विज्ञापन

शहीद की बेटी की शादी में 24 साथी जवानों ने निभाईं पिता की रस्में, पूरा किया 23 साल पहले किया वादा

Rajasthan News: शहीद भागीरथ की पत्नी संतोष देवी की आंखें नम थीं. लेकिन उनके चेहरे पर गर्व साफ झलक रहा था. उन्होंने कहा कि भागीरथ जी चले गए, लेकिन उनके साथी आज भी हमारा परिवार हैं. वहीं शादी में पहुंच जवानों ने एक स्वर में कहा कि शहीद साथी से किया वादा हमेशा जिंदा रहेगा.  

शहीद की बेटी की शादी में 24 साथी जवानों ने निभाईं पिता की रस्में, पूरा किया 23 साल पहले किया वादा
दोस्त जवानों ने निभाया शहीद से किया वादा
  • नागौर में शहीद जवान भागीरथ कड़वासरा की बेटी सुष्मिता की शादी में साथी जवान पिता की भूमिका निभाने पहुंचे थे
  • 13 ग्रेनेडियर्स बटालियन के 24 जवानों ने शादी में कन्यादान, फेरे और अन्य पिता की रस्में पूरी कीं
  • भागीरथ कड़वासरा 1995 में सेना में भर्ती हुए थे और 2002 में आतंकवादियों से लड़ते हुए शहीद हो गए थे
जयपुर:

राजस्थान के नागौर के मेड़ता में एक शहीद की बेटी की शादी में कुछ ऐसा देखने को मिला, जिससे वहां मौजूद हर एक मेहमान की न सिर्फ आंखें नम हो गईं बल्कि सीना गर्व से भर गया. दरअसल हुआ कुछ यूं कि एक शहीद जवान के साथियों ने 23 साल पहले उससे किया हुआ वादा निभाते हुए उसकी बेटी की शादी में पिता का फर्ज निभाया. मौका था शहीद जवान भागीरथ कड़वासरा की बेटी सुष्मिता की शादी का. इस दौरान सुष्मिता के पिता के 24 साथी जवान ‘पिता' बनकर शादी समारोह में पहुंचे. यह सिर्फ एक शादी नहीं थी बल्कि यह फौजी भाईचारे, कर्तव्यनिष्ठा और वचन की मर्यादा का जीवंत उदाहरण था.

ये भी पढ़ें- अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी पहुंचे भागलपुर, 30 हजार करोड़ के मेगा पावर प्रोजेक्ट का लिया जायजा

Latest and Breaking News on NDTV

शहीद की बेटी की शादी में साथी जवानों ने निभाईं पिता की रस्में

मेड़ता उपखंड के कड़वासरो की ढाणी में शनिवार को शादी समारोह के दौरान ऐसा नजारा देख पूरा गांव भावुक हो उठा. 13 ग्रेनेडियर्स बटालियन (गंगानगर-जैसलमेर सेक्टर) के 24 जवान विशेष रूप से नागौर पहुंचे. कमान अधिकारी कर्नल सोमेन्द्र कुमार, अन्य अधिकारी और सेवानिवृत्त कर्नल सुरेश चंद्र राणा भी इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने. जवानों ने दुल्हन सुष्मिता को गोद में बिठाया, कन्यादान किया, फेरे लगवाए, आशीर्वाद दिया और हर वह रस्म निभाई जो एक पिता निभाता है. विदाई के समय जवानों की आंखें नम थ. ये देखकर वहां मौजूद मेहमानों की आंखें भी भर आईं. इस दौरान भावुक एक ग्रामीण ने कहा कि आज के समय में लोग अपने रिश्ते निभाने से कतराते हैं, लेकिन सेना ने दिखा दिया कि वादा क्या होता है. 

Latest and Breaking News on NDTV

2002 में भागीरथ कड़वासरा ने दी थी शहादत

बता दें कि भागीरथ कड़वासरा 1995 में भारतीय सेना की 13 ग्रेनेडियर्स में भर्ती हुए थे. 8 जून 2002 को असम के मिलनपुर गांव में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए वह शहीद हो गए थे. उनकी बहादुरी के लिए 26 मार्च 2003 को उन्हें मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया. वह अपने पीछे पत्नी संतोष देवी और नन्ही बेटी सुष्मिता को छोड़ गए थे.  उस समय साथी जवानों ने शहीद से वादा किया था-तुम्हारी बेटी की हर खुशी में हम साथ रहेंगे. शनिवार को वह वादा निभाया गया. 

Latest and Breaking News on NDTV

'शहीद साथी से किया वादा हमेशा जिंदा रहेगा'

शहीद भागीरथ की पत्नी संतोष देवी की आंखें नम थीं. लेकिन उनके चेहरे पर गर्व साफ झलक रहा था. उन्होंने कहा कि भागीरथ जी चले गए, लेकिन उनके साथी आज भी हमारा परिवार हैं. वहीं शादी में पहुंच जवानों ने एक स्वर में कहा कि शहीद साथी से किया वादा हमेशा जिंदा रहेगा. बता दें कि यह कहानी सिर्फ एक शादी की नहीं, बल्कि उस फौजी परंपरा की है, जहां ‘रक्त से नहीं, रिश्तों से भाईचारा' निभाया जाता है. सीमा पर दुश्मन से लड़ने वाले ये जवान, घर लौटकर भी अपने शहीद साथी का परिवार नहीं भूलते. भागीरथ कड़वासरा के साथी जवानों ने वादा पूरा कर ये दिखा दिया है. 

इनपुट- लोकेश श्रीवास्तव
 

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Rajasthan News, Nagaur Rajasthan, Martyrs Daughter Wedding, Wedding Rituals
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com