रस्ट में कामेश्वर चौपाल की जगह ली थी.
चंपत राय को क्यों देना पड़ा इस्तीफा, क्या है राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला?
राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर गड़बड़ी और चोरी का मामला जून महीने में सामने आया था. विवाद बढ़ने के बाद सरकार ने एसआईटी जांच का गठन किया था.एसआईटी इस मामले में अब तक आठ अभियुक्तों को गिरफ्तार कर चुकी है. गठन के 10 दिनों के अंदर 23 जून को एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी.
इसके बाद 25 जून की शाम को इस मामले में आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया. ये नामित अभियुक्त 40 दानपात्रों के चढ़ावे को तीर्थयात्री सुविधा केंद्र पहुंचाने के बाद गिनती का काम करने वाली टीम के हिस्सा थे.
इसके बाद चंपत राय ने 6 जुलाई को मंदिर ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया.
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