विज्ञापन

नहीं कटेंगे खेजड़ी वृक्ष! आंदोलन के 11वें दिन राजस्थान सरकार ने भेजी चिट्ठी, बनाएगी कानून

राजस्थान के बीकानेर शहर में 2 फरवरी से खेजड़ी की रक्षा के लिए कानून बनाने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन प्रदर्शन चल रहा था.

नहीं कटेंगे खेजड़ी वृक्ष! आंदोलन के 11वें दिन राजस्थान सरकार ने भेजी चिट्ठी, बनाएगी कानून
बीकानेर में खेजड़ी रक्षा के लिए आंदोलन में धरने पर बैठीं स्थानीय महिलाएं
IANS

राजस्थान के बीकानेर ज़िले में पिछले 11 दिनों से खेजड़ी वृक्ष को बचाने के लिए जारी आंदोलन समाप्त हो गया है. राजस्थान सरकार ने आंदोलनकारियों को भरोसा दिया है कि राज्य में खेजड़ी की रक्षा के बारे में एक विशेष क़ानून बनाया जाएगा और तबतक एक भी खेजड़ी पेड़ को नहीं काटा जाएगा. बीकानेर में खेजड़ी बचाओ आंदोलन के नाम से 2 फरवरी से एक विरोध प्रदर्शन चल रहा था. अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे आंदोलनकारियों का आरोप था कि राज्य में सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए खेजड़ी की अंधाधुंध कटाई की जा रही है. यह मुद्दा इतना बड़ा बन गया कि राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को विधानसभा में बयान देना पड़ा. प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता वसुंधरा राजे भी आंदोलन के समर्थन में उतर आईं और संत-समाज भी आंदोलन से जुड़ गया था. खेजड़ी राजस्थान का राज्य वृक्ष है और विशेष रूप से राजस्थान के लिए यह धार्मिक आस्था का वृक्ष माना जाता है. 

मंत्री के के विश्नोई ने धरने के दौरान आंदोलनकारियों को पहले भी आश्वासन दिया था

मंत्री के के विश्नोई ने धरने के दौरान आंदोलनकारियों को पहले भी आश्वासन दिया था
Photo Credit: IANS

सरकार ने दिया क़ानून बनाने का भरोसा

आंदोलन के 11वें दिन, कल 12 फ़रवरी की शाम राजस्थान सरकार के मंत्री के के विश्नोई राज्य सरकार की ओर से एक लिखित पत्र लेकर आंदोलनकारियों के पास पहुंचे. इस पत्र में बताया गया कि राजस्थान के राजस्व विभाग ने प्रदेश के सभी ज़िला कलेक्टरों को लिखित निर्देश दिया है कि जब तक नया प्रस्तावित कानून लागू नहीं हो जाता तब तक एक भी खेजड़ी वृक्ष की कटाई नहीं होगी. 

पत्र में बताया गया है कि खेजड़ी के सांस्कृतिक और पारिस्थितिक महत्व को देखते हुए सरकार ने इसकी रक्षा के लिए एक कानून बनाने का फैसला किया है. विश्नोई ने कहा कि सरकार विधानसभा के मौजूदा बजट सत्र में ही एक विधेयक लेकर आएगी और इस बारे में सभी कानूनी पहलुओं की समीक्षा की जा रही है. उन्होंने कहा कि संतों और पर्यावरणवादियों के साथ वार्ता जारी रहेगी.

राज्य सरकार के इस आश्वासन को आंदोलनकारियों के समन्वयक राम गोपाल बिश्नोई ने जनता के सामूहिक संघर्ष की जीत बताया है तथा समर्थकों से एकजुट रहने का आग्रह किया है. 

Latest and Breaking News on NDTV

क्यों ख़ास है खेजड़ी

राजस्थान के लिए खेजड़ी वृक्ष का ख़ास महत्व है जहां 1983 में इसे राज्य वृक्ष का दर्जा दिया गया था. खेजड़ी पश्चिमी राजस्थान में पाया जानेवाला एक ऐसा पेड़ है जो रेगिस्तान के कठिन वातावरण में भी टिका रहता है.

इसके अनेक तरह के फ़ायदे हैं. इनका इस्तेमाल ईंधन, चारे, दवा, सब्ज़ी के रूप में होता है. ये मिट्टी को बांधे रखने के साथ रेत के टीलों को स्थिर रखते हैं. साथ ही, इसकी जड़ें भूमिगत जल तक पहुंचने में मदद करती हैं जिससे खास तौर पर सूखे के समय में इनसे पानी तक पहुंचने में मदद मिलती है.

खेजड़ी वृक्ष राजस्थान के पर्यावरण प्रेमी बिश्नोई समुदाय के लिए धार्मिक आस्था का वृक्ष माना जाता है. इसकी रक्षा के लिए लगभग 300 वर्ष पहले एक ऐतिहासिक आंदोलन हुआ था. 
जोधपुर के खेजड़ली गांव में 12 सितंबर, 1730 को अमृता देवी के नेतृत्व में 363 बिश्नोई महिला-पुरुषों और बच्चों ने पेड़ों को बचाने के लिए अपना बलिदान दिया था. इस घटना को खेजड़ली नरसंहार के नाम से जाना जाता है. 

ये भी पढ़ें -:

Khejri Bachao Andolan: राजस्थान के लिए क्यों खास है खेजड़ी? इन 10 बातों से आप समझ जाएंगे

Bishnoi: बिश्नोई कौन हैं - गुरु जंभेश्वर के प्रकृतिपूजक समाज की पूरी कहानी

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com