राजस्थान सरकार और गुर्जर समुदाय के प्रतिनिधिमंडल के बीच बुधवार को भी होगी बातचीत

अति पिछड़ा वर्ग (एमबीसी) के तहत आने वाले गुर्जर सहित पांच समुदाय के लोग नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में पांच प्रतिशत आरक्षण, छात्रों को छात्रवृत्ति और नौकरियों में पदोन्नति से संबंधित मुद्दों के समाधान की मांग कर रहे हैं.

राजस्थान सरकार और गुर्जर समुदाय के प्रतिनिधिमंडल के बीच बुधवार को भी होगी बातचीत

गुर्जर समाज की राजस्‍थान सरकार से कई मांगे हैं. (प्रतीकात्‍मक)

जयपुर :

कांग्रेस नेता राहुल गांधी की 'भारत जोड़ो यात्रा' के राजस्थान में आने से पहले राज्य सरकार के मंत्रियों ने मंगलवार को लगातार दूसरे दिन गुर्जर समुदाय के प्रतिनिधिमंडल के साथ उनकी आरक्षण संबंधी और अन्य लंबित मांगों को हल करने के लिए बातचीत की. दो अलग-अलग सत्रों में मंगलवार शाम कई घंटों तक चली बैठक के बाद राज्य सरकार और गुर्जर समुदाय के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को भी बातचीत के लिए आने पर सहमति जताई. 

अति पिछड़ा वर्ग (एमबीसी) के तहत आने वाले गुर्जर सहित पांच समुदाय के लोग नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में पांच प्रतिशत आरक्षण, छात्रों को छात्रवृत्ति और नौकरियों में पदोन्नति से संबंधित मुद्दों के समाधान की मांग कर रहे हैं. इसके अलावा वे गुर्जर समुदाय के कल्याण के लिये गठित देवनारायण बोर्ड के लिए बजट और पूर्व में हुए गुर्जर आरक्षण आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस में दर्ज मामलों को वापस लेने की भी मांग कर रहे हैं. 

खेल मंत्री अशोक चांदना ने बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा, 'कई मांगों पर सहमति बन गई है, लेकिन अभी एक बिंदु पर फैसला होना बाकी है. इसलिए बुधवार को भी बैठक बुलाई गई है.'

मंत्री बीडी कल्ला, राजेंद्र यादव और अशोक चांदना सहित तीन सदस्यीय मंत्रिमंडलीय उप समिति गुर्जर समुदाय के मुद्दों को हल करने के लिए उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत कर रही है. 

गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के नेता विजय बैंसला ने धमकी दी थी कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गई तो वे ‘भारत जोड़ो यात्रा' को राजस्थान में प्रवेश नहीं करने देंगे. 

बैंसला ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा 'जब तक हमें लिखित समझौता नहीं मिल जाता, तब तक हम इसे समझौता नहीं मानेंगे. हम कल फिर मिलेंगे और एक सकारात्मक समझौते की उम्मीद करेंगे. हम यहां अपने युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए आए हैं न कि व्यक्तिगत लाभ के लिए.'

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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