अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अब जांच का सबसे अहम चरण सामने आ गया है. उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) को जांच पूरी करने के लिए दिया गया अतिरिक्त 15 दिनों का समय बुधवार को समाप्त हो रहा है. महत्वपूर्ण बात यह है कि जांच दल का कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाया गया है. ऐसे में माना जा रहा है कि SIT अगले 24 से 48 घंटे के भीतर अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंप सकती है. इस रिपोर्ट में कथित चढ़ावा चोरी से जुड़े तथ्यों, जिम्मेदार लोगों की भूमिका और व्यवस्थागत खामियों पर महत्वपूर्ण निष्कर्ष सामने आ सकते हैं.
आज पूरी हो रही अतिरिक्त समयसीमा
राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित गड़बड़ी मामले की जांच कर रही SIT को पहले निर्धारित अवधि के बाद 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया था. यह अतिरिक्त अवधि अब पूरी हो रही है और फिलहाल सरकार की ओर से जांच दल का कार्यकाल आगे बढ़ाने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है. इसी वजह से संभावना जताई जा रही है कि जांच रिपोर्ट तय समयसीमा के भीतर ही जमा कर दी जाएगी. हालांकि यह भी देखने वाली बात होगी कि SIT अंतिम रिपोर्ट दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगती है या नहीं.
सरकार को सौंपी जाएगी अंतिम रिपोर्ट
सूत्रों के मुताबिक SIT अपनी रिपोर्ट औपचारिक रूप से अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को सौंप सकती है. रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार उसकी समीक्षा करेगी और फिर प्रशासनिक या कानूनी कार्रवाई को लेकर फैसला लिया जाएगा. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए रिपोर्ट पर सभी की निगाहें टिकी हैं.
रिपोर्ट में हो सकते हैं बड़े खुलासे
जांच से जुड़े सूत्रों का मानना है कि रिपोर्ट में चढ़ावा प्रबंधन व्यवस्था की पूरी समीक्षा शामिल हो सकती है. संभावित बिंदुओं में ये शामिल हैं:
- दान पेटी से बैंक तक धन की पूरी प्रक्रिया की जांच
- कैश कलेक्शन और गिनती व्यवस्था की पड़ताल
- बैंकिंग प्रक्रिया और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच
- CCTV फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण
- संबंधित कर्मचारियों, सुपरवाइजरों और अधिकारियों की भूमिका
- सुरक्षा प्रोटोकॉल और SOP के पालन की समीक्षा
- निगरानी और ऑडिट सिस्टम का मूल्यांकन
रिपोर्ट में लापरवाही या मिलीभगत पाए जाने पर जिम्मेदारी भी तय की जा सकती है.
आरोपियों पर कार्रवाई की तैयारी
इस बीच मामले के आरोपियों पर प्रशासनिक कार्रवाई की चर्चाएं भी तेज हैं. चढ़ावा चोरी मामले में आरोपी बनाए गए कुछ लोगों की संपत्तियों और निर्माण कार्यों की भी जांच की जा रही है. बताया जा रहा है कि संबंधित विभागों ने नियमों के अनुपालन से जुड़े दस्तावेज भी मांगे हैं.
सरकार के अगले कदम पर नजर
राम मंदिर से जुड़े इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि SIT रिपोर्ट में क्या निष्कर्ष सामने आते हैं और उसके बाद सरकार क्या कार्रवाई करती है. चूंकि SIT का कार्यकाल नहीं बढ़ाया गया है, इसलिए अगले 24 से 48 घंटे इस मामले के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं. रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कथित चढ़ावा चोरी मामले में किसकी जवाबदेही तय होती है और आगे क्या कदम उठाए जाते हैं.
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